ब्राउज़र एक्सटेंशन में सेंध लगाकर दिए जा रहे नकली क्रोम सुरक्षा अपडेट, मालवेयर डाउनलोड होने का खतराडेमोक्रेटिक सीनेटर शेल्डन व्हाइटहाउस पर लगा नैतिकता उल्लंघन का आरोप, डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क ने उठाए सवालनालसार यूनिवर्सिटी के छात्रों पर लगा BCI का रजिस्ट्रेशन बैन वापस, SCBA के विरोध के बाद फैसलाकोलंबो में मैच के दौरान पानी पर विवाद, घायल कोच सुमित फर्नांडो ने अस्पताल में तोड़ा दमचमोली की टनल में मलबा और पानी भरने से फंसे 20 से अधिक मजदूर, 16 को सुरक्षित निकाला गयादूरदर्शन केंद्र हैदराबाद के 50 से अधिक वर्षों का सफर, जानिए 1974 से रामंतापुर स्टूडियो बनने की ऐतिहासिक कहानीभगवद्गीता के संदेश और शबाना आजमी संग केमिस्ट्री पर बोले सनी देओल, फिल्म बंटवारा 1947 की बताई खासियतयमुना एक्सप्रेसवे पर पुलिस की पिस्टल छीनकर भाग रहा 118 मामलों का आरोपी वसीम अकरम एनकाउंटर में ढेर होने से बचा, पैर में लगी गोलीदिल्ली में जर्जर 34 सरकारी स्कूल भवन गिराए जाएंगे, 900 करोड़ से बनेंगे 27 नए हाईटेक विद्यालयओडिशा में नए पुलिस महानिदेशक के चयन पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, यूपीएससी की बैठक टली
बंगाल की खाड़ी में बने दबाव से झारखंड में बदलेगा मौसम, 13 और 14 अगस्त को भारी बारिश तथा वज्रपात का अलर्ट जारीझारखंड
12 अग॰ 2026, 9:13 pm (1 दिन पहले)· 2

बंगाल की खाड़ी में बने दबाव से झारखंड में बदलेगा मौसम, 13 और 14 अगस्त को भारी बारिश तथा वज्रपात का अलर्ट जारी

झारखंड के सभी 24 जिलों में बादलों का डेरा जमा हुआ है और 13 से 14 अगस्त के दौरान कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

झारखंड में मानसून का मिजाज एक बार फिर से बेहद सक्रिय होने जा रहा है। बुधवार, 12 अगस्त को राज्य भर के आसमान में घने बादलों की आवाजाही बनी हुई है, जिससे विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा दर्ज की जा रही है। मौसम की यह गतिविधियां आने वाले दिनों में और अधिक तेज होने वाली हैं। बंगाल की खाड़ी के ऊपर निर्मित हो रहे निम्न दबाव के क्षेत्र का व्यापक असर राज्य के मौसम पर दिखाई देगा। इस नए मौसमी तंत्र के प्रभाव से 13 और 14 अगस्त को झारखंड के दक्षिणी तथा मध्यवर्ती भागों में भारी बारिश और गर्जन के साथ वज्रपात की गंभीर स्थिति बनने की प्रबल संभावना है। 12 अगस्त को राज्य के सभी 24 जिलों में बादलों की मौजूदगी और छिटपुट वर्षा को लेकर सतर्कता व्यक्त की गई है।

13 और 14 अगस्त को किन जिलों में होगी मूसलाधार बारिश

बंगाल की खाड़ी में बन रही नई मौसमी प्रणाली के चलते 13 अगस्त से वर्षा का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ेंगे। 13 अगस्त को मुख्य रूप से दक्षिणी झारखंड के क्षेत्रों में भारी वर्षा होने का अनुमान है। इनमें सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले शामिल हैं, जहां तेज बौछारों का दौर देखने को मिल सकता है। इसके पश्चात 14 अगस्त को मानसूनी बारिश का यह फैलाव और अधिक व्यापक हो जाएगा। 14 अगस्त को राज्य की राजधानी रांची के साथ-साथ खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका जताई गई है। इन जिलों में तेज बारिश के साथ ही आकाशीय बिजली चमकने और गिरने का खतरा भी बना रहेगा।

ये भी पढ़ें

12 से 17 अगस्त तक मानसूनी हलचल का दौर और क्षेत्रीय असर

संपूर्ण राज्य में 12 अगस्त से 17 अगस्त के बीच मानसून पूरी तरह से मेहरबान और सक्रिय रहेगा। इस पूरी अवधि के दौरान 13 अगस्त से लेकर 15 अगस्त के मध्य बारिश की गतिविधियां अपने चरम पर होंगी, जबकि इसके बाद भी विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर हल्की और मध्यम वर्षा का सिलसिला लगातार जारी रहने के आसार हैं। केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि समूचे पूर्वी भारत के भौगोलिक क्षेत्रों में 11 अगस्त से 16 अगस्त के दौरान मानसून की यह सक्रियता प्रभावी बनी रहने की उम्मीद है। 12 अगस्त के दिन पूरे झारखंड में बादलों का जमावड़ा बना हुआ है और कई स्थानों पर बौछारें गिर सकती हैं। हालांकि, अत्यंत भारी बारिश की मुख्य चेतावनी 13 और 14 अगस्त की तारीखों के लिए केंद्रित की गई है। इसके अलावा दक्षिणी और मध्य झारखंड के इलाकों में स्थानीय स्तर पर तेज आंधी, बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली गिरने की परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।

पहाड़ी इलाकों में सुहावना मौसम और रांची का ताजा तापमान

बारिश की निरंतर गतिविधियों के कारण झारखंड के उच्च ऊंचाई वाले और प्राकृतिक हरियाली से आच्छादित जिलों में मौसम बेहद खुशनुमा बना हुआ है। रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम जैसे क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा और बादलों के आवरण से लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है। तापमान में गिरावट दर्ज होने से दिन और रात के समय वातावरण में ठंडक घुली हुई है। हालिया प्रामाणिक आंकड़ों के अनुसार, रांची में तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि हवा में नमी अर्थात आर्द्रता का स्तर 94 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यह उच्च आर्द्रता और कम तापमान का मिला-जुला प्रभाव राज्य वासियों को सुकून का अहसास करा रहा है।

बीते 24 घंटों के दौरान जिलों में दर्ज की गई वर्षा के आंकड़े

मंगलवार, 11 अगस्त को भी झारखंड के कई जिलों में मानसूनी फुहारें और मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, बीते दिन हजारीबाग जिले में सबसे अधिक 17 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा जमशेदपुर में 8 मिलीमीटर, बोकारो में 5 मिलीमीटर, रांची में 3 मिलीमीटर, चाईबासा में 3 मिलीमीटर और लातेहार जिले में 2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मानसूनी बादल लगातार बरस रहे हैं और जमीन की नमी को बढ़ा रहे हैं।

48 घंटों के लिए वज्रपात की चेतावनी और वायु गुणवत्ता में सुधार

मौसम के बदलते स्वरूप को देखते हुए अगले 48 घंटों के दौरान दक्षिणी झारखंड के सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों पर विशेष नजर रखी जा रही है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने और आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम बहुत अधिक बढ़ गया है। इसके अतिरिक्त, मौसम वैज्ञानिकों ने कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज गति से हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की है। तेज हवाओं और वर्षा के संयुक्त प्रभाव से राज्य के अधिकांश शहरों की वायु गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है। वर्षा की बूंदें हवा में मौजूद प्रदूषणकारी कणों को धोकर जमीन पर बिठा देती हैं, जिससे एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) का स्तर अधिकांश शहरों में संतोषजनक से लेकर मध्यम श्रेणी में बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वज्रपात के समय खुले मैदानों, बड़े वृक्षों और बिजली के खंभों से दूर रहकर सुरक्षित स्थानों पर ही शरण लें।

सवाल-जवाब

झारखंड में भारी बारिश का मुख्य अलर्ट किन तारीखों के लिए जारी किया गया है?
झारखंड में भारी बारिश और वज्रपात का मुख्य अलर्ट 13 और 14 अगस्त के लिए जारी किया गया है।
13 और 14 अगस्त को किन जिलों में सबसे अधिक बारिश होने की संभावना है?
13 अगस्त को सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां तथा 14 अगस्त को रांची, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, गुमला सहित दक्षिणी और मध्य जिलों में भारी बारिश का अनुमान है।
हालिया अवलोकन के अनुसार रांची का तापमान और आर्द्रता कितनी दर्ज की गई?
रांची में तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस और हवा में आर्द्रता का स्तर 94 प्रतिशत दर्ज किया गया है।
बीते 24 घंटों में झारखंड के किस जिले में सबसे अधिक बारिश दर्ज हुई?
बीते 24 घंटों के दौरान हजारीबाग जिले में सबसे अधिक 17 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
वज्रपात और आंधी के दौरान मौसम विशेषज्ञों की क्या सलाह है?
लोगों को सलाह दी गई है कि आकाशीय बिजली और 40-50 किमी/घंटे की हवाओं के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास बिल्कुल न खड़े हों।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Rohan Verma@rohan-verma·1 दिन पहले

बंगाल की खाड़ी के इस नए दबाव से झारखंड में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा। 13-14 अगस्त को भारी मानसूनी बारिश और वज्रपात की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन को निचले इलाकों और बिजली गिरने की आशंका वाले ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतनी होगी। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से फायदेमंद है, लेकिन आकाशीय सुरक्षा के कड़े इंतजाम जरूरी हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·1 दिन पहले

बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण झारखंड में 13 और 14 अगस्त को भारी बारिश और वज्रपात का जो अलर्ट जारी किया गया है, उसका सीधा असर कृषि और ग्रामीण जनजीवन पर पड़ेगा। झारखंड के दक्षिणी और मध्यवर्ती जिलों में मानसूनी सक्रियता बढ़ने से धान की रोपाई को तो संबल मिलेगा, लेकिन खुले में काम करने वाले किसानों और ग्रामीणों के लिए आकाशीय बिजली का खतरा एक गंभीर चुनौती बन गया है। प्रशासन को इस दौरान विशेष सतर्कता बरतनी होगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 दिन पहले

झारखंड में मानसूनी हलचल और वज्रपात की यह चेतावनी सिर्फ एक मौसम रिपोर्ट नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। मौसम विभाग के इन आंकड़ों के मुताबिक, 13 और 14 अगस्त को सिमडेगा, सिंहभूम और रांची जैसे जिलों में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा चरम पर रहेगा। ऐसे में जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन इकाई को चाहिए कि वे ग्रामीण इलाकों में लाउडस्पीकर और स्थानीय तंत्र के जरिए तत्काल चेतावनी प्रसारित करें, ताकि खुले खेतों में काम करने वाले किसानों और आम नागरिकों की जानमाल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·1 दिन पहले

बंगाल की खाड़ी के इस नए दबाव का असर केवल झारखंड तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे सटे उत्तर प्रदेश के दक्षिणी जिलों में भी मानसूनी गतिविधियां तेज हो सकती हैं। खासकर सोनभद्र, मिर्जापुर और चंदौली जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में अगले दो-तीन दिनों के दौरान बादलों की आवाजाही और छिटपुट बौछारों की संभावना बढ़ जाती है। ग्रामीण इलाकों में इस मानसूनी सक्रियता से खेती-किसानी को लाभ होगा, लेकिन वज्रपात के भारी खतरे को देखते हुए किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों के लिए प्रशासन को तुरंत एडवाइजरी जारी करनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 दिन पहले

यह मौसमी हलचल केवल कृषि के लिए ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद संवेदनशील है। आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन को विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में वज्रपात से होने वाली संभावित जनहानि को रोकने के लिए लाउडस्पीकर और स्थानीय तंत्र के जरिए तुरंत चेतावनी प्रसारित करनी चाहिए। पिछले कुछ वर्षों में आकाशीय बिजली गिरने से खेतों में काम करने वाले श्रमिकों और किसानों की जान जाने के मामले बढ़े हैं, इसलिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम वक्त की सबसे बड़ी मांग हैं।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR