लाइव कवरेज में जानिए कि अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान अर्णब के कारण ओडिशा और आंध्र प्रदेश में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राहत और बचाव कार्यों के बीच आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कम से कम 4,600 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका जताई है।
लाइवलाइव: चक्रवात अर्णब का ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी तांडव, 55 हजार से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट — 30 अक्तूबर 2026
लाइव कवरेज में जानिए कि अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान अर्णब के कारण ओडिशा और आंध्र प्रदेश में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राहत और बचाव कार्यों के बीच आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कम से कम 4,600 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका जताई है।
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अर्णब के दौरान 3,100 गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों में पहुंचाया गया, 367 बच्चों का जन्म हुआ
आंध्र प्रदेश में अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान अर्णब के आने से पहले एहतियात के तौर पर 3,100 गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों में शिफ्ट किया गया, जिसके बाद कुल 367 नवजात शिशुओं ने जन्म लिया। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग ने चक्रवात से पहले 4,228 गर्भवती महिलाओं की पहचान की थी, जिनमें वे महिलाएं भी शामिल थीं जिन्हें दो सप्ताह के भीतर प्रसव होना था और जो उच्च जोखिम वाली श्रेणी में थीं, और इनमें से 3,100 को चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाया गया। विभाग ने बताया कि जिन महिलाओं को स्थानांतरित किया गया, उनमें से 690 को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs), 83 को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (UPHCs), 430 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs), 442 को क्षेत्र अस्पतालों, 132 को जिला अस्पतालों, 456 को सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों और 762 को निजी अस्पतालों में दाखिल कराया गया। -पीटीआईआंध्र प्रदेश में बिजली के बुनियादी ढांचे को 500 करोड़ रुपये का नुकसान, अर्णब से प्रभावित 4,765 गांवों में बहाली का काम पूरा
ऊर्जा मंत्री गोट्टीपति रवि कुमार ने गुरुवार को जानकारी दी कि चक्रवात अर्णब की वजह से बिजली क्षेत्र को लगभग 500 करोड़ रुपये की क्षति पहुंची है और सरकार ने क्षतिग्रस्त तंत्र को दुरुस्त करने के लिए आपातकालीन मरम्मत कार्यों को तेज कर दिया है। उन्होंने बताया कि पलाकोलु, भीमवरम और नरसपुर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जो इस भयंकर मौसमी आपदा से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। गुरुवार को भीमवरम में चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों का मुआयना करते हुए श्री रवि कुमार ने कहा कि व्यापक आकलन से ही नुकसान के वास्तविक आंकड़ों की पूरी तस्वीर सामने आएगी। उन्होंने बताया कि इस समय लगभग 1,700 कर्मी बहाली के कार्यों में जुटे हुए हैं, जबकि तीनों डिस्काम से अतिरिक्त 500 कर्मचारियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा तेलंगाना से भी बिजली विभाग के 500 कर्मचारी इन अभियानों में शामिल हो चुके हैं। और पढ़ें चक्रवात अर्णब के कारण बिजली क्षेत्र को 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है; सरकार 1,700 से अधिक कर्मियों की मदद से मरम्मत कार्य में तेजी ला रही है, जिसमें पलाकोलु, भीमवरम और नरसपुर को प्राथमिकता दी जा रही है।चक्रवात अर्णब के कारण हावड़ा-चेन्नई मार्ग पर 36 ट्रेनें रद्द, 30 का मार्ग बदला गया
अधिकारियों ने बताया कि चक्रवात अर्णब के कारण हुई भारी बारिश के चलते ओडिशा के गंजम जिले में उफान पर चल रही बहुदा नदी दो रेलवे पुलों पर खतरे के निशान को पार कर गई, जिससे गुरुवार (29 अक्टूबर) को हावड़ा-चेन्नई मार्ग पर रेल यातायात बाधित हो गया। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियाती कदम उठाते हुए कुल 36 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया, 30 का मार्ग परिवर्तित किया गया और आठ गाड़ियों को नियंत्रित या पुनर्निर्धारित किया गया। अधिकारियों के अनुसार, पूर्व तट रेलवे (ECoR) ने 24 ट्रेनों को रद्द किया और 22 के रास्ते बदले, जबकि दक्षिण तट रेलवे (SCoR) ने 12 ट्रेनें रद्द कीं और अन्य आठ के मार्ग डायवर्ट किए। इसके अलावा आठ और ट्रेनों का परिचालन नियमित किया गया या उनके समय में परिवर्तन किया गया। -पीटीआईजीवीएमसी ने 902 उखड़े पेड़ों को हटाया, सड़कों और जलापूर्ति को किया बहाल
विशाखापत्तनम महानगर क्षेत्र में चक्रवात अर्णब के प्रभाव से कुल 1,192 पेड़ धराशायी हो गए थे। गुरुवार शाम 6 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक, 1,057 पेड़ों की छंटाई पूरी कर ली गई थी और 135 पेड़ों पर काम बाकी था। अधिकारियों के अनुसार अब तक 902 पेड़ों को पूरी तरह से हटा दिया गया है जबकि 290 पेड़ों को साफ किया जाना अभी शेष है। जीवीएमसी कमिश्नर केतन गर्ग ने बताया कि शुक्रवार तक सड़कों से गिरे हुए पेड़ों को पूरी तरह हटाने का लक्ष्य है और राहत कार्यों में तेजी लाई जा रही है। उन्होंने कहा कि 45 अर्थमूवर, टिपर वाहनों और अतिरिक्त स्वच्छता कर्मियों की मदद से चौबीसों घंटे बहाली का काम चल रहा है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पेड़ों को हटाने के बाद बची हुई शाखाओं और मलबे को भी तुरंत साफ किया जाए। यहाँ पूरी खबर पढ़ें जीवीएमसी ने चक्रवात अर्णब के बाद 902 उखड़े पेड़ों को हटाया, सड़कों और 70 प्रतिशत जलापूर्ति को बहाल किया, तथा राहत एवं सड़क मरम्मत के कार्य जारी हैं।चक्रवात अर्णब से हुई तबाही पर राहुल गांधी ने जताई चिंता, सरकारों से त्वरित राहत और पुनर्वास सुनिश्चित करने को कहा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार (29 अक्टूबर) को आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्णब की वजह से हुई तबाही और ओडिशा में भारी बारिश व बाढ़ के हालात पर गहरी चिंता प्रकट की है। उन्होंने सभी संबंधित सरकारों से आग्रह किया कि प्रभावित प्रत्येक परिवार को तत्काल सहायता और पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से श्री गांधी ने कहा, "आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्णब और ओडिशा में भारी वर्षा व बाढ़ से मची तबाही को लेकर मैं बेहद चिंतित हूं।"ओडिशा में चक्रवात अर्णब का कहर, 9 जिलों से 55 हजार से ज्यादा लोग सुरक्षित निकाले गए
ओडिशा सरकार ने गुरुवार (29 अक्टूबर) को बाढ़ से प्रभावित गंजम और आठ अन्य जिलों में बचाव कार्यों के लिए आपदा प्रबंधन एजेंसियों की 300 से अधिक टीमों को मैदान में उतारा, क्योंकि चक्रवात अर्णब ने राज्य के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाढ़ के पानी से घर डूब जाने के बाद कुल 59,028 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जिनमें अकेले गंजम जिले के 11,882 लोग शामिल हैं। राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि राहत अभियानों में कुल 313 टीमें लगाई गई हैं, जिनमें राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 9, ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF) की 60 और अग्निशमन सेवा विभाग की 244 टीमें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सुरक्षित निकाले गए लोगों में 3,001 गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। -पीटीआईआंध्र प्रदेश में चक्रवात से लगभग 4,600 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान
प्रारंभिक आकलन के अनुसार आंध्र प्रदेश को चक्रवात अर्णब के कारण लगभग 4,600 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ है। यह जानकारी मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार (29 अक्टूबर) को दी। श्री नायडू ने कृष्णा और गोदावरी क्षेत्रों के चक्रवात प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनसीमा जिले के कात्रेणिकोंडा मंडल के चेय्येरु गांव जाने के रास्ते में उन्होंने इन क्षेत्रों का जायजा लिया। मुम्मिडिवरम मंडल के गच्छकायला पोरा गांव में बाढ़ पीड़ितों से बातचीत करने के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया को बताया कि समय पर की गई चक्रवात तैयारियों की वजह से जनहानि को रोकने में मदद मिली और केवल सात मौतें हुईं। यहाँ पूरी खबर पढ़ें आंध्र प्रदेश ने चक्रवात के कारण 4,600 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है; केंद्रीय दल नुकसान का जायजा लेगा जबकि राज्य सरकार बिजली बहाली, मुआवजे और राहत उपायों की योजना बना रही है।
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