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झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद भड़के राहुल गांधी, हेमंत सोरेन सरकार को दी कड़ी नसीहतराजनीति
10 अग॰ 2026, 7:36 pm (77 दिन पहले)· 0

झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद भड़के राहुल गांधी, हेमंत सोरेन सरकार को दी कड़ी नसीहत

रांची में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी ने हेमंत सोरेन सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने बल प्रयोग को अनुचित बताते हुए सरकार से संवाद के जरिए मसले को सुलझाने की मांग की है।

झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं तथा भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में उतरे अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प ने राज्य की राजनीति गरमा दी है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने झारखंड में अपनी ही गठबंधन की सहयोगी हेमंत सोरेन सरकार को घेरे में ले लिया है। उन्होंने पुलिस द्वारा छात्रों पर किए गए बल प्रयोग की कड़ी आलोचना की है और प्रशासन से अपील की है कि लाठी-गोली के बजाय बातचीत के माध्यम से युवाओं की सभी समस्याओं का तुरंत और संतोषजनक समाधान निकाला जाए।

सोमवार शाम को अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर अपनी बात रखते हुए राहुल गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि झारखंड में अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल का प्रयोग किया जाना पूरी तरह से गलत है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश के हर छात्र और नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और विरोध जताने का लोकतांत्रिक अधिकार प्राप्त है। उनके मुताबिक, इस तरह के मुद्दों पर प्रशासन या सरकार को सख्ती दिखाने के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए, क्योंकि संवाद से ही हर समस्या का वास्तविक हल निकल सकता है। इसके साथ ही उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार से मांग की कि वह बिना देर किए इन प्रदर्शनकारी युवाओं की बात को गंभीरता से सुने और उनकी हर जायज समस्या का तत्काल समाधान करे।

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विधानसभा घेराव के दौरान कैसे बिगड़े हालात

यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित तौर पर धांधली और भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ियों से नाराज अभ्यर्थियों ने रांची में विधानसभा घेराव करने का बड़ा ऐलान किया था। इस आह्वान के बाद राज्य भर से बड़ी संख्या में छात्र और नौकरी की तैयारी करने वाले युवा रांची पहुंचे और विधानसभा भवन की ओर बढ़ने लगे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए स्थानीय पुलिस ने पहले से ही कई स्थानों पर मजबूत बैरिकेडिंग कर रखी थी।

हालाँकि, जब हजारों की संख्या मेंजमे प्रदर्शनकारी छात्र बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने पर अड़ गए, तो मौके पर तनाव काफी बढ़ गया। स्थिति को बेकाबू होता देख पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन यानी पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद जब भीड़ तितर-बितर नहीं हुई, तो पुलिस बल द्वारा लाठीचार्ज करने और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की खबरें भी सामने आईं, जिससे मौके पर भगदड़ और अफरातफरी मच गई।

छात्रों और नेताओं के गंभीर आरोप

इस पुलिसिया कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी युवाओं के घायल होने की बात सामने आई है। मौके पर मौजूद छात्रों का कहना था कि वे पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने उन पर अत्यधिक और अकारण बल प्रयोग किया।

प्रदर्शन में शामिल छात्र पीयूष कुमार सोनी ने पुलिस की इस पूरी कार्रवाई को बेहद बर्बर करार दिया। वहीं, एक अन्य प्रदर्शनकारी विक्रम कुमार ने दावा किया कि इस हंगामे और लाठीचार्ज के दौरान कई महिला अभ्यर्थी भी गंभीर रूप से घायल हुई हैं। उनके अनुसार, झड़प में कई छात्रों के सिर, हाथों और चेहरों पर गंभीर चोटें आईं। हालात इतने गंभीर थे कि एक घायल व्यक्ति को मौके से एंबुलेंस बुलाकर स्ट्रेचर के जरिए अस्पताल ले जाया जाना पड़ा।

इसके अलावा, प्रदर्शनकारी छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब छात्र शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे, तब सरकार की तरफ से कोई भी अधिकृत प्रतिनिधि उनकी सुध लेने या बातचीत करने के लिए मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने रोष जताते हुए कहा कि युवा लंबे समय से अपनी न्यायसंगत मांगों के लिए सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार की तरफ से संवाद की कोई भी पहल अब तक नहीं की गई है।

सवाल-जवाब

राहुल गांधी ने झारखंड सरकार से क्या अपील की है?
राहुल गांधी ने छात्रों पर बल प्रयोग को गलत बताते हुए सरकार से अपील की है कि वह बातचीत के जरिए उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान निकाले।
रांची में छात्र किस बात को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे?
छात्र जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं तथा भर्ती प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने क्या कदम उठाए?
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की, वाटर कैनन चलाए और लाठीचार्ज तथा आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
छात्र नेताओं ने प्रशासन पर क्या आरोप लगाए हैं?
छात्र नेताओं का आरोप है कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन पुलिस ने बर्बर कार्रवाई की और सरकार की ओर से कोई भी बातचीत के लिए नहीं आया।
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