बालकनी हो, छत हो या घर का आंगन, खिले हुए नीले अपराजिता के फूल किसी भी कोने की रौनक को कई गुना बढ़ा देते हैं। इन फूलों की ओर लोग सिर्फ इनके चटक रंग की वजह से नहीं खिंचते, बल्कि इनसे जुड़ी धार्मिक मान्यताएं भी एक बड़ी वजह हैं। माना जाता है कि अपराजिता का पौधा घर में सकारात्मक माहौल बनाए रखता है और इसे सुख-समृद्धि का प्रतीक समझा जाता है। शायद यही कारण है कि आजकल हर कोई अपने घर में यह पौधा लगाना चाहता है।
लेकिन दिक्कत तब आती है जब लोग बाजार से बीज लाकर सीधे गमले में डाल देते हैं और कई दिन बीतने के बाद भी एक भी अंकुर नहीं फूटता। कभी बीज मिट्टी के अंदर ही सड़ जाते हैं, तो कभी पौधा इतनी धीमी रफ्तार से बढ़ता है कि उम्मीद ही टूट जाती है। अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है तो घबराने की कोई बात नहीं। गार्डनिंग एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बीज बोने से ठीक पहले एक छोटा-सा कदम उठाकर अंकुरण की रफ्तार कई गुना बढ़ाई जा सकती है। सही बीज, सही मिट्टी और थोड़ी देखभाल मिल जाए तो गमला कुछ ही दिनों में नीले फूलों से भर जाता है।
सबसे पहली शर्त है अच्छी क्वालिटी का बीज
हेल्दी अपराजिता उगाने की शुरुआत सही बीज चुनने से होती है। बीज हमेशा किसी भरोसेमंद नर्सरी या किसी अच्छे ऑनलाइन स्टोर से ही लें। अगर आपके आस-पास किसी के घर पुराना अपराजिता का पौधा लगा हो, तो उसकी सूखी फलियों से भी बीज निकाले जा सकते हैं। बस इस बात का ध्यान रखें कि बीज पूरी तरह पके हुए हों। गहरे भूरे या काले रंग के बीज सबसे अच्छे माने जाते हैं, जबकि हरे या अधपके बीज जल्दी खराब हो जाते हैं।
बीज डालने से पहले यह जरूरी काम न भूलें
ज्यादातर लोग बीजों को सीधे मिट्टी में दबा देते हैं और यहीं सबसे बड़ी चूक हो जाती है। अपराजिता के बीजों की बाहरी परत काफी सख्त होती है, इसलिए उन्हें अंकुरित होने में ज्यादा समय लग जाता है। माली की सलाह है कि गमले में डालने से पहले बीजों को 4 से 6 घंटे तक साफ पानी में भिगोकर रखें। ऐसा करने से बीज की ऊपरी सख्त परत नरम पड़ जाती है और अंकुर आसानी से बाहर निकल आता है। यह आसान-सी ट्रिक बीजों को तेजी से उगाने में बड़ा फर्क डालती है।
सही पॉटिंग मिक्स कैसे बनाएं
अपराजिता के पौधे को ऐसी मिट्टी रास आती है जिसमें पानी ठहरता न हो और जड़ों तक हवा आसानी से पहुंचती रहे। इसके लिए बगीचे की आम मिट्टी, रेत और जैविक खाद या कंपोस्ट को बराबर मात्रा में मिला लें। रेत मिट्टी को भुरभुरा बना देती है, वहीं जैविक खाद पौधे को जरूरी पोषण देती है। गमला चुनते समय यह जरूर देख लें कि उसके तले में ड्रेनेज होल हो, ताकि फालतू पानी आसानी से बाहर निकलता रहे।
बीज कितनी गहराई पर लगाएं
भीगे हुए बीजों को मिट्टी की सतह पर रखें और ऊपर से करीब आधा इंच मिट्टी या कंपोस्ट की हल्की परत डाल दें। कई लोग बीजों को बहुत गहराई में दबा देते हैं, जिससे उन्हें हवा नहीं मिल पाती और वे सड़ने लगते हैं। इसलिए बीजों को जरूरत से ज्यादा गहरा कभी न लगाएं।
बीज लगाने के तुरंत बाद स्प्रे बोतल से हल्का पानी छिड़कें। मिट्टी में नमी बनी रहनी चाहिए, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी नुकसान पहुंचा सकता है। अगर गमले में पानी जमा रह गया तो बीजों पर फंगस लग सकती है और वे खराब हो जाते हैं। इसलिए मिट्टी को सिर्फ नम रखें, गीला नहीं।
धूप और देखभाल का सही तरीका
शुरुआत में गमले को ऐसी जगह रखें जहां तेज धूप तो न आए लेकिन अच्छी रोशनी मिलती रहे। सीधी धूप में रखने से मिट्टी की नमी जल्दी सूख जाती है। आमतौर पर 5 से 7 दिनों के भीतर छोटे-छोटे पौधे निकलने लगते हैं। जब पौधे 3 से 4 इंच लंबे हो जाएं, तब उन्हें ऐसी जगह रख दें जहां सुबह की 3 से 4 घंटे की धूप मिल सके। अपराजिता एक बेल वाला पौधा है, इसलिए इसकी बढ़त के लिए लकड़ी, जाली या रस्सी का सहारा देना न भूलें। थोड़ी-सी सही देखभाल मिले तो कुछ ही हफ्तों में आपका पौधा तेजी से बढ़ेगा और खूबसूरत नीले फूलों से लद जाएगा।













