बांदीकुई में डीएपी खाद के लिए मची भगदड़ में दो किसान बेहोश, 840 कट्टों के लिए घंटों कतार में खड़े रहे अन्नदाताबेडरूम में पूछा जाने वाला एक आम सवाल महिलाओं के चरमसुख में क्यों बन जाता है बड़ी रुकावटनोवाक जोकोविच ने जीता चाइना ओपन, करियर का 102वां एकल खिताब अपने नाम कियानागालैंड में एनपीपी के चार विधायकों के पाला बदलने पर कॉनराड के संगमा ने जताई नाराजगीखाली समय में बच्चों के हाथ में स्क्रीन थमाने के बजाय विकसित करें खुद सोचने का हुनरघाना पहुंचे एस जयशंकर, भारत अफ्रीका व्यापार और रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा नया विस्तारबिना ब्रेन सर्जरी दिमाग पढ़ने की तैयारी, अल्ट्रासाउंड तकनीक से न्यूरालिंक को टक्कर देने उतरा नया स्टार्टअपसंन्यासियों के श्राद्ध के लिए गरुड़ पुराण में द्वादशी तिथि तय, खुद का पिंडदान करने के बाद भी वंशजों का तर्पण क्यों जरूरीचुनावी प्रक्रिया और आयोग पर तकरार के बीच सड़कों पर उतरा विपक्ष, राहुल गांधी का जुझारू तेवर चर्चा मेंखाजूवाला में सिंचाई संकट सुलझाने जयपुर में जुटी सरकार, भजनलाल शर्मा ने एसीएस को सौंपी कमान
नागालैंड के मोन जिले में मानसून की तबाही का जायजा लेने पहुंची एनडीएमए और गृह मंत्रालय की केंद्रीय टीमनागालैंड
6 अक्तू॰ 2026, 9:36 pm (54 मिनट पहले)· 0

नागालैंड के मोन जिले में मानसून की तबाही का जायजा लेने पहुंची एनडीएमए और गृह मंत्रालय की केंद्रीय टीम

गृह मंत्रालय और एनडीएमए के आठ सदस्यीय केंद्रीय दल ने नागालैंड के मोन जिले का दौरा कर 2026 के मानसून से हुए बुनियादी नुकसान और पुनर्निर्माण आवश्यकताओं की विस्तृत समीक्षा की।

नागालैंड के मोन जिले में मानसूनी आपदा से हुए व्यापक नुकसान का धरातलीय आकलन करने के लिए केंद्र सरकार का एक उच्चस्तरीय दल मंगलवार को मौके पर पहुंचा। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के आठ सदस्यीय इस संयुक्त दल का यह दौरा राज्य में चल रहे पोस्ट डिजास्टर नीड्स असेसमेंट (PDNA) अभियान का एक प्रमुख हिस्सा है। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य जिले के प्रशासनिक तंत्र और संबंधित विभागों को मानसून के प्रभाव का सटीक दस्तावेजीकरण करने तथा आपदा उपरांत आवश्यक पुनर्निर्माण रिपोर्ट तैयार करने में तकनीकी सहायता उपलब्ध कराना है।

डीसी कार्यालय में समीक्षा बैठक और नुकसान का ब्योरा

जिले में आगमन के पश्चात मोन स्थित उपायुक्त (DC) सम्मेलन कक्ष में एक विशेष प्रशासनिक बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त वेन्येई कोन्याक ने केंद्रीय प्रतिनिधियों का स्वागत किया और उन्हें वर्ष 2026 के मानसूनी मौसम के दौरान जिले के विभिन्न इलाकों में हुई गंभीर क्षति से विस्तृत रूप से अवगत कराया। बैठक के दौरान स्थानीय प्रशासन के कई संबद्ध विभागों के अधिकारियों ने भी भाग लिया। इन विभागीय प्रतिनिधियों ने अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, कृषि और अन्य आवश्यक सेवाओं को पहुंचे नुकसान का क्षेत्रवार विवरण पेश किया और औपचारिक रिपोर्ट मूल्यांकन के लिए केंद्रीय दल को सौंपी।

ये भी पढ़ें

सटीक दस्तावेजीकरण पर केंद्रीय दल का जोर

विभागीय प्रस्तुतियों की समीक्षा करते हुए केंद्रीय दल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि धरातल पर हुए प्रत्येक वास्तविक नुकसान को व्यापक और सटीक रूप से दर्ज किया जाए। दल के सदस्यों ने रेखांकित किया कि आपदा के बाद की प्राथमिकताओं और आर्थिक जरूरतों का सही अनुमान तभी संभव होगा जब सभी सेक्टरों की रिपोर्ट पारदर्शी और संपूर्ण होगी। इस मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण के लिए संसाधनों का उचित आवंटन हो सके।

केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल विशेषज्ञ

इस आठ सदस्यीय विशेषज्ञ दल में सीबीआरआई रुड़की के वैज्ञानिक ई मिकी मेकन डालबेहेरा, एनआईडीएम के सहायक प्रोफेसर रोहित कुमार, बुनियादी ढांचा क्षेत्र के वरिष्ठ सलाहकार इंद्रनील बोस, और एनडीएमए के लीड सलाहकार शशांक मिश्रा शामिल हैं। इसके अतिरिक्त दल में एनआईडीएम के सहायक प्रोफेसर डॉ. गगनदीप सिंह, उत्पादक क्षेत्र के वरिष्ठ सलाहकार सी.पी. मोहन, एनडीएमए की वरिष्ठ सलाहकार सुश्री चांदनी पी सी सेनन तथा नागालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NSDMA) के राहत, पुनर्वास एवं शमन सहायक प्रबंधक एल. जोनहिबेमो ओदयुओ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यह व्यापक सर्वेक्षण पूरे नागालैंड में चल रहे राज्यव्यापी पीडीएनए अभियान के तहत संचालित किया जा रहा है।

सवाल-जवाब

केंद्रीय टीम ने नागालैंड के किस जिले का दौरा किया?
केंद्रीय टीम ने नागालैंड के मोन जिले का दौरा किया।
इस केंद्रीय दल में किन प्रमुख संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हैं?
इस दल में केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के साथ सीबीआरआई, एनआईडीएम और एनएसडीएमए के विशेषज्ञ शामिल हैं।
दौरे का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इसका उद्देश्य 2026 के मानसून से हुए नुकसान का आकलन करना और पोस्ट डिजास्टर नीड्स असेसमेंट (PDNA) रिपोर्ट तैयार करने में सहायता करना था।
मोन में प्रशासनिक बैठक की अध्यक्षता किसने की?
उपायुक्त वेन्येई कोन्याक ने केंद्रीय दल का स्वागत किया और जिले के नुकसान पर विस्तृत जानकारी दी।
केंद्रीय टीम में कितने सदस्य शामिल थे?
इस केंद्रीय विशेषज्ञ दल में कुल आठ सदस्य शामिल थे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·6 मिनट पहले

हर बार केंद्रीय टीम आकर दौरा करती है और रिपोर्ट ले जाती है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर हालात सुधरने में सालों लग जाते हैं। सिर्फ कागजी आकलन से नुकसान की भरपाई कैसे होगी जब तक तुरंत राहत न पहुँचे?

Neha Verma@neha-verma·6 मिनट पहले

रविकेश जी, बात तो बिल्कुल सही है आपकी। कागजी कार्रवाई से आम लोगों को तुरंत राहत थोड़ी मिलती है, असल मदद तो जमीन पर दिखनी चाहिए।

Karan Malhotra@karan-malhotra·27 मिनट पहले

सिर्फ कागजी बैठकों और केंद्रीय टीमों के दौरों से कुछ नहीं बदलेगा, धरातल पर काम दिखने में महीनों लग जाते हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·27 मिनट पहले

करण भाई, सीबीआरआई रुड़की और एनडीएमए के वैज्ञानिक मिलकर आकलन कर रहे हैं, तो उम्मीद है इस बार काम सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगा।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp