बारिश का मौसम शुरू होते ही पलामू जिले के खेतों, बगीचों और रिहायशी इलाकों में सांपों की आवाजाही अचानक बढ़ जाती है। इसी को लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की बातें और अफवाहें भी फैलने लगती हैं। पलामू के सर्प विशेषज्ञ डॉ. डी एस श्रीवास्तव ने इस बढ़ती हलचल के पीछे की असली वजह बताई है और साथ ही कुछ आम भ्रांतियों को भी खारिज किया है।
सांपों की सूंघने की गजब क्षमता
डॉ. श्रीवास्तव के मुताबिक सांपों में गंध पहचानने की क्षमता बेहद तेज होती है। ये जीव हवा में मौजूद बेहद सूक्ष्म रासायनिक कणों और जमीन के कंपन यानी वाइब्रेशन के जरिए अपने आसपास हो रही हर हलचल भांप लेते हैं। यही कारण है कि बारिश के दिनों में जब भोजन की तलाश और प्रजनन का समय होता है, तो सांप ज्यादा सक्रिय नजर आते हैं। उन्होंने साफ किया कि सांप इंसानों की तरह आम ढंग से सूंघते नहीं हैं। इसके बजाय वे अपनी दोमुंही जीभ को बार-बार बाहर निकालकर हवा और जमीन से रासायनिक कण इकट्ठा करते हैं। ये कण फिर मुंह के भीतर मौजूद एक खास संवेदी अंग तक पहुंचते हैं, जिसे जैकब्सन ऑर्गन कहा जाता है। यहीं से सांप को शिकार, साथी और आसपास के माहौल की पूरी जानकारी मिल जाती है। इतना ही नहीं, कई प्रजातियों के सांपों के सिर पर विशेष ताप-संवेदी गड्ढे यानी पिट ऑर्गन भी होते हैं, जिनकी मदद से वे गर्म खून वाले जीवों की मौजूदगी तक भांप लेते हैं।
बारिश में क्यों बढ़ जाता है प्रजनन का दौर
डॉ. श्रीवास्तव बताते हैं कि मानसून के महीनों में ज्यादातर सांप प्रजनन काल में होते हैं। इस दौरान वे अपने साथी को पहचानने के लिए फेरोमोन नाम के रासायनिक संकेतों का सहारा लेते हैं। हालांकि एक बेहद प्रचलित धारणा को उन्होंने पूरी तरह गलत बताया। लोगों में यह बात फैली है कि किसी सांप को मारने पर उसकी गंध डंडे या कपड़ों पर चिपक जाती है, और उसी गंध का पीछा करते हुए दूसरा सांप उस व्यक्ति तक पहुंच जाता है। डॉ. श्रीवास्तव के अनुसार इस दावे की कोई वैज्ञानिक पुष्टि नहीं होती। उनकी सलाह है कि लोग ऐसी भ्रामक बातों पर भरोसा करने की बजाय केवल प्रमाणित और सत्यापित जानकारी पर ही यकीन करें।
किसानों के असली मददगार हैं सांप
डॉ. श्रीवास्तव ने यह भी याद दिलाया कि सांप पर्यावरण के लिए बेहद उपयोगी जीव माने जाते हैं। ये खेतों में चूहों और दूसरे हानिकारक जीवों की तादाद को नियंत्रित रखकर किसानों की फसल को नुकसान से बचाते हैं। उनका सुझाव है कि अगर कहीं सांप दिखाई दे तो उसे मारने की कोशिश करने के बजाय उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए और तुरंत प्रशिक्षित सर्प बचाव दल या वन विभाग को इसकी सूचना देनी चाहिए। बिना सही जानकारी और अनुभव के सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश करना खतरनाक साबित हो सकता है।
बारिश में इन बातों का रखें ध्यान
बरसात के मौसम में घर और उसके आसपास सफाई का पूरा ख्याल रखना जरूरी है। झाड़ियों की समय-समय पर कटाई करते रहें और अनाज या कचरे को खुले में न छोड़ें। डॉ. श्रीवास्तव का कहना है कि थोड़ी सी सतर्कता और सही जानकारी अपनाकर सांपों से जुड़े खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।













