एलोवेरा उन चुनिंदा पौधों में से है जिसे लगभग हर कोई अपने घर में रखना चाहता है। इसकी वजह सिर्फ इसकी हरी-भरी खूबसूरती नहीं है, बल्कि यह एक औषधीय पौधा भी है। इसका जेल स्किन और बालों की देखभाल में काम आता है, और कई लोग तो इसका जूस निकालकर सेहत के लिए पीते भी हैं। इतने फायदों के बावजूद एक दिक्कत अक्सर सामने आती है — पौधा लगाने के बाद उसकी बढ़त उतनी तेज नहीं होती जितनी उम्मीद की जाती है। आखिर ऐसा क्यों होता है और इसका हल क्या है, आइए विस्तार से समझते हैं।
पत्तियों से लगाने पर कितने समय में बढ़ता है पौधा
अगर आप एलोवेरा को उसकी पत्तियों के जरिए लगा रहे हैं, तो आमतौर पर 4 से 8 सप्ताह के भीतर नई पत्तियां निकलनी शुरू हो जाती हैं। हालांकि यह समय कोई पक्की मियाद नहीं है। पौधा कितनी जल्दी बढ़ेगा, यह पूरी तरह इस बात पर टिका है कि उसे कितनी देखभाल, धूप, कैसी मिट्टी और कितना पानी मिल रहा है। अगर इन चारों चीजों का तालमेल सही बैठ जाए, तो पौधा तेजी से फैलता है और कुछ ही महीनों में घना दिखने लगता है।
पानी देने में जल्दबाजी न करें
एलोवेरा को घना और स्वस्थ बनाने का सबसे पहला नियम है — इसे जरूरत से ज्यादा पानी कभी न दें। दरअसल यह एक सक्युलेंट पौधा है, यानी इसकी मोटी पत्तियों के अंदर ही पानी जमा रहता है। ऐसे में बार-बार पानी डालते रहने से फायदे की जगह नुकसान होता है और जड़ें सड़ने लगती हैं। सही तरीका यह है कि गमले की मिट्टी पूरी तरह सूख जाने का इंतजार करें, और तभी पानी दें। इस आदत से जड़ें मजबूत होती हैं तथा पत्तियां मोटी और सेहतमंद बनी रहती हैं।
रोज मिलनी चाहिए पर्याप्त धूप
पानी के बाद दूसरी सबसे जरूरी चीज है धूप। अगर आप चाहते हैं कि पौधा तेजी से बढ़े और नई पत्तियां जल्दी आएं, तो उसे रोजाना 4 से 5 घंटे की अच्छी धूप जरूर मिलनी चाहिए। पर्याप्त रोशनी मिलने का एक और फायदा यह है कि पौधे का रंग हरा और ताजा बना रहता है, मुरझाया हुआ नहीं दिखता।
मिट्टी ऐसी हो जिसमें पानी न ठहरे
एलोवेरा को वही मिट्टी रास आती है जिसमें पानी रुककर जमा न हो। गमले में पौधा लगाते वक्त सामान्य मिट्टी में थोड़ी बालू मिला देना फायदेमंद रहता है। इससे मिट्टी हवादार बन जाती है और फालतू पानी आसानी से बाहर निकल जाता है। चाहें तो मिट्टी में कोकोपीट भी मिलाया जा सकता है — इससे नमी का संतुलन बना रहता है और जड़ों को बढ़ने के लिए बेहतर माहौल मिलता है।













