हॉलीवुड फिल्म निर्माता ग्रेटा गेरविग अपनी नई सिनेमाई यात्रा के साथ दुनिया भर के दर्शकों को हैरान करने की तैयारी में हैं। 'लेडी बर्ड', 'लिटिल विमेन' और बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ने वाली 'बार्बी' जैसी फिल्मों के बाद अब वह सी. एस. लुईस की मशहूर फैंटेसी दुनिया को बिल्कुल नए अंदाज में पर्दे पर उतार रही हैं। उनकी आने वाली फिल्म 'नारनिया: द मैजिशियंस नेफ्यू' इस जादुई गाथा की शुरुआत बिल्कुल अलग नजरिए से करती है। आमतौर पर पर्दे पर अपनाई जाने वाली किताब 'द लायन, द विच एंड द वार्डरोब' के बजाय उन्होंने नारनिया की उत्पत्ति की कहानी को चुना है। यह विजन उनके दिमाग में लॉकडाउन के दौर में तब आया था, जब वह 'बार्बी' पर भी विचार कर रही थीं।
सत्तर के दशक के रॉक संगीत और रॉक ओपेरा से मिली प्रेरणा
गेरविग के मुताबिक वह इस कहानी को एक भव्य रॉक ओपेरा की तरह महसूस कराना चाहती थीं। हालांकि यह फिल्म कोई पारंपरिक म्यूजिकल नहीं है, लेकिन 1960 और 1970 के दशक के ब्रिटिश रॉक संगीत ने इसके निर्माण में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है। ग्लैम रॉक के दौर और प्रोग्रेसिव रॉक की ऊर्जा ने निर्देशक की रचनात्मक सोच को आकार दिया। इस प्रभाव को समझाते हुए ग्रेटा गेरविग ने कहा कि डेविड बोवी, पॉल मेकार्टनी, डेविड गिलमोर, पीट टाउनशेंड, जिमी पेज और रॉबर्ट प्लांट जैसे दिग्गज संगीतकारों के गीतों ने उनके जीवन को गहराई से छुआ है। उनके अनुसार जब उन्होंने यह संगीत सुना, तो उन्हें लगा कि सब कुछ ठीक हो जाएगा।
किताबों में नारनिया की रचना असलान की आवाज और गीत से होती है। गेरविग ने इसी विचार को केंद्र में रखा और पाया कि नारनिया असल में संगीत से बनी एक दुनिया है। उनके लिए रॉक एंड रोल भी संगीत से रची गई दुनिया जैसा ही अहसास कराता है, इसलिए इस क्लासिक फैंटेसी में रॉक की भावना को समाहित करना उन्हें पूरी तरह स्वाभाविक लगा।
उन्नीस सौ पचास के दशक का ब्रिटेन और युवा किरदार
इस रूपांतरण में ग्रेटा गेरविग ने मूल उपन्यास के समय काल में एक अहम बदलाव किया है। किताब में कहानी 1900 की शुरुआत में सेट थी, जिसे बदलकर उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के 1950 के दशक के ब्रिटेन में स्थापित किया है। कहानी के युवा मुख्य किरदार डिगोरी (डेविड मैककेना) और पॉली (बीट्रिस कैंपबेल) इस नए बैकग्राउंड में बिल्कुल नए रूप में उभरते हैं। 1950 के शांत और उदास ब्रिटेन के परिवेश में पले-बढ़े बच्चे ही आगे चलकर 1970 के दशक के जीवंत और कल्पनाशील रॉक संगीतकार बने थे।
गेरविग ने उस पीढ़ी के संघर्ष और रचनात्मकता पर बात करते हुए रेखांकित किया कि दर्द, नुकसान और बमबारी से तबाह खंडहरों जैसी निराशाजनक जगहों से भी उन्होंने एक नया ब्रह्मांड और जीने लायक जगह गढ़ी। उनका मानना है कि डेविड जोन्स से डेविड बोवी बनने का सफर तय करने के लिए किसी इंसान को नारनिया जाकर कुछ असाधारण देखना पड़ा होगा। फिल्म में यही रचनात्मक जादू पर्दे पर पेश करने की कोशिश की गई है।
शानदार स्टार कास्ट और रिलीज का पूरा कार्यक्रम
इस बड़े पैमाने की फैंटेसी परियोजना में कई जाने-माने सितारे भी शामिल हैं। फिल्म की मुख्य कास्ट में डेनियल क्रेग, एमा मैकी और मेरिल स्ट्रीप जैसे कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा रहे हैं। निर्देशक और कलाकारों की टीम इस महागाथा को आधुनिक दर्शकों के लिए एक अलग स्तर पर ले जाने के लिए पूरी मेहनत कर रही है।
फिल्म की रिलीज का आधिकारिक कार्यक्रम भी तय हो चुका है। 'नारनिया: द मैजिशियंस नेफ्यू' 12 फरवरी 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इसके बाद यह फिल्म 2 अप्रैल 2027 से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।



















