घर में मनी प्लांट सिर्फ सजावट के लिए नहीं, बल्कि सकारात्मकता और हरियाली के लिए भी लगाया जाता है. यह पौधा मिट्टी और पानी दोनों में आसानी से पनप जाता है, इसलिए ज्यादातर लोग मान लेते हैं कि इसे किसी खास देखभाल की जरूरत नहीं होती. लेकिन हकीकत यह है कि जरूरत से ज्यादा पानी देना, धूप की कमी, पोषक तत्वों की कमी या गलत जगह पर रखना पौधे की सेहत बिगाड़ सकता है. अगर समय रहते सही वजह पहचान ली जाए और कुछ आसान तरीके अपनाए जाएं, तो मुरझाया हुआ मनी प्लांट भी दोबारा घना और हरा-भरा हो सकता है.
पत्तियां पीली क्यों पड़ती हैं
मनी प्लांट की पत्तियों का रंग बदलने के पीछे सबसे बड़ी वजह जरूरत से ज्यादा पानी देना है. जब मिट्टी लगातार गीली रहती है, तो पौधे की जड़ें सड़ने लगती हैं और यही सड़न धीरे-धीरे पत्तियों तक पहुंचकर उन्हें पीला कर देती है. इसके अलावा अगर पौधे को पर्याप्त रोशनी नहीं मिलती, या पानी वाले गमले में लंबे समय तक वही पुराना पानी भरा रहता है, तो भी पत्तियां कमजोर पड़ने लगती हैं. मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी होना और पुरानी या खराब हो चुकी पत्तियों को समय पर न काटना भी इसकी एक बड़ी वजह है. इसलिए पानी देने और देखभाल करने से पहले पौधे की मौजूदा हालत को ध्यान से समझना जरूरी है, न कि एक तय समय पर आंख मूंदकर पानी डालते रहना.
सही रोशनी और पानी की मात्रा जरूरी
मनी प्लांट को तेज और सीधी धूप की बिल्कुल जरूरत नहीं होती, बल्कि यह हल्की और परोक्ष (Indirect) रोशनी में सबसे तेजी से बढ़ता है. अगर पौधा पानी की बोतल या गमले में लगाया गया है, तो हफ्ते में एक बार पानी बदल देना सही रहता है, ताकि जड़ों के आसपास बैक्टीरिया या फफूंद न पनपे. वहीं मिट्टी में लगे पौधे को तभी पानी देना चाहिए जब ऊपर की परत हल्की सूखी महसूस हो. इस तरीके से जड़ों के आसपास नमी का संतुलन बना रहता है और जड़ सड़ने की आशंका काफी कम हो जाती है.
रसोई की एक चीज़ से मिलेगी नई ग्रोथ
मनी प्लांट की बेल को तेजी से बढ़ाने के लिए रसोई में मौजूद चावल धोने वाला पानी काफी असरदार माना जाता है. चावल धोते समय निकलने वाले इस पानी में स्टार्च के साथ-साथ थोड़ी मात्रा में पोटैशियम, फॉस्फोरस और कुछ अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो पौधे की जड़ों और नई पत्तियों की बढ़वार में मदद करते हैं. ध्यान रहे कि इस्तेमाल के लिए हमेशा बिना नमक वाला और ताजा चावल का पानी ही चुनें, क्योंकि नमक मिला पानी जड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है. इसे महीने में सिर्फ 2 से 3 बार, सीमित मात्रा में मिट्टी में डालना ही काफी होता है. अगर इसका इस्तेमाल जरूरत से ज्यादा किया जाए, तो मिट्टी में फफूंद लगने या बदबू आने की समस्या भी खड़ी हो सकती है.
नियमित देखभाल से बढ़ेगी रौनक
पीली या सूख चुकी पत्तियों को समय-समय पर काटते रहना चाहिए, ताकि पौधे की पूरी ऊर्जा नई और स्वस्थ पत्तियों को निकालने में लगे. अगर मनी प्लांट पानी में रखा गया है, तो उसका कंटेनर भी थोड़े-थोड़े समय में साफ करना जरूरी है, ताकि उसमें काई या बैक्टीरिया जमा न हों. इसके साथ ही पौधे को हर कुछ दिनों में घुमाते रहना चाहिए, जिससे उसके सभी हिस्सों को बराबर रोशनी मिल सके. इस छोटी सी आदत से बेल एक ही दिशा में झुकने के बजाय संतुलित तरीके से फैलती है और पौधा देखने में ज्यादा घना और खूबसूरत लगता है.
थोड़ी सी देखभाल से लौट आएगी हरियाली
मनी प्लांट की पत्तियों का पीला पड़ना हमेशा किसी गंभीर समस्या का संकेत नहीं होता. सही मात्रा में पानी, हल्की परोक्ष रोशनी और समय-समय पर जरूरी पोषक तत्व मिलने से यह पौधा दोबारा तेजी से बढ़ने लगता है. अगर इसकी नियमित देखभाल की जाए और चावल के पानी जैसे घरेलू और आसान उपायों को संतुलित मात्रा में अपनाया जाए, तो घर का यह हरा-भरा साथी लंबे समय तक खूबसूरत और घना बना रह सकता है.











