मानसून का मौसम जहां आम लोगों के लिए गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं यह पालतू जानवरों के लिए स्वास्थ्य संबंधी कई बड़ी चुनौतियां भी साथ लाता है। बोकारो में डॉग पालने वाले लोग जो सुबह-शाम अपने पेट को बाहर टहलाने ले जाते हैं, वे अक्सर बारिश की वजह से उन्हें भीगने से नहीं बचा पाते। लगातार भीगने और गंदगी या दूषित पानी के संपर्क में रहने से कुत्तों में संक्रमण और गंभीर बीमारियों की आशंका काफी बढ़ जाती है।
स्किन इन्फेक्शन का सबसे ज्यादा खतरा
बोकारो के चास स्थित पेट क्लीनिक के पशु चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि बरसात के दिनों में थोड़ी सी लापरवाही भी पालतू कुत्तों की सेहत बिगाड़ सकती है। उनके अनुसार, इस सीजन में स्किन इन्फेक्शन के सबसे ज्यादा मामले सामने आते हैं। जब कुत्ता लंबे समय तक गीला रहता है, तो उसके शरीर पर बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपने लगते हैं। इसकी वजह से कुत्तों को खुजली, त्वचा पर लाल चकत्ते, छोटे दाने, जलन और बाल झड़ने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यदि समय रहते इनका इलाज नहीं कराया जाए, तो ये संक्रमण गहरे घाव में बदल सकते हैं।
लेप्टोस्पायरोसिस का बढ़ता प्रकोप
डॉ. अनिल कुमार ने लेप्टोस्पायरोसिस नामक बीमारी को लेकर भी चेतावनी दी है। यह बीमारी मानसून के दौरान गंदे पानी और वातावरण में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया के संपर्क में आने से होती है। इसके लक्षणों में डॉग को तेज बुखार आना, लगातार उल्टी होना, सुस्ती छाना, मांसपेशियों में दर्द महसूस होना और कमजोरी शामिल है। यदि संक्रमण गंभीर हो जाए, तो यह बीमारी सीधे तौर पर किडनी और लिवर जैसे अंगों को प्रभावित कर सकती है, जो काफी खतरनाक है।
पेट से जुड़ी समस्याएं और अन्य बीमारियां
अक्सर बारिश में भीगने के बाद डॉग खुद को चाटकर सुखाने की कोशिश करते हैं। इस प्रक्रिया में गंदे पानी में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और कीटाणु सीधे उनके पेट के अंदर चले जाते हैं। इसके परिणामस्वरूप उन्हें अपच, दस्त, पेट दर्द और भूख न लगने जैसी तकलीफें हो सकती हैं। डॉ. कुमार का कहना है कि जब भी कुत्ता भीग जाए, उसे तुरंत साफ पानी से नहलाना और अच्छी तरह सुखाना बहुत जरूरी है। इसके अलावा, भीगने से शरीर का तापमान कम होने के कारण कुत्तों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) घट जाती है, जिससे उन्हें सर्दी, खांसी और निमोनिया होने का खतरा बढ़ जाता है। सही समय पर उपचार न मिलने से स्थिति बिगड़ सकती है और उनकी जान तक जोखिम में पड़ सकती है।
मानसून में डॉग्स की देखभाल के टिप्स
पशु चिकित्सक ने सलाह दी है कि बरसात के दौरान डॉग्स को बाहर ले जाने से बचें और उन्हें भीगने से सुरक्षित रखें। यदि वे बारिश में भीग जाएं, तो उन्हें तुरंत एक साफ तौलिये से पोंछें और ज़रूरत पड़ने पर हेयर ड्रायर का उपयोग करके अच्छी तरह सुखाएं। जिन कुत्तों के बाल लंबे होते हैं, उनकी देखभाल में अधिक सतर्कता बरतें क्योंकि वे जल्दी नहीं सूखते। हमेशा उन्हें साफ और ताजा पीने का पानी दें। अपने पेट की नियमित साफ-सफाई रखें और यदि किसी भी तरह के असामान्य लक्षण दिखें, तो बिना देर किए किसी पशु चिकित्सक से संपर्क कर स्वास्थ्य जांच कराएं।











