पेट के ऊपरी हिस्से में अचानक उठने वाला तेज दर्द, बार-बार जी मिचलाना या उल्टी होना, ज्यादातर लोग इसे मामूली गैस या एसिडिटी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. यूनिक त्यागी का कहना है कि यही आम सी दिखने वाली तकलीफ असल में पित्त की थैली यानी गॉल ब्लैडर में बनी पथरी का इशारा हो सकती है, और अगर इसे समय पर पहचानकर सही इलाज नहीं कराया गया तो मामला गंभीर मोड़ ले सकता है.
डॉ. त्यागी के अनुसार गॉल ब्लैडर में पथरी बनना कोई असामान्य बात नहीं है, यह काफी आम समस्या है. दिलचस्प पहलू यह है कि इससे ज्यादातर लोगों को कोई खास दिक्कत महसूस ही नहीं होती. कई मरीजों को तो सालों तक इस बात की भनक तक नहीं लगती कि उनकी पित्त की थैली में पथरी मौजूद है. लेकिन कुछ मरीजों में यही पथरी अचानक तेज दर्द और दूसरी परेशानियों की जड़ बन जाती है.
पित्त की पथरी का दर्द पहचानें कैसे
डॉ. त्यागी बताते हैं कि पित्त की पथरी से होने वाला दर्द ज्यादातर पेट के ऊपरी दाएं हिस्से में महसूस होता है. यह दर्द अचानक शुरू होता है और उसकी तीव्रता काफी ज्यादा होती है. कई बार यह दर्द वहीं नहीं रुकता, बल्कि पीठ, कमर या दाएं कंधे तक फैल जाता है. डॉक्टरी भाषा में इसे बिलियरी कोलिक कहा जाता है. इस दर्द के साथ मरीज को मतली, उल्टी और बेचैनी जैसी शिकायतें भी हो सकती हैं. कई मामलों में दर्द इतना असहनीय हो जाता है कि मरीज को तुरंत अस्पताल का रुख करना पड़ता है.
कौन से लक्षण खतरे की घंटी हैं
अगर इस दर्द के साथ तेज बुखार चढ़ने लगे, ठंड लगकर कंपकंपी हो या आंखों और त्वचा का रंग पीला पड़ने लगे, तो इसे हल्के में लेना ठीक नहीं. डॉ. त्यागी के मुताबिक ऐसे लक्षण बताते हैं कि पथरी अपनी जगह छोड़कर पित्त की नली में जाकर फंस गई है, जिससे संक्रमण या कोई और गंभीर दिक्कत पैदा हो सकती है. ऐसी स्थिति में देर किए बिना तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.
इलाज के कौन-कौन से रास्ते मौजूद हैं
डॉ. त्यागी के अनुसार गॉल ब्लैडर की पथरी का सबसे कारगर इलाज लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी है. इस प्रक्रिया में छोटे-छोटे चीरे लगाकर पूरी पित्त की थैली ही निकाल दी जाती है, जिससे मरीज जल्द ठीक होकर अपनी सामान्य जिंदगी में लौट पाता है. वहीं अगर पथरी पित्त की मुख्य नली में जाकर अटक जाए, तो पहले ERCP प्रक्रिया के जरिए उस पथरी को निकालकर नली को साफ किया जाता है, और उसके बाद जरूरत पड़ने पर गॉल ब्लैडर की सर्जरी की जाती है.













