हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय ने वैश्विक उच्च शिक्षा पटल पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। संस्थान ने टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में पहली बार जगह बनाते हुए अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय मुकाम हासिल किया है। वैश्विक मूल्यांकन के तहत विश्वविद्यालय को 701-800 के वैश्विक रैंकिंग बैंड में स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि भारत के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों की सम्मिलित सूची में यह संस्थान 17वें स्थान पर काबिज हुआ है। धर्मशाला स्थित इस विश्वविद्यालय ने बहुत ही कम समय के भीतर देश और दुनिया के नक्शे पर एक मजबूत पहचान स्थापित की है।
राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन
कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे संस्थान के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि देशभर के करीब 1400 विश्वविद्यालयों तथा उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय ने कई पुराने और पारंपरिक रूप से प्रतिष्ठित संस्थानों को पीछे छोड़ते हुए यह स्थिति पाई है। राज्य स्तर पर भी संस्थान का दबदबा देखने को मिला है, जहां हिमाचल प्रदेश के सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच विश्वविद्यालय ने प्रथम स्थान हासिल कर अपनी उत्कृष्टता साबित की है।
केंद्रीय विश्वविद्यालयों के बीच प्रदर्शन और मूल्यांकन के पैमाने
देश में संचालित करीब 56 केंद्रीय विश्वविद्यालयों की तुलना में इस संस्थान का रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा है। ओवरऑल रैंकिंग के पैमाने पर हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय 56 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में चौथे स्थान पर रहा है, जबकि रिसर्च स्कोर के आधार पर संस्थान ने पूरे देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में तीसरा स्थान अर्जित किया है। प्रो. बंसल ने सभी 56 केंद्रीय विश्वविद्यालयों के संदर्भ में इस तीसरे स्थान को शोध की गुणवत्ता और अकादमिक माहौल की स्पष्ट पुष्टि बताया।
टाइम्स हायर एजुकेशन द्वारा यह वैश्विक मूल्यांकन कुल पांच प्रमुख स्तंभों के अंतर्गत 17 प्रदर्शन संकेतकों के जरिए किया जाता है। इन पांच प्रमुख क्षेत्रों में मुख्य रूप से टीचिंग, रिसर्च एनवायरनमेंट, रिसर्च क्वालिटी, इंटरनेशनल आउटलुक और इंडस्ट्री शामिल हैं। इन्हीं कड़े पैमानों पर संस्थान के कार्यों को परखा गया और समग्र स्कोर तय किया गया।
रिसर्च क्वालिटी में मिला 76.2 का मजबूत स्कोर
संस्थान की इस बड़ी छलांग में सबसे बड़ा योगदान उसके शोध कार्यों का रहा है। विश्वविद्यालय ने रिसर्च क्वालिटी श्रेणी में 76.2 अंक अर्जित किए हैं, जो किसी भी नए उच्च शिक्षण संस्थान के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। शोध की इस असाधारण गुणवत्ता ने विश्वविद्यालय को देश के तमाम बड़े तकनीकी संस्थानों और पारंपरिक विश्वविद्यालयों के समक्ष मजबूती से खड़ा कर दिया है। प्रो. बंसल के अनुसार, यह उपलब्धि परिसर में लगातार विकसित हो रही शोध संस्कृति, उच्च स्तरीय शोध पत्रिकाओं में गुणवत्तापूर्ण प्रकाशनों और संकाय सदस्यों के समर्पित प्रयासों का सीधा परिणाम है।
उद्योग साझेदारी और अंतरराष्ट्रीय विस्तार की योजना
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्वीकार किया है कि रिसर्च और टीचिंग में शानदार नतीजों के बावजूद इंडस्ट्री पार्टनरशिप और इंटरनेशनल आउटलुक के मोर्चे पर अभी और सुधार की गुंजाइश बाकी है। कुलपति ने जानकारी दी कि जैसे ही संस्थान अपने स्थायी परिसर में पूरी तरह स्थानांतरित हो जाएगा, इन दोनों प्राथमिकताओं पर तेजी से काम शुरू किया जाएगा। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए विशेष इंटरनेशनल हॉस्टल और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा।
वैश्विक पहुंच को मजबूत बनाने के उद्देश्य से विदेशी विद्यार्थियों और अंतरराष्ट्रीय संकाय सदस्यों को परिसर से जोड़ने के विशेष अभियान चलाए जाएंगे। साथ ही औद्योगिक प्रतिष्ठानों के साथ सीधे समझौते और रणनीतिक साझेदारियां बढ़ाई जाएंगी, जिससे पंजीकृत छात्रों और शोधार्थियों के लिए रोजगार, इंटर्नशिप और व्यावहारिक अनुसंधान के नए अवसर उपलब्ध हो सकें।
शीर्ष 200 वैश्विक संस्थानों में शामिल होने का बड़ा लक्ष्य
संस्थान का शैक्षणिक सफर पहले से ही कई बड़ी उपलब्धियों से भरा रहा है। इससे पूर्व विश्वविद्यालय ने एनआईआरएफ रैंकिंग में आठवां स्थान प्राप्त किया था और नैक मूल्यांकन में ए+ ग्रेड हासिल करके ग्रेडेड ऑटोनॉमी का दर्जा पाया था। टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग का यह नया परिणाम उसी निरंतर विकास की पुष्टि करता है। प्रो. बंसल ने भरोसा जताया कि स्थायी परिसर में आधुनिक अवसंरचना, उद्योगों के साथ सघन जुड़ाव और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए विश्वविद्यालय आने वाले समय में विश्व के शीर्ष 200 संस्थानों की सूची में अपनी जगह बनाएगा।





















