हरियाणा में हाल ही में राज्य अपराध जांच विभाग यानी सीआईडी के तहत गठित आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने मादक पदार्थों और अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय नार्को-आतंकवाद नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। यह कार्रवाई पंचकूला के एक क्लब में 13 सितंबर की सुबह हुई हिंसक गोलीबारी की घटना की गहराई से पड़ताल के बाद सामने आई। जांच एजेंसियों ने पंजाब के विभिन्न जिलों से कुल सात युवकों को हिरासत में लिया है, जिनके तार सीधे तौर पर विदेशों में बैठे आपराधिक सिंडिकेट के आकाओं से जुड़े पाए गए हैं। नए स्वरूप में सामने आई विशेषज्ञ एजेंसी एटीएस द्वारा सफलतापूर्वक सुलझाया गया यह राज्य का पहला नार्को-आतंकवाद मामला बन गया है।
पंचकूला क्लब विवाद से खुली तस्करी की परतें
इस पूरे मामले की शुरुआत 13 सितंबर को तड़के पंचकूला स्थित एक नाइट क्लब से हुई थी। वहां दो अलग-अलग गाड़ियों में सवार होकर पांच युवक पहुंचे थे। क्लब के भीतर शराब पीने के दौरान युवकों के बीच किसी बात पर तीखी कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर एक युवक ने बाहर खड़ी अपनी गाड़ी से हथियार निकाला और क्लब परिसर में दो राउंड गोलियां चला दीं। इस अचानक हुई फायरिंग के दौरान वहां मौजूद एक युवती गोली लगने से घायल हो गई, जिसे फौरन नजदीकी अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया। स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और प्राथमिकी दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात स्थल से ही तीन आरोपियों को दबोच लिया।
जांच का दायरा बढ़ा और एटीएस को सौंपी गई कमान
घटना की संवेदनशीलता और हथियारों के इस्तेमाल को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने मामले की विस्तृत पड़ताल की जिम्मेदारी एटीएस को सौंप दी। हरियाणा एटीएस के पुलिस अधीक्षक (एसपी) वरुण सिंगला ने बताया कि शुरुआती तीन गिरफ्तारियों के बाद तकनीकी और खुफिया सुरागों के आधार पर पंजाब में बड़े पैमाने पर छापेमारी की गई। जांच टीम ने एक आरोपी को पंजाब के एसएएस नगर (मोहाली) से गिरफ्तार किया, जबकि तीन अन्य आरोपियों को लुधियाना से पकड़ा गया। इस तरह अब तक इस सिंडिकेट से जुड़े कुल सात आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
बेरोजगार युवाओं को मोहरा बना रहे थे विदेशी आका
पुलिस जांच में सामने आया है कि पकड़े गए सभी सातों आरोपी पंजाब के फिरोजपुर और लुधियाना सहित आसपास के इलाकों के निवासी हैं। इन सभी की उम्र 20 से 25 साल के बीच है और इनमें से अधिकांश युवक बेरोजगार थे। इसी बेरोजगारी और आर्थिक तंगी का फायदा उठाकर विदेश में बैठे हैंडलर्स ने उन्हें अपने जाल में फंसाया था। पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण से पुष्टि हुई है कि इस नेटवर्क का संचालन मुख्य रूप से अमेरिका और अन्य विदेशी धरती से किया जा रहा था। विदेशी आका इन स्थानीय युवाओं को सुरक्षित ठिकाने, महंगी गाड़ियां और पैसे मुहैया कराते थे, ताकि उनके निर्देशानुसार मादक पदार्थों, अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की बिक्री से जुटाए गए धन को एक जगह से दूसरी जगह सुरक्षित पहुंचाया जा सके।
हथियार, हेरोइन और नकदी गिनने की मशीनें बरामद
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से और उनकी निशानदेही पर सुरक्षा एजेंसियों ने भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। बरामदगी में 529 ग्राम हेरोइन, एक अमेरिकी पिस्तौल, एक.30-बोर की पिस्तौल, 12 जिंदा कारतूस, तीन नोट गिनने की मशीनें और पांच मोबाइल फोन शामिल हैं। इसके अलावा अपराध में इस्तेमाल की गई दो कारें और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। नकदी गिनने वाली मशीनों की मौजूदगी यह साफ दर्शाती है कि यह गिरोह नशे के अवैध कारोबार से भारी मात्रा में नकदी का लेन-देन कर रहा था, जिसका इस्तेमाल आतंकवाद को खाद-पानी देने के लिए किया जाता था।





















