हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के अंतर्गत आने वाले चताड़ा गांव में एक दुखद और संदिग्ध घटना सामने आई है, जहां एक विवाहिता की असमय मृत्यु हो गई है। मृतका, जिसका नाम सीमा बताया गया है, का विवाह अश्वनी के साथ हुआ था। इस पूरे मामले में अब एक नया मोड़ तब आया जब मृतका के मायके पक्ष के लोगों ने इसे महज एक आत्महत्या मानने से साफ इनकार कर दिया और ससुराल पक्ष पर हत्या के गंभीर आरोप मढ़ दिए। परिजनों का दावा है कि उनकी बेटी को लंबे समय से शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जो अंततः उसकी मौत का कारण बना।
घटनाक्रम और उपचार की प्रक्रिया
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को सीमा की अचानक तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली थी। परिवार का कहना है कि उसने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया था। पति द्वारा मायके वालों को सूचित किए जाने के बाद परिजन तुरंत चताड़ा पहुंचे। गंभीर अवस्था में उसे सबसे पहले क्षेत्रीय अस्पताल ऊना ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे कहीं और रेफर कर दिया। इसके बाद उसे पहले ऊना के ही एक निजी अस्पताल में और फिर बेहतर इलाज की उम्मीद में पंजाब के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। दुर्भाग्यवश, बुधवार देर रात उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
पोस्टमार्टम के दौरान अस्पताल में आक्रोश
गुरुवार की सुबह जब सीमा के शव को पोस्टमार्टम के लिए वापस क्षेत्रीय अस्पताल ऊना लाया गया, तो वहां स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। मायके पक्ष के लोगों ने अस्पताल परिसर में जमा होकर जमकर प्रदर्शन किया और ससुराल पक्ष के खिलाफ नारेबाजी की। मृतका के भाई परमजीत ने सीधे तौर पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कहा कि शादी के समय पहले ही एक गाड़ी दहेज में दी जा चुकी थी, लेकिन इसके बाद भी ससुराल वाले लगातार बुलेट बाइक की मांग कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमा को अक्सर मारा-पीटा जाता था और यह पूरी तरह से हत्या का मामला है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायरा
इस पूरे मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के पति को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। ऊना के एएसपी सुरेंद्र शर्मा के अनुसार, पुलिस मामले के हर एक पहलू की गहराई से जांच कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि भविष्य में जो भी कानूनी कदम उठाए जाएंगे, वे पूरी तरह से पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल साक्ष्यों और जांच के दौरान सामने आने वाले ठोस तथ्यों पर आधारित होंगे। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और न्याय की मांग की जा रही है।











