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अयोध्या के अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय में 7D तकनीक से जीवंत होगी प्रभु श्रीराम की गाथाउत्तर प्रदेश
23 सित॰ 2026, 3:23 pm (1 घंटे पहले)· 1

अयोध्या के अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय में 7D तकनीक से जीवंत होगी प्रभु श्रीराम की गाथा

अयोध्या स्थित अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय में 20 नई दीर्घाएं बनाई जा रही हैं, जहां 7D तकनीक के जरिए प्रभु श्रीराम के जन्म, विवाह और वनवास के प्रसंग दिखाए जाएंगे।

धार्मिक नगरी अयोध्या पहुंचने वाले भक्तों और पर्यटकों को भगवान राम के पावन जीवन चरित्र से रू-ब-रू कराने के लिए एक अनूठा तकनीकी प्रयास किया जा रहा है। यहां स्थित अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय में प्रभु श्रीराम की लीलाओं को बेहद आधुनिक माध्यमों से दर्शाने की रूपरेखा तैयार की गई है। इस नई व्यवस्था के तहत भगवान राम के प्राकट्य, विवाह और वनवास से जुड़े पावन प्रसंगों को 7D तकनीक की मदद से एक जीवंत अनुभव के रूप में आगंतुकों के समक्ष पेश किया जाएगा।

संग्रहालय में तैयार हो रही हैं कुल 20 आधुनिक दीर्घाएं

अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय के निदेशक संजीव सिंह के अनुसार, पूरे परिसर में कुल 20 अलग-अलग वीथिकाएं यानी गैलरी तैयार करने का काम चल रहा है। इस पूरी योजना का मुख्य मकसद यह है कि जैसे ही कोई श्रद्धालु परिसर के भीतर कदम रखे, उसे चारों ओर प्रभु राम की भक्ति और उनके समय का वास्तविक वातावरण महसूस हो। आगंतुक सबसे पहले स्वागत पटल, रिसेप्शन और सोवेनियर ब्लॉक से होकर अंदर दाखिल होंगे, जिसके बाद उनके साथ राम कथा की श्रृंखला क्रमबद्ध रूप में आगे बढ़ेगी।

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पहली दीर्घा का नाम होगा 'रामोत्सव'

मुख्य भवन के अंदर प्रवेश करते ही आने वाले लोगों का सामना पहली वीथिका से होगा, जिसका नाम 'रामोत्सव' तय किया गया है। इस खास गैलरी में प्रभु राम के जीवन सफर से जुड़े तीन सबसे बड़े उत्सवों को केंद्रीय विषय बनाया गया है। इसमें सबसे पहले उनके जन्म के अलौकिक पल को रामनवमी के पावन पर्व के रूप में दर्शाया जाएगा। इसके बाद प्रभु राम और माता सीता के विवाह से जुड़ा विवाहोत्सव प्रदर्शित होगा, और अंत में 14 वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या आगमन तथा भव्य दीपोत्सव के पूरे दृश्य को विस्तार से दिखाया जाएगा।

अयोध्या और रामकथा के गहरे रिश्ते की प्रस्तुति

संजीव सिंह का कहना है कि भगवान राम और अयोध्या की धरती का नाता अत्यंत आत्मीय और अटूट है। प्रभु के सांसारिक सफर के हर महत्वपूर्ण मोड़ पर अयोध्या एक प्रमुख केंद्र के रूप में जुड़ी रही। जन्म लेने के बाद उन्होंने अपना बचपन और युवावस्था का समय अयोध्या में गुजारा, विवाह के पश्चात वे माता सीता के साथ अयोध्या लौटे और लंका विजय तथा वनवास समाप्ति के बाद भी उन्होंने इसी नगरी में पुनर्प्रवेश किया। उनके पावन जीवन के इन्हीं तीन बड़े पड़ावों को अयोध्या में उत्सव की परंपरा के तौर पर सदियों से मनाया जाता रहा है। इसी सांस्कृतिक सोच को आधार बनाकर पहली वीथिका का नाम रामोत्सव रखा गया है, ताकि भक्तगण राम के जीवन और अयोध्या की उत्सव परंपरा के गहरे रिश्ते को भली-भांति जान सकें।

आठ से नौ महीने में तैयार होगा पूरा प्रोजेक्ट

संग्रहालय की सभी 20 दीर्घाओं के निर्माण और सौंदर्यीकरण का काम समानांतर रूप से एक साथ किया जा रहा है। सभी गैलरियों के विकास और प्रस्तुतीकरण से जुड़ी रूपरेखा वर्तमान में ऑफलाइन स्तर पर तेजी से आगे बढ़ रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरी तरह तैयार करने में लगभग 8 से 9 महीने का समय लग सकता है। यह संग्रहालय आने वाले समय में देश-विदेश के श्रद्धालुओं को धर्म, इतिहास, संस्कृति और आधुनिक तकनीक के अद्भुत संगम का अनुभव कराएगा। 7D तकनीक के जरिए तैयार किए जा रहे ये दृश्य दर्शनार्थियों को राम कथा को एक बिल्कुल नए और अविस्मरणीय अंदाज में देखने का अवसर प्रदान करेंगे।

सवाल-जवाब

अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय किस शहर में स्थित है?
यह संग्रहालय उत्तर प्रदेश के अयोध्या शहर में स्थित है, जहां प्रभु श्रीराम के जीवन प्रसंगों को प्रदर्शित किया जा रहा है।
संग्रहालय में किस आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है?
संग्रहालय में भगवान राम के जन्म, विवाह और वनवास जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रदर्शित करने के लिए 7D तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
परिसर में कुल कितनी वीथिकाएं या गैलरी बनाई जा रही हैं?
संग्रहालय के भीतर कुल 20 वीथिकाएं यानी गैलरी विकसित की जा रही हैं।
संग्रहालय की पहली गैलरी का नाम क्या रखा गया है?
मुख्य भवन में प्रवेश करते ही पहली दीर्घा का नाम 'रामोत्सव' रखा गया है।
रामोत्सव गैलरी में किन मुख्य घटनाओं को दिखाया जाएगा?
इस गैलरी में रामनवमी के रूप में राम जन्म, प्रभु राम और सीता जी का विवाहोत्सव, तथा वनवास समाप्ति पर अयोध्या वापसी और दीपोत्सव को दिखाया जाएगा।
इस पूरे प्रोजेक्ट को तैयार होने में कितना समय लगेगा?
संग्रहालय के निदेशक संजीव सिंह के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरा होने में लगभग 8 से 9 महीने का समय लग सकता है।
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टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·43 मिनट पहले

अब अयोध्या में तकनीक से रामकथा देखना वाकई नया और शानदार अनुभव होगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·42 मिनट पहले

रविकेश जी, बात तो सही है लेकिन 7D तकनीक के चक्कर में असली श्रद्धा और शांति कहीं पीछे न छूट जाए।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

पिछली बार जब मैं अयोध्या गया था, तब संग्रहालय काफी साधारण था। अब यह 7D तकनीक वाला नया रूप देख कर सचमुच वहाँ दोबारा जाने की इच्छा हो रही है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

रोहन भाई, सही कहा आपने! अब तकनीक से अयोध्या जाना और भी खास अनुभव बन जाएगा।

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