शाम की चाय के साथ कुरकुरे और गरमा-गरम पकौड़े लगभग हर घर की पहली पसंद होते हैं। कई बार कड़ाही से उतारते ही पकौड़े एकदम खस्ता नजर आते हैं, लेकिन प्लेट में रखते ही कुछ मिनटों के भीतर वे नरम और ढीले पड़ जाते हैं। पकौड़ों का यही गीलापन उनके असली स्वाद को खराब कर देता है। इस समस्या से बचने के लिए बेसन का घोल तैयार करते समय सामग्री और तलने के तरीकों में थोड़ा सा बदलाव किया जा सकता है।
घोल में मिलाएं चावल का आटा
पकौड़ों की ऊपरी परत को देर तक कुरकुरा बनाए रखने के लिए बेसन में चावल का आटा मिलाना सबसे असरदार तरीका माना जाता है। चावल का आटा बैटर की बनावट को मजबूत करता है और तलते समय ऊपरी हिस्से को कड़क बनाता है। यदि आप एक कप बेसन ले रहे हैं, तो उसमें करीब दो से तीन बड़े चम्मच चावल का आटा मिलाना पर्याप्त होता है। अपनी पसंद या जरूरत के अनुसार इस मात्रा को थोड़ा कम या ज्यादा भी किया जा सकता है।
मसाले और बैटर की सही कंसिस्टेंसी
घोल तैयार करने के लिए सबसे पहले एक बड़े कटोरे में बेसन निकालें। अब इसमें निर्धारित मात्रा में चावल का आटा, स्वादानुसार नमक, हल्की लाल मिर्च पाउडर, हल्दी और एक चुटकी हींग डालें। इसके बाद थोड़ा-थोड़ा करके पानी मिलाते हुए घोल बनाएं। ध्यान रहे कि बैटर की कंसिस्टेंसी बिल्कुल संतुलित होनी चाहिए। यदि घोल बहुत ज्यादा पतला होगा तो वह सब्जियों पर टिकेगा नहीं, और अगर बहुत अधिक गाढ़ा हुआ तो पकौड़े अंदर से भारी और सख्त हो जाएंगे। सही गाढ़ापन वही है जो सब्जियों के टुकड़ों पर एक समान रूप से लिपट जाए।
तेल का सही तापमान और तलने के नियम
कुछ लोग घोल में खौलता तेल डालते हैं, लेकिन उससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि कड़ाही में तलते समय तेल का तापमान सही बना रहे। साथ ही बेसन के बैटर को बनाकर लंबे समय तक रखने के बजाय तुरंत इस्तेमाल करना चाहिए। तलने की प्रक्रिया में आंच की भूमिका सबसे खास होती है। यदि तेल ठंडा या कम गर्म होगा, तो पकौड़े बहुत ज्यादा तेल सोख लेंगे और तुरंत नरम पड़ जाएंगे। इसके विपरीत अगर तेल जरूरत से ज्यादा खौल रहा होगा, तो बाहर की परत तुरंत गहरी भूरी हो जाएगी और अंदर से सामग्री कच्ची रह जाएगी।
हमेशा मध्यम से मध्यम-तेज आंच पर ही पकौड़े तलें। कड़ाही में एक साथ ढेर सारे पकौड़े न डालें, क्योंकि इससे तेल का तापमान अचानक गिर जाता है। पकौड़ों को हमेशा छोटे-छोटे बैच में तलना चाहिए ताकि हर टुकड़े को समान आंच मिल सके।
तलने के बाद भाप से बचाना जरूरी
कड़ाही से बाहर निकालने के तुरंत बाद पकौड़ों को किसी ढक्कन या प्लेट से बिल्कुल न ढकें। अंदर बनने वाली गर्म भाप अगर बाहर नहीं निकल पाई, तो वही भाप उनकी कुरकुरी परत को नम और सौगी बना देती है। अतिरिक्त तेल निकालने और भाप को आजाद करने के लिए पकौड़ों को कुछ देर वायर रैक या खुली जालीदार प्लेट पर रखें।



















