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अंतरंग पलों के दौरान सिर में उठने वाला तेज दर्द बन रहा है बड़ी समस्या, जानिए इसके कारणस्वास्थ्य
17 अग॰ 2026, 9:40 pm (1 घंटे पहले)· 1

अंतरंग पलों के दौरान सिर में उठने वाला तेज दर्द बन रहा है बड़ी समस्या, जानिए इसके कारण

कई महिलाओं को यौन संबंधों के दौरान या उसके तुरंत बाद गंभीर सिरदर्द की समस्या का सामना करना पड़ता है। विशेषज्ञ इसे शारीरिक मेहनत, रक्तचाप और हार्मोनल बदलावों से जोड़कर देखते हैं।

शारीरिक अंतरंगता के बाद जहां आमतौर पर तनाव कम होने और राहत मिलने की बात कही जाती है, वहीं कुछ महिलाओं के लिए यह अनुभव बेहद कष्टदायक साबित होता है। कई महिलाओं को सेक्स के दौरान या उसके तुरंत बाद सिर में असहनीय दर्द का अनुभव होता है, जिसके लिए उन्हें अक्सर दर्द निवारक गोलियों का सहारा लेना पड़ता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर इस विषय पर खुलकर चर्चा हुई है, जहां एक यूजर ने बताया कि बैक-टू-बैक राउंड के दौरान उन्हें जीवन का सबसे भयानक सिरदर्द महसूस हुआ। उन्होंने इस दर्द का वर्णन करते हुए लिखा कि यह उनके पूरे सिर में आधे घंटे तक हथौड़े की तरह बजता रहा, जबकि एक अन्य यूजर ने इस दर्द को बेहद आक्रामक और विस्फोटक बताया।

यौन स्वास्थ्य विशेषज्ञ सारा मुलिंडवा के अनुसार, कुछ लोगों को सिर और गर्दन के हिस्से में सुस्त दर्द या भारीपन महसूस होता है जो ऑर्गे्ज़्म के करीब आते ही तेज हो जाता है। वहीं कुछ अन्य मामलों में यह दर्द बिना किसी चेतावनी के अचानक चरम पर पहुंच जाता है। हालांकि यह दर्द कुछ ही समय में अपने आप ठीक भी हो सकता है, लेकिन कई बार इसके लक्षण घंटों तक बने रहते हैं।

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रक्तचाप और शारीरिक श्रम का प्रभाव

सेक्स के दौरान शरीर एक साथ कई तरह की शारीरिक प्रक्रियाओं से गुजर रहा होता है। इस दौरान दिल की धड़कन तेज हो जाती है और ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता है। इस कार्डियोवैस्कुलर गतिविधि के जवाब में सिर, गर्दन और कंधों के आसपास की मांसपेशियां तनावग्रस्त हो जाती हैं। इन दोनों कारकों यानी बढ़ी हुई शारीरिक सक्रियता और मांसपेशियों के खिंचाव के मेल को ही इस तरह के सिरदर्द की मुख्य वजह माना जाता है।

इसका मतलब यह है कि जरूरी नहीं कि ऑर्गे्ज़्म खुद इस दर्द की वजह हो, बल्कि सेक्स अपने आप में एक शारीरिक गतिविधि है और जो लोग इस प्रकार के श्रम से होने वाले सिरदर्द के प्रति संवेदनशील होते हैं, उनके शरीर में ऑर्गे्ज़्म तक पहुंचने की प्रक्रिया एक ट्रिगर का काम करती है। अन्य प्रकार के सिरदर्द की तरह इसके कारण और ट्रिगर भी हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। जो लोग माइग्रेन या सिरदर्द की पुरानी समस्या से जूझते हैं, वे इसके प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं। इसके अलावा थकान, तनाव, शरीर में पानी की कमी, शराब का सेवन या गर्दन की जकड़न भी इस समस्या को और बढ़ा सकती है।

हार्मोनल बदलावों की भूमिका

क्लीनिकल सेक्सोलॉजिस्ट और मनोचिकित्सक नेस कूपर बताती हैं कि सेक्स के दौरान शरीर में कई तरह के हार्मोन अचानक से प्रवाहित होते हैं, जिनमें कुछ हार्मोन दूसरों की तुलना में अधिक मात्रा में होते हैं। सेक्स के वक्त शरीर में प्रोलैक्टिन और एस्ट्रोजन जैसे हार्मोनों के स्तर में उतार-चढ़ाव होता है, जिसे एक रोलरकोस्टर की तरह माना जा सकता है। कुछ लोगों का शरीर इन हार्मोनल बदलावों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होता है।

जब ये हार्मोन अचानक सक्रिय होते हैं, तो वे रक्त वाहिकाओं यानी वैस्कुलर सिस्टम को प्रभावित करते हैं, जिससे अंततः सिरदर्द की शिकायत पैदा हो जाती है। इसके अलावा सेक्स के दौरान और उसके बाद सेरोटोनिन का संतुलन भी थोड़ा गड़बड़ा सकता है, जो सिरदर्द की संभावना को और अधिक बढ़ा देता है।

सेक्स पोजीशन और शारीरिक स्थिति

विभिन्न सेक्स पोजीशन भी इस तरह के सिरदर्द को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाती हैं। मांसपेशियों की कमजोरी या कुछ विशेष मुद्राएं शरीर में खिंचाव पैदा करती हैं, जिससे टेंशन हेडशेक की समस्या शुरू हो जाती है। कुछ महिलाओं का मानना है कि ऊपर की पोजीशन उनके लिए कम स्थिर होती है, जबकि अन्य पोजीशन के कारण शरीर में जरूरत से ज्यादा हलचल होती है और खिंचाव बढ़ जाता है। कोई भी ऐसी मुद्रा जिसमें पेल्विक फ्लोर पर ज्यादा दबाव पड़े, इस समस्या से जुड़ी हो सकती है।

विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि जिन पोजीशनों में सिर को लंबे समय तक नीचे की ओर झुकाकर रखना पड़ता है, वे भी इस दर्द का कारण बन सकती हैं। ऐसे में एंगल बदलकर या तकियों का सही इस्तेमाल करके गर्दन को उचित सहारा देना इस परेशानी से राहत दिला सकता है। जिन महिलाओं को पहले से ही सिरदर्द की शिकायत रही है, उन्हें इस मामले में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

डॉक्टर से संपर्क कब करना चाहिए

विशेषज्ञों का यह स्पष्ट कहना है कि यदि किसी को बार-बार इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो किसी पेशेवर चिकित्सक से परामर्श अवश्य लेना चाहिए। हालांकि अधिकांश मामलों में सेक्स से जुड़ा सिरदर्द सामान्य होता है, लेकिन ऑर्गे्ज़्म के दौरान या तुरंत बाद होने वाला अचानक और बेहद गंभीर सिरदर्द हमेशा सामान्य नहीं माना जा सकता है। यदि यह दर्द चंद सेकंड के भीतर ही अपने चरम पर पहुंच जाता है, तो तुरंत मेडिकल सहायता लेनी चाहिए।

यदि इस तरह के सिरदर्द के साथ उल्टी, चक्कर आना, भ्रम की स्थिति, बेहोशी, कमजोरी, बोलने या देखने में परेशानी या गर्दन में जकड़न जैसे लक्षण भी दिखाई दें, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। भले ही सेक्स के बाद हल्का सिरदर्द होने पर घबराने की जरूरत न हो, लेकिन एक नया और अत्यधिक गंभीर दर्द हमेशा गंभीर चिकित्सा जांच की मांग करता है।

सवाल-जवाब

सेक्स के दौरान या बाद में सिरदर्द क्यों होता है?
यह मुख्य रूप से शारीरिक श्रम, रक्तचाप में वृद्धि, मांसपेशियों में खिंचाव और हार्मोनल बदलावों के कारण होता है।
क्या सेक्स से जुड़ा सिरदर्द खतरनाक हो सकता है?
अधिकांश मामले सामान्य होते हैं, लेकिन यदि सिरदर्द अचानक और बेहद गंभीर हो तथा उसके साथ उल्टी या चक्कर आएं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
क्या सेक्स पोजीशन बदलने से सिरदर्द में आराम मिल सकता है?
हां, ऐसी पोजीशन से बचने से मांसपेशियों का तनाव कम हो सकता है जो सिरदर्द को बढ़ावा देती हैं।
किन लोगों को इस तरह के सिरदर्द का खतरा ज्यादा होता है?
जिन्हें पहले से ही माइग्रेन या सिरदर्द की पुरानी समस्या रही है, वे इसके प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं।
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