इडली और डोसा दक्षिण भारतीय व्यंजनों की पहचान हैं। इनका खास स्वाद और इनकी हल्की, मुलायम बनावट न केवल खाने में स्वादिष्ट होती है, बल्कि फर्मेंटेशन की प्रक्रिया के कारण ये सेहत के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं। हालांकि, इन व्यंजनों की गुणवत्ता पूरी तरह से इस बात पर टिकी होती है कि बैटर का फर्मेंटेशन कितनी अच्छी तरह हुआ है। आमतौर पर इडली-डोसा के घोल को सही तरीके से तैयार होने में 6 से 7 घंटे या कभी-कभी इससे भी ज्यादा समय लग जाता है। लेकिन समस्या तब आती है जब आप अचानक इन्हें खाने का मन बना लें और आपके पास बैटर को फर्मेंट करने के लिए इतना लंबा समय न हो।
प्रेशर कुकर का जादुई इस्तेमाल
जब समय की कमी हो, तो बैटर को जल्दी तैयार करने के लिए आप किचन में मौजूद चीजों का ही सहारा ले सकते हैं। सबसे पहले, अपने तैयार किए हुए बैटर को एक बर्तन में निकालें और उसमें जरूरत के अनुसार नमक मिलाएं। इसके बाद एक प्रेशर कुकर लें और उसे हल्का गर्म करें। अब बैटर वाले बर्तन को सावधानीपूर्वक कुकर के अंदर रख दें। कुकर का ढक्कन अच्छी तरह बंद कर दें और सीटी लगी रहने दें। अब गैस को धीमी आंच पर रखें और इसे केवल 5 मिनट तक गर्म करें। 5 मिनट बाद गैस बंद कर दें और बैटर वाले बर्तन को लगभग एक घंटे तक कुकर के अंदर ही रहने दें। बंद कुकर के भीतर का गर्म वातावरण बैटर को तेजी से फर्मेंट होने में मदद करता है।
सही बर्तनों का चयन
फर्मेंटेशन की प्रक्रिया बैटर रखे जाने वाले बर्तन पर भी निर्भर करती है। हमेशा ध्यान रखें कि बैटर को स्टोर करने के लिए प्लास्टिक के बर्तनों का इस्तेमाल करने से बचें। इसके बजाय मिट्टी या स्टेनलेस स्टील के बर्तनों को प्राथमिकता दें। ये बर्तन बैटर के लिए एक अनुकूल तापमान और वातावरण बनाए रखते हैं, जिससे फर्मेंटेशन की प्रक्रिया अधिक सुचारू रूप से होती है। स्टील का बर्तन बैटर के लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित होता है।
अन्य सहायक ट्रिक्स
यदि आप प्रेशर कुकर वाली विधि के अलावा अन्य तरीके अपनाना चाहते हैं, तो बैटर में थोड़ा सेंधा नमक, आधा चम्मच दही, एक चौथाई चम्मच चीनी और एक चौथाई चम्मच नींबू का रस मिलाना भी मददगार हो सकता है। इन सभी सामग्रियों को अच्छी तरह से घोल में मिला दें और बर्तन को ढक कर किसी गर्म स्थान पर रख दें, जैसे कि गैस स्टोव के आसपास। यह तरीका भी फर्मेंटेशन की प्रक्रिया को तेज करने में काफी कारगर है।
सावधानी और सुझाव
यह याद रखना जरूरी है कि ये सभी त्वरित उपाय केवल इमरजेंसी या बहुत कम समय होने पर ही आजमाने चाहिए। प्राकृतिक रूप से 4 से 7 घंटे के समय में तैयार किया गया बैटर स्वाद, टेक्सचर और पाचन की दृष्टि से सर्वोत्तम होता है। यदि संभव हो, तो पहले से योजना बनाकर बैटर तैयार करना ही सबसे अच्छा है, ताकि आपको इडली और डोसा का असली और बेहतर स्वाद मिल सके।











