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दाईं पसली के नीचे अचानक तेज दर्द को गैस मानने की भूल न करें, गॉल ब्लैडर स्टोन की तरफ करता है इशारास्वास्थ्य
5 जुल॰ 2026, 8:07 am (45 दिन पहले)· 2

दाईं पसली के नीचे अचानक तेज दर्द को गैस मानने की भूल न करें, गॉल ब्लैडर स्टोन की तरफ करता है इशारा

पेट के ऊपरी दाएं हिस्से में अचानक तेज दर्द, मतली और उल्टी को गैस-एसिडिटी समझकर टालना भारी पड़ सकता है, क्योंकि गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. यूनिक त्यागी के मुताबिक यह गॉल ब्लैडर की पथरी का लक्षण हो सकता है.

पेट के ऊपरी हिस्से में अचानक उठने वाला तेज दर्द, बार-बार जी मिचलाना या उल्टी होना, ज्यादातर लोग इसे मामूली गैस या एसिडिटी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. यूनिक त्यागी का कहना है कि यही आम सी दिखने वाली तकलीफ असल में पित्त की थैली यानी गॉल ब्लैडर में बनी पथरी का इशारा हो सकती है, और अगर इसे समय पर पहचानकर सही इलाज नहीं कराया गया तो मामला गंभीर मोड़ ले सकता है.

डॉ. त्यागी के अनुसार गॉल ब्लैडर में पथरी बनना कोई असामान्य बात नहीं है, यह काफी आम समस्या है. दिलचस्प पहलू यह है कि इससे ज्यादातर लोगों को कोई खास दिक्कत महसूस ही नहीं होती. कई मरीजों को तो सालों तक इस बात की भनक तक नहीं लगती कि उनकी पित्त की थैली में पथरी मौजूद है. लेकिन कुछ मरीजों में यही पथरी अचानक तेज दर्द और दूसरी परेशानियों की जड़ बन जाती है.

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पित्त की पथरी का दर्द पहचानें कैसे

डॉ. त्यागी बताते हैं कि पित्त की पथरी से होने वाला दर्द ज्यादातर पेट के ऊपरी दाएं हिस्से में महसूस होता है. यह दर्द अचानक शुरू होता है और उसकी तीव्रता काफी ज्यादा होती है. कई बार यह दर्द वहीं नहीं रुकता, बल्कि पीठ, कमर या दाएं कंधे तक फैल जाता है. डॉक्टरी भाषा में इसे बिलियरी कोलिक कहा जाता है. इस दर्द के साथ मरीज को मतली, उल्टी और बेचैनी जैसी शिकायतें भी हो सकती हैं. कई मामलों में दर्द इतना असहनीय हो जाता है कि मरीज को तुरंत अस्पताल का रुख करना पड़ता है.

कौन से लक्षण खतरे की घंटी हैं

अगर इस दर्द के साथ तेज बुखार चढ़ने लगे, ठंड लगकर कंपकंपी हो या आंखों और त्वचा का रंग पीला पड़ने लगे, तो इसे हल्के में लेना ठीक नहीं. डॉ. त्यागी के मुताबिक ऐसे लक्षण बताते हैं कि पथरी अपनी जगह छोड़कर पित्त की नली में जाकर फंस गई है, जिससे संक्रमण या कोई और गंभीर दिक्कत पैदा हो सकती है. ऐसी स्थिति में देर किए बिना तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.

इलाज के कौन-कौन से रास्ते मौजूद हैं

डॉ. त्यागी के अनुसार गॉल ब्लैडर की पथरी का सबसे कारगर इलाज लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी है. इस प्रक्रिया में छोटे-छोटे चीरे लगाकर पूरी पित्त की थैली ही निकाल दी जाती है, जिससे मरीज जल्द ठीक होकर अपनी सामान्य जिंदगी में लौट पाता है. वहीं अगर पथरी पित्त की मुख्य नली में जाकर अटक जाए, तो पहले ERCP प्रक्रिया के जरिए उस पथरी को निकालकर नली को साफ किया जाता है, और उसके बाद जरूरत पड़ने पर गॉल ब्लैडर की सर्जरी की जाती है.

सवाल-जवाब

गॉल ब्लैडर की पथरी का दर्द शरीर में कहां महसूस होता है?
यह दर्द ज्यादातर पेट के ऊपरी दाएं हिस्से में होता है और कई बार पीठ, कमर या दाएं कंधे तक फैल जाता है.
इस दर्द को डॉक्टर किस नाम से बुलाते हैं?
डॉक्टर इसे बिलियरी कोलिक कहते हैं.
कौन से लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?
अगर दर्द के साथ तेज बुखार, ठंड लगना या आंखों और त्वचा का रंग पीला पड़ जाए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि यह पथरी के नली में फंसने का संकेत हो सकता है.
गॉल ब्लैडर स्टोन का सबसे प्रभावी इलाज क्या है?
डॉ. यूनिक त्यागी के मुताबिक सबसे प्रभावी इलाज लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी है, जिसमें छोटे चीरे लगाकर पित्त की थैली निकाल दी जाती है.
अगर पथरी मुख्य पित्त नली में फंस जाए तो क्या किया जाता है?
ऐसी स्थिति में पहले ERCP प्रक्रिया से पथरी निकालकर नली साफ की जाती है, फिर जरूरत पड़ने पर गॉल ब्लैडर की सर्जरी की जाती है.
क्या हर किसी को गॉल ब्लैडर की पथरी से तकलीफ होती है?
नहीं, ज्यादातर लोगों को इससे कोई परेशानी नहीं होती और कई मरीजों को सालों तक इसका पता ही नहीं चलता.
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