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मौसम प्रणालियों के असर से 19 अगस्त को 23 भारतीय राज्यों में तेज आंधी और बारिश का संकट, यूपी और बिहार अलर्ट परभारत
19 अग॰ 2026, 6:51 am (1 दिन पहले)· 3

मौसम प्रणालियों के असर से 19 अगस्त को 23 भारतीय राज्यों में तेज आंधी और बारिश का संकट, यूपी और बिहार अलर्ट पर

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र और दो चक्रवातीय परिसंचरण बनने के कारण 19 अगस्त को उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली और उत्तराखंड सहित देश के 23 राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।

देशभर में मानसूनी हवाओं का दबाव लगातार बढ़ रहा है और 19 अगस्त को मौसम का मिजाज अत्यंत उग्र रहने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी से उभरे कम दबाव के क्षेत्र तथा दो अलग-अलग चक्रवातीय परिसंचरणों के संयुक्त असर से मानसूनी बारिश का दायरा काफी विस्तृत हो चुका है। उत्तर के मैदानी भूभाग से लेकर पर्वतीय इलाकों तक तेज आंधी, बिजली कड़कने और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी के उपरांत मैदानी, तटीय और पहाड़ी क्षेत्रों के निवासियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने का परामर्श दिया गया है। आगामी 24 घंटों में देश के बड़े हिस्से में सामान्य से अत्यधिक वर्षा और तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।

23 राज्यों में मौसम का बदलाव और आवाजाही पर असर

इस मौसमी उथल-पुथल का असर देश के कुल 23 राज्यों में स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ेगा। मौसम केंद्र के मुताबिक जिन राज्यों में वर्षा और आंधी की गतिविधियां मुख्य रूप से केंद्रित रहेंगी, उनमें शामिल हैं

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  • उत्तर भारत: उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर।
  • पूर्वी एवं मध्य भारत: झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़।
  • पश्चिम एवं दक्षिण भारत: गुजरात, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना।
  • पूर्वांचल क्षेत्र: असम, सिक्किम, मेघालय और त्रिपुरा।

इन व्यापक इलाकों में खराब मौसम के कारण सड़क मार्ग, रेल यातायात और स्थानीय सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में रुकावट आने की पूरी आशंका है। पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन के कारण रास्ते बंद हो सकते हैं, वहीं शहरी बस्तियों में जलभराव के चलते यातायात की गति मंद पड़ सकती है। यात्रा पर निकलने से पहले नागरिकों को स्थानीय मौसम बुलेटिन जांचने की सलाह दी गई है।

बंगाल की खाड़ी में चक्रवात और परिसंचरण की स्थिति

मौसम के मौजूदा मिजाज की मुख्य कड़ी बंगाल की खाड़ी में पैदा हुई मौसमी हलचल है। उत्तरी ओडिशा तट के पास समुद्र में एक कम दबाव की प्रणाली सक्रिय हुई है, जिससे ओडिशा तथा आसपास के राज्यों में वर्षा का जोर बढ़ रहा है। यह प्रणाली जैसे-जैसे पश्चिम की दिशा में आगे बढ़ेगी, पूर्वी भारत के कई अन्य इलाकों में भी बारिश का दायरा फैलेगा।

इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के वायुमंडल में एक चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है, जबकि एक अन्य परिसंचरण पश्चिम बंगाल और झारखंड की सीमा के समीप सक्रिय है। ये मौसमी प्रणालियां खाड़ी से भारी मात्रा में नमी खींच रही हैं, जिसके चलते यूपी, बिहार और झारखंड के मैदानी इलाकों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की गति से हवा के थपेड़े महसूस हो सकते हैं। कृषि कार्य में जुटे किसानों को जल निकासी की समुचित व्यवस्था रखने और मछुआरों को समुद्र तट की ओर न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।

उत्तराखंड में लाल अलर्ट और भूस्खलन की चेतावनी

उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में आसमानी आफत का जोखिम चरम पर पहुंच गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून और बागेश्वर जिलों में मूसलाधार वर्षा के मद्देनजर लाल अलर्ट (रेड अलर्ट) जारी कर दिया है। लगातार हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर तेजी से चढ़ रहा है और कई मार्ग मलबे की चपेट में आने से पूरी तरह अवरुद्ध हो चुके हैं।

पहाड़ों पर चट्टानें खिसकने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो रहा है। स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील ढलानों पर रहने वाले निवासियों तथा पर्यटकों को सुरक्षित ठिकानों पर रहने और उफनते नदी-नालों के करीब न फटकने की हिदायत दी है।

दिल्ली-एनसीआर में तूफानी हवाएं और जलभराव का खतरा

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में 19 अगस्त को मौसम का रुख बदलेगा। IMD के अनुसार तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जहां हवा के झोंके 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार छू सकते हैं। दिल्ली में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तथा रात का पारा 28 डिग्री सेल्सियस तक बने रहने का अनुमान है।

अचानक होने वाली तेज वर्षा से निचले इलाकों में पानी भर सकता है, जिससे प्रमुख चौराहों एवं व्यस्त सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग सकती हैं। आंधी के समय खुले मैदानों, विशाल वृक्षों अथवा अस्थायी ढांचों के नीचे आश्रय न लेने की ताकीद की गई है।

उत्तर प्रदेश के 20 जिलों में तूफानी बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और पश्चिमांचल के विभिन्न जिलों में तूफानी आंधी और बारिश का प्रभाव देखने को मिलेगा। राज्य के जिन 20 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, वे हैं

  • मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, शामली, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, इटावा और बदायूं।
  • कानपुर, बांदा, फतेहपुर, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज, मिर्जापुर और सोनभद्र।
  • गोरखपुर, देवरिया, गाजीपुर और बस्ती।

राजधानी लखनऊ में दिन का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। बारिश के दौरान सड़कों पर दृश्यता का स्तर गिर सकता है, जिससे हादसों का अंदेशा रहेगा। देहाती इलाकों के खेतों एवं कच्चे संपर्क मार्गों पर जलजमाव का असर दिखने की बात कही गई है।

बिहार के 19 जिलों में आंधी और वज्रपात की आशंका

बिहार में मानसून का उग्र रूप देखने को मिलेगा। राज्य के 19 जिलों में आंधी और भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है, जिनमें शामिल हैं

  • पटना, गया, सिवान, गोपालगंज, वैशाली, भोजपुर, बक्सर और समस्तीपुर।
  • दरभंगा, मधुबनी, बेगूसराय, खगड़िया, लखीसराय और मुंगेर।
  • किशनगंज, पूर्णिया, अररिया, कटिहार और भागलपुर।

इन क्षेत्रों में बारिश के दौरान हवा की गति 55 से 60 किमी प्रति घंटे दर्ज की जा सकती है। प्रांतीय राजधानी पटना में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। गर्जन और बिजली कड़कने के समय खुले खेतों में जाने से बचने का परामर्श जारी किया गया है।

झारखंड में 70 KM/H की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

झारखंड के विभिन्न जिलों में 19 व 20 अगस्त के दौरान मौसम काफी उथल-पुथल भरा रहेगा। राज्य के 12 प्रमुख जिलों में भारी वर्षा के साथ तेज चक्रवातीय हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। प्रभावित जिलों की सूची इस प्रकार है

  • रांची, बोकारो, धनबाद, जमशेदपुर, रामगढ़ और खूंटी।
  • हजारीबाग, चतरा, पलामू, देवघर, दुमका और सिमडेगा।

तूफानी आंधी के दौरान हवा की गति 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। प्रांतीय राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज हो सकता है। आंधी से कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के तारों को नुकसान पहुंचने का अंदेशा जताया गया है।

पश्चिम बंगाल के 12 जिलों में बारिश और तेज हवाएं

पश्चिम बंगाल में भी बंगाल की खाड़ी के मौसमी प्रभाव से बारिश और आंधी का दौर तेज होगा। राज्य के प्रभावित होने वाले जिलों में शामिल हैं

  • कोलकाता, हावड़ा, दुर्गापुर, बांकुड़ा और पुरबा बर्धमान।
  • पश्चिम मेदिनीपुर, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कालिम्पोंग और दार्जिलिंग।
  • मालदा और कूचबिहार।

तटीय एवं निचले इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक जा सकती है। कोलकाता में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। निचले क्षेत्रों में जलजमाव से दैनिक गतिविधियों में अड़चन आ सकती है।

राजस्थान के 15 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना

राजस्थान में भी मानसूनी बारिश और तेज हवाओं का असर देखा जाएगा। राज्य के 15 जिलों में मौसम विभाग ने अलर्ट घोषित किया है

  • जयपुर, अलवर, भरतपुर, चूरू, अजमेर और बीकानेर।
  • करौली, बारां, झालावाड़, बाड़मेर और जैसलमेर।
  • कोटा, उदयपुर, जालौर और भीलवाड़ा।

धूलभरी हवाओं और बौछारों से तापमान में कुछ नरमी आ सकती है, किंतु अचानक बारिश से स्थानीय स्तर पर लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

सवाल-जवाब

19 अगस्त को किन 23 राज्यों में मौसम का असर देखने को मिलेगा?
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, असम, सिक्किम, मेघालय, त्रिपुरा, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना में भारी बारिश और आंधी की गतिविधियां होंगी।
बंगाल की खाड़ी में कौन से मौसमी सिस्टम बने हुए हैं?
उत्तरी ओडिशा तट के पास कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल-झारखंड के आसपास ऊपरी हवा के साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं।
दिल्ली-एनसीआर में 19 अगस्त को कैसा मौसम रहेगा?
दिल्ली में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और भारी बारिश होने का अलर्ट है, जहां अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
झारखंड में हवाओं की अधिकतम रफ्तार कितनी हो सकती है?
झारखंड में 19 और 20 अगस्त को भारी बारिश के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी दी गई है।
बिहार के किन जिलों में 60 KM/H की रफ्तार से हवाएं चलेंगी?
सिवान, पटना, गया, भोजपुर, बक्सर, गोपालगंज, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, किशनगंज, पूर्णिया, अररिया, कटिहार, भागलपुर, खगड़िया, मुंगेर, बेगूसराय और लखीसराय में 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ भारी बारिश का खतरा है।
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टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 दिन पहले

यह व्यापक मौसमी हलचल केवल एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि देश के 23 राज्यों में शासन, आपदा प्रबंधन और सार्वजनिक बुनियादी ढांचों के लिए एक बड़ी परीक्षा है। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे घनी आबादी वाले राज्यों में कृषि और यातायात पर इसका जो प्रभाव पड़ेगा, वह सीधे तौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और राज्य प्रशासन की तैयारियों को चुनौती देता है। आने वाले घंटों में यह स्थिति प्रशासनिक समन्वय और आपदा मोचन बलों की तत्परता तय करेगी।

Ravikash Gupta@ravikash·1 दिन पहले

यह मौसमी संकट न केवल जनजीवन को प्रभावित कर रहा है, बल्कि उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में कृषि उत्पादन और आपूर्ति शृंखला को भी भारी नुकसान पहुँचा सकता है। अचानक होने वाली इस मानसूनी हलचल से लॉजिस्टिक्स और परिवहन बाधित होंगे, जिससे खाद्य पदार्थों की कीमतों पर अल्पकालिक दबाव बढ़ सकता है। वित्तीय बाजारों और कमोडिटी सेगमेंट के नजरिए से, यह स्थिति फसलों की कटाई और कृषि जिंसों की कीमतों में उतार-चढ़ाव का एक स्पष्ट जोखिम पैदा करती है, जिस पर आपूर्ति प्रबंधन टीमों और निवेशकों की पैनी नजर रहेगी।

Rohan Verma@rohan-verma·1 दिन पहले

मौसम विभाग की यह चेतावनी केवल बारिश तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश और बिहार के कृषि क्षेत्रों के लिए एक गंभीर आर्थिक संकट का संकेत है। 50 से अधिक जिलों में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं धान की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं। प्रशासनिक स्तर पर जलभराव से निपटने और ग्रामीण इलाकों में जिला प्रशासन को सतर्क करने की तत्काल आवश्यकता है, ताकि किसानों और निचले इलाकों के नागरिकों को सुरक्षित बचाया जा सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 दिन पहले

मौसम की यह मार केवल प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और जिला प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती है। 23 राज्यों में यातायात बाधित होने और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के खतरे से निपटने के लिए पुलिस और आपदा प्रबंधन बलों को तुरंत तैनात करना होगा। जलभराव और सड़कों के बंद होने से सार्वजनिक सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं पर सीधा असर पड़ेगा, जिस पर प्रशासन को पैनी नजर रखनी चाहिए।

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