राष्ट्रीय राजधानी में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में विभिन्न जनसंगठन और राजनीतिक कार्यकर्ता चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर कूच कर रहे हैं। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है और सुरक्षा कड़ी कर दी है, जबकि आंदोलनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर डटे हुए हैं।
लाइवलाइव: SIR विरोधी प्रदर्शन: CJP नेताओं ने आंदोलन जारी रखने की खाई कसम, कहा ज्ञानेश कुमार को देना होगा इस्तीफा — 24 अक्तूबर 2026
राष्ट्रीय राजधानी में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में विभिन्न जनसंगठन और राजनीतिक कार्यकर्ता चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर कूच कर रहे हैं। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है और सुरक्षा कड़ी कर दी है, जबकि आंदोलनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर डटे हुए हैं।
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CJP नेताओं ने SIR विरोधी संघर्ष जारी रखने का लिया संकल्प, कहा ज्ञानेश कुमार को छोड़ना होगा पद
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास ने शुक्रवार (23 अक्टूबर 2026) को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ अपने आंदोलन को जारी रखने का संकल्प दोहराया, जिसमें सौरव दास ने स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अपना पद छोड़ना ही पड़ेगा। दोनों नेताओं का यह बयान मंदिर मार्ग पुलिस थाने में अलग-अलग दर्ज मुकदमों के सिलसिले में विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश होने के बाद सामने आया। SEM के समक्ष पेशी के उपरांत पत्रकारों से बातचीत में रांका ने कहा, "यह संघर्ष थमेगा नहीं। देश की जनता ने हमें जो मंच सौंपा है, हम उसके संरक्षक मात्र हैं और अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश कर रहे हैं। सलाखों के पीछे रहकर भी हमारा यह आंदोलन बदस्तूर जारी रहेगा।" उन्होंने आगे कहा, "हमने अपने बारे में और मौजूदा सत्ता की कार्यप्रणाली को लेकर काफी कुछ सीखा है। हम जरूरी रणनीतियों के अनुसार खुद को ढालेंगे और बदलेंगे।" उन्होंने यह भी बताया कि रणनीति तैयार होते ही आगामी कदमों की घोषणा कर दी जाएगी।हम क्राइम ब्रांच के जवाब की प्रतीक्षा कर रहे हैं: CJP नेता आशुतोष रांका
क्राइम ब्रांच से मिले नोटिस के संदर्भ में आशुतोष रांका ने बताया, "हम उनकी तरफ से सूचना मिलने का इंतजार कर रहे हैं। अभी हमें कोई तय तारीख नहीं मिली है। पहले वाली तिथि पर हम उपस्थित नहीं हो पाए थे और हमने इसकी जानकारी उन्हें दे दी थी। जांच शाखा ने कहा था कि वे नया समय तय करेंगे, इसलिए अब हम क्राइम ब्रांच के उत्तर की प्रतीक्षा कर रहे हैं।"'मोदी सरकार शांति मुचलके पर हस्ताक्षर करे कि वह मताधिकार पर हमला बंद करेगी': बृंदा करात
SIR कवायद के विरोध में निकाले गए मार्च के दौरान माकपा की वरिष्ठ नेता बृंदा करात ने केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा, "मोदी सरकार को एक शांति मुचलका भरकर यह वचन देना चाहिए कि वह नागरिकों के मताधिकार पर हमले रोकेगी, संविधान पर प्रहार बंद करेगी, SIR प्रक्रिया को खत्म करेगी और ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा सुनिश्चित करेगी।"हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को पुलिस वैन से ले जाया गया
नई दिल्ली में 23 अक्टूबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं को सुरक्षाबलों ने हिरासत में लेकर पुलिस वाहनों से रवाना कर दिया।प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर ही आयोजित की 'जन संसद'
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद आंदोलनकारी वहीं धरने पर बैठ गए और आयोजकों की पूर्व घोषणा के अनुसार 'जन संसद' का आयोजन किया। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "यह लड़ाई जंतर मंतर पर दोबारा काबिज होने की नहीं है, बल्कि यह हमारे लोकतंत्र और मुल्क को बचाने की जंग है।"ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कई संगठनों का संयुक्त प्रदर्शन
विभिन्न जनसंगठनों के सदस्यों ने 23 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लामबंद होकर विरोध मार्च निकाला।दिल्ली पुलिस ने अशोका रोड पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू किया
प्रदर्शन स्थल खाली करने की चेतावनी जारी करने के पश्चात दिल्ली पुलिस ने अशोका रोड पर मौजूद प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया है।निर्वाचन सदन की ओर बढ़ा SIR विरोधी मार्च, सुरक्षा बल मुस्तैद
जनमंच 'पीपल अगेंस्ट SIR' की दिल्ली समन्वय समिति के आह्वान पर चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर कूच गोल डाक खाना के निकट, कालीबाड़ी मार्ग और भाई वीर सिंह मार्ग के चौराहे से प्रारंभ हुआ। इस प्रदर्शन को क्रांतिकारी युवा संगठन (KYS) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) का समर्थन मिला है, जिसमें दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ता भी शामिल हुए हैं। मार्च के मद्देनजर बंगला साहिब गुरुद्वारे के आसपास चौकसी बढ़ा दी गई है और दिल्ली पुलिस के साथ-साथ द्रुत कार्य बल (RAF) की भारी टुकड़ियां तैनात की गई हैं। आयोजकों ने किसानों, कामगारों, नौजवानों, महिलाओं और समाज के तमाम वर्गों से तिरंगा हाथ में लेकर इस विरोध में शामिल होने की अपील की है।केंद्र ने दिल्ली में CAPF की 273 कंपनियों की तैनाती 31 अक्टूबर तक बढ़ाई
राजनीतिक और अन्य संगठनों द्वारा अचानक विरोध प्रदर्शन किए जाने की आशंका को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 273 कंपनियों की तैनाती को दूसरी बार 31 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दिया है। अधिकारियों के अनुसार, इन अर्धसैनिक बलों को इस महीने की शुरुआत में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर दिल्ली बुलाया गया था।अशोका रोड पर रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारी धरने पर बैठे
अशोका रोड पर सुरक्षा बलों द्वारा आगे बढ़ने से रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर ही बैठकर धरना देना शुरू कर दिया है।प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी
विरोध मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने एक यातायात परामर्श जारी करते हुए सूचित किया कि बंगला साहिब गुरुद्वारा और जंतर मंतर के आसपास दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे के बीच वाहनों के मार्ग बदले रहेंगे।
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