नागालैंड के मोन जिले में मानसूनी आपदा से हुए व्यापक नुकसान का धरातलीय आकलन करने के लिए केंद्र सरकार का एक उच्चस्तरीय दल मंगलवार को मौके पर पहुंचा। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के आठ सदस्यीय इस संयुक्त दल का यह दौरा राज्य में चल रहे पोस्ट डिजास्टर नीड्स असेसमेंट (PDNA) अभियान का एक प्रमुख हिस्सा है। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य जिले के प्रशासनिक तंत्र और संबंधित विभागों को मानसून के प्रभाव का सटीक दस्तावेजीकरण करने तथा आपदा उपरांत आवश्यक पुनर्निर्माण रिपोर्ट तैयार करने में तकनीकी सहायता उपलब्ध कराना है।
डीसी कार्यालय में समीक्षा बैठक और नुकसान का ब्योरा
जिले में आगमन के पश्चात मोन स्थित उपायुक्त (DC) सम्मेलन कक्ष में एक विशेष प्रशासनिक बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त वेन्येई कोन्याक ने केंद्रीय प्रतिनिधियों का स्वागत किया और उन्हें वर्ष 2026 के मानसूनी मौसम के दौरान जिले के विभिन्न इलाकों में हुई गंभीर क्षति से विस्तृत रूप से अवगत कराया। बैठक के दौरान स्थानीय प्रशासन के कई संबद्ध विभागों के अधिकारियों ने भी भाग लिया। इन विभागीय प्रतिनिधियों ने अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, कृषि और अन्य आवश्यक सेवाओं को पहुंचे नुकसान का क्षेत्रवार विवरण पेश किया और औपचारिक रिपोर्ट मूल्यांकन के लिए केंद्रीय दल को सौंपी।
सटीक दस्तावेजीकरण पर केंद्रीय दल का जोर
विभागीय प्रस्तुतियों की समीक्षा करते हुए केंद्रीय दल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि धरातल पर हुए प्रत्येक वास्तविक नुकसान को व्यापक और सटीक रूप से दर्ज किया जाए। दल के सदस्यों ने रेखांकित किया कि आपदा के बाद की प्राथमिकताओं और आर्थिक जरूरतों का सही अनुमान तभी संभव होगा जब सभी सेक्टरों की रिपोर्ट पारदर्शी और संपूर्ण होगी। इस मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण के लिए संसाधनों का उचित आवंटन हो सके।
केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल विशेषज्ञ
इस आठ सदस्यीय विशेषज्ञ दल में सीबीआरआई रुड़की के वैज्ञानिक ई मिकी मेकन डालबेहेरा, एनआईडीएम के सहायक प्रोफेसर रोहित कुमार, बुनियादी ढांचा क्षेत्र के वरिष्ठ सलाहकार इंद्रनील बोस, और एनडीएमए के लीड सलाहकार शशांक मिश्रा शामिल हैं। इसके अतिरिक्त दल में एनआईडीएम के सहायक प्रोफेसर डॉ. गगनदीप सिंह, उत्पादक क्षेत्र के वरिष्ठ सलाहकार सी.पी. मोहन, एनडीएमए की वरिष्ठ सलाहकार सुश्री चांदनी पी सी सेनन तथा नागालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NSDMA) के राहत, पुनर्वास एवं शमन सहायक प्रबंधक एल. जोनहिबेमो ओदयुओ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यह व्यापक सर्वेक्षण पूरे नागालैंड में चल रहे राज्यव्यापी पीडीएनए अभियान के तहत संचालित किया जा रहा है।






















