मानसून के दौरान वातावरण में मौजूद नमी और लगातार होने वाली बारिश पेड़-पौधों के प्राकृतिक विकास के लिए सबसे बेहतरीन मानी जाती है। अगर आप भी गार्डनिंग के शौकीन हैं और चाहते हैं कि आने वाली सर्दियों में आपका घर और बालकनी रंग-बिरंगे फूलों से महक उठे, तो अगस्त का महीना नए पौधे लगाने का सबसे उपयुक्त समय है। इस समय मिट्टी में नमी की मात्रा अच्छी होती है, जिससे नए पौधों की जड़ें तेजी से विकसित होती हैं।
घर के आंगन को चमकाने वाले लोकप्रिय फूल
गेंदा भारतीय घरों की बागवानी के लिए सबसे लोकप्रिय और बेहद आसान विकल्पों में से एक माना जाता है। इसे गमलों के साथ-साथ सीधे जमीन की क्यारियों में भी बहुत आसानी से रोपा जा सकता है। गेंदे के पौधे को भरपूर धूप और पर्याप्त पानी की जरूरत होती है। यदि इसकी सही तरीके से देखभाल की जाए, तो बहुत ही कम समय में इसमें सुंदर पीले और चमकदार नारंगी फूल आने शुरू हो जाते हैं।
इसके अलावा, अपने बगीचे को रंगों से भरने के लिए पेटूनिया भी एक शानदार चुनाव है। पेटूनिया के पौधे को ऐसे स्थान पर स्थापित करना चाहिए जहां इसे पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी मिल सके। अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी में पेटूनिया बहुत तेजी से फैलता है और मौसम अनुकूल रहने पर यह लगातार नए फूल देता रहता है।
कम रखरखाव वाले सजावटी पौधे
जीनिया और पोर्टुलाका भी ऐसे बेहतरीन फूल वाले पौधे हैं जिन्हें अगस्त के महीने में आसानी से लगाया जा सकता है। इन दोनों ही पौधों को बहुत ज्यादा जटिल देखभाल की आवश्यकता नहीं होती और ये गमलों में लगे हुए बेहद खूबसूरत दिखाई देते हैं। इनकी बेहतर ग्रोथ के लिए पौधों को पर्याप्त धूप दिखाना, आवश्यकतानुसार पानी देना और समय-समय पर जैविक खाद प्रदान करना बेहद फायदेमंद रहता है।
सदाबहार, जिसे विंका के नाम से भी जाना जाता है, घर के गार्डन की शोभा बढ़ाने वाला एक और बेहतरीन पौधा है। इसके फूल कई आकर्षक रंगों में उपलब्ध होते हैं और यह पौधा काफी सजावटी दिखता है। सदाबहार को गमले में रोपते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है कि मिट्टी में पानी जमा न रहे, क्योंकि जड़ों के पास ठहरा हुआ अत्यधिक पानी पौधे की जड़ों को सड़ाकर नुकसान पहुंचा सकता है।
अगस्त में पौधरोपण के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें
मानसून के मौसम में पौधों को लगाते समय कुछ बुनियादी सावधानियां बरतना बहुत जरूरी होता है। सबसे पहले, जिस भी गमले में आप पौधा लगा रहे हों, उसमें पानी की सही निकासी के लिए नीचे छेद जरूर होना चाहिए ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल सके और मिट्टी में लंबे समय तक पानी जमा न रहे। इसके साथ ही, हर पौधे की जरूरत के हिसाब से उसे धूप उपलब्ध कराएं। समय-समय पर पौधों के सूखे पत्ते और मुरझाए हुए फूलों को हटाते रहना चाहिए, जिससे पौधे की ऊर्जा नई कलियों को उगाने में लगे। इन आसान उपायों को अपनाकर आप सर्दियों का मौसम आने से पहले ही अपने गार्डन को फूलों से हरा-भरा और सुंदर बना सकते हैं।



















