हैदराबाद अपनी लाजवाब बिरयानी, बेहतरीन हलीम और मशहूर ईरानी चाय के लिए वैश्विक स्तर पर पहचान रखता है। हालांकि, अब इस ऐतिहासिक शहर के जायके में एक और दिलचस्प जुड़ाव देखने को मिल रहा है। नवाबों के इस शहर में इन दिनों बर्न कोकोनट यानी भुने हुए नारियल का क्रेज स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के बीच तेजी से सिर चढ़कर बोल रहा है। मुख्य रूप से चारमीनार और पुराने शहर के इलाकों में यह स्ट्रीट फूड अपनी एक अलग पहचान बना चुका है, जहां इसे पीने वालों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं।
तैयारी का अनोखा अंदाज
इस पेय को बनाने की प्रक्रिया किसी पारंपरिक तकनीक से कम नहीं है। विक्रेता सबसे पहले कच्चे हरे नारियल को सीधे दहकते हुए कोयले की भट्टी पर रख देते हैं। इस नारियल को तब तक आग पर पकाया जाता है जब तक कि इसकी बाहरी सख्त परत पूरी तरह से जलकर काली नहीं हो जाती। जब बाहरी छिलका जलकर राख जैसा हो जाता है, तब बड़े चाकू के जरिए सावधानीपूर्वक उस जली हुई परत को हटा दिया जाता है। इस प्रक्रिया के अंत में नारियल के भीतर से गर्मागर्म नारियल पानी और उसकी नरम मलाई निकलती है, जिसे सीधे ग्राहकों को परोसा जाता है।
क्यों खास है यह स्मोकी फ्लेवर?
हैदराबाद के फूड प्रेमियों के अनुसार, कोयले की आंच पर सीधे भुनने की वजह से नारियल पानी में एक अनोखा सौंधापन आ जाता है, जिसे स्मोकी फ्लेवर कहा जाता है। यह स्वाद सामान्य ठंडे नारियल पानी से बिल्कुल अलग होता है। चूंकि यह ड्रिंक हल्का गर्म होता है, इसलिए यह बदलते मौसम और मानसून के समय में गले को राहत देता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस प्रकार तैयार किया गया नारियल पानी न केवल शरीर में ताजगी और ऊर्जा का संचार करता है, बल्कि पाचन तंत्र को सुधारने में भी मददगार साबित होता है।
बदलते स्वाद का नया ठिकाना
हैदराबाद का खान-पान का इतिहास हमेशा से प्रयोगों का रहा है। यही वजह है कि यहां के लोग कुछ नया ट्राई करने में पीछे नहीं रहते। पुराने शहर के प्रमुख बाजारों में अब भुने हुए नारियल की मांग लगातार बढ़ रही है। यदि आप हैदराबादी संस्कृति और खान-पान के दीवाने हैं और पारंपरिक स्वाद से हटकर कुछ नया आज़माना चाहते हैं, तो पुराने शहर में मिलने वाला यह भुना हुआ नारियल आपके लिए स्वाद और स्वास्थ्य का एक बेहतरीन मेल हो सकता है।











