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उदयपुर के जायके में है कचौरी का जादू: शहर की ये 5 दुकानें जहां हर बार लगेगा तांताजीवनशैली
8 जुल॰ 2026, 8:49 pm (113 दिन पहले)· 2

उदयपुर के जायके में है कचौरी का जादू: शहर की ये 5 दुकानें जहां हर बार लगेगा तांता

झीलों के शहर उदयपुर में सिर्फ महलों की ही नहीं, बल्कि यहां की चटपटी कचौरियों की भी अपनी अलग पहचान है। यहाँ पांच ऐसी जगहें हैं जहाँ आप स्वाद का असली अनुभव ले सकते हैं।

झीलों की नगरी और ऐतिहासिक महलों के रूप में विख्यात उदयपुर अपने अनूठे खान-पान के लिए भी सैलानियों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जो पर्यटक यहां फतेहसागर, पिछोला और सिटी पैलेस की खूबसूरती निहारने आते हैं, वे शहर की गलियों में मिलने वाली लाजवाब कचौरी का स्वाद चखे बिना नहीं लौटते। सुबह के नाश्ते से लेकर शाम की चाय के साथ कचौरी का सेवन यहां की जीवनशैली का अहम हिस्सा बन चुका है, और यही कारण है कि शहर की चुनिंदा दुकानों पर खाने वालों की भारी भीड़ हर रोज देखी जाती है। यदि आप उदयपुर की यात्रा की योजना बना रहे हैं या यहां के स्थानीय स्वाद को करीब से परखना चाहते हैं, तो इन पांच प्रसिद्ध दुकानों पर जाना बिल्कुल न भूलें।

पालीवाल कचौरी, जगदीश चौक

उदयपुर की कचौरी संस्कृति का जिक्र हो और पालीवाल कचौरी का नाम न आए, ऐसा मुमकिन नहीं है। जगदीश चौक में स्थित यह प्रतिष्ठान लंबे समय से स्थानीय निवासियों और बाहर से आने वाले पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है। यहाँ परोसी जाने वाली कचौरी अपनी कुरकुरी बनावट और विशेष मसालों के मिश्रण के लिए जानी जाती है, जो लोगों को बार-बार यहां आने के लिए प्रेरित करती है।

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जोधपुर मिष्ठान, टाउन हॉल रोड

यदि आप आलू और प्याज के पारंपरिक स्वाद वाली कचौरी के शौकीन हैं, तो टाउन हॉल रोड पर स्थित जोधपुर मिष्ठान आपके लिए बेहतरीन विकल्प है। यहाँ मिलने वाली गरमा-गरम कचौरी और उसके साथ परोसी जाने वाली खास चटनी का मेल स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है। सुबह के समय यहाँ ग्राहकों की काफी चहल-पहल रहती है, जिससे यहाँ की ताजगी का अंदाजा लगाया जा सकता है।

प्रताप कचौरी, सूरजपोल

सूरजपोल क्षेत्र में स्थित प्रताप कचौरी अपनी अनूठी हींग वाली कचौरी के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। इनकी रेसिपी का मुख्य आकर्षण इनका इमली का पानी है, जो स्वाद में एक तीखा और चटपटा बदलाव लाता है। हींग के सुगंधित और तीखे स्वाद के कारण बहुत से कचौरी प्रेमी विशेष रूप से यहां खिंचे चले आते हैं।

लाल कचौरी, अस्थल मंदिर मार्ग

करीब 100 साल पुरानी यह दुकान उदयपुर की ऐतिहासिक विरासत का एक हिस्सा बन चुकी है। अस्थल मंदिर मार्ग पर स्थित लाल कचौरी आज भी अपनी पारंपरिक रेसिपी और पुरानी शैली को अक्षुण्ण बनाए हुए है। स्वाद में दशकों से आ रहे एकरूपता के कारण, यह स्थान पुरानी पीढ़ी से लेकर नई पीढ़ी तक सभी के बीच समान रूप से लोकप्रिय है।

अमृत मिष्ठान, मार्शल चौराहा

मार्शल चौराहा पर स्थित अमृत मिष्ठान अपनी दाल की कचौरी के लिए जानी जाती है। यहाँ की कचौरी का लुत्फ उठाने के लिए लोग खासतौर पर सुबह के नाश्ते के समय यहां पहुंचते हैं। कचौरी के साथ परोसी जाने वाली चटनी और तली हुई हरी मिर्च का संयोजन इसे और भी चटपटा बना देता है, जो ग्राहकों को काफी पसंद आता है।

सवाल-जवाब

उदयपुर में सबसे मशहूर कचौरी की दुकान कौन सी है?
पालीवाल कचौरी को उदयपुर की सबसे प्रसिद्ध दुकानों में से एक माना जाता है, जो जगदीश चौक पर स्थित है।
क्या टाउन हॉल रोड पर भी अच्छी कचौरी मिलती है?
जी हाँ, टाउन हॉल रोड पर स्थित जोधपुर मिष्ठान अपनी ताजी आलू और प्याज की कचौरी के लिए काफी लोकप्रिय है।
प्रताप कचौरी किस चीज के लिए जानी जाती है?
प्रताप कचौरी अपनी खास हींग वाली कचौरी और इमली के पानी के लिए पूरे शहर में प्रसिद्ध है।
लाल कचौरी कितने साल पुरानी है?
लाल कचौरी की दुकान लगभग 100 साल पुरानी है और यह आज भी अपनी पारंपरिक रेसिपी के लिए जानी जाती है।
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