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लाइव: केरल में मूसलाधार बारिश का कहर: 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी, मुख्यमंत्री करेंगे आपात बैठक — 3 अगस्त 2026लाइव
3 अग॰ 2026, 10:43 am (46 दिन पहले)· 1

लाइव: केरल में मूसलाधार बारिश का कहर: 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी, मुख्यमंत्री करेंगे आपात बैठक — 3 अगस्त 2026

केरल में मूसलाधार बारिश का कहर जारी है, जिससे अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है और सात अन्य लापता हैं। मौसम विभाग ने 12 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं।

दक्षिण भारतीय राज्य केरल में मानसून की भयंकर बारिश और नदियों के उफान ने व्यापक तबाही मचा रखी है। उफनती नदियों, भूस्खलन और तटीय क्षेत्रों में समुद्र के भीषण कटाव के कारण अब तक 15 नागरिकों की जान जा चुकी है, जबकि 7 अन्य लोग लापता बताए जा रहे हैं। बिगड़ते हालातों की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री वी. डी. सतीसन की अगुवाई में राज्य प्रशासन की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई है। इस दौरान भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने वर्षा पूर्वानुमान को और अधिक गंभीर श्रेणी में डालते हुए राज्य के 14 में से 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को निकालकर सुरक्षित आश्रयों में पहुंचाने का कार्य तेजी से जारी है।

राज्यभर में बढ़ा मौतों का आंकड़ा और बड़े पैमाने पर विस्थापन

सोमवार सुबह आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री वी. डी. सतीसन ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि वर्षा जनित विभिन्न हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो चुकी है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों से लापता 7 व्यक्तियों की तलाश के लिए खोज एवं बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं। बेघर और प्रभावित नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए सोमवार सुबह 9 बजे तक पूरे राज्य में 316 राहत शिविर क्रियान्वित किए जा चुके थे, जिनमें 11,018 लोगों को सुरक्षित ठहराया गया है।

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विशेष रूप से अलाप्पुझा जिले में जलभराव के कारण जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हुआ है। जिला प्रशासन के अनुसार विभिन्न तालुकों के शिविरों में कुल 377 परिवारों के 1,300 लोगों ने शरण ली है। इस विस्थापित आबादी में 541 पुरुष, 543 महिलाएं तथा 216 बच्चे शामिल हैं। अलाप्पुझा के अंतर्गत आने वाले चेंगनूर तालुका में सबसे अधिक दबाव देखा गया है, जहां 17 केंद्रों में 213 परिवारों के 759 लोग रह रहे हैं। इसके अलावा कार्तिकपल्ली तालुका के 2 शिविरों में 94 परिवारों के 303 लोग, कुट्टनाड के 6 केंद्रों में 57 परिवारों के 183 लोग, मावेलिकारा के 3 शिविरों में 5 परिवारों के 27 लोग तथा अंबलपुझा तालुका के 1 राहत केंद्र में 6 परिवारों के 23 नागरिक शरण लिए हुए हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी: 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम के बिगड़े मिजाज को देखते हुए IMD ने बारिश की चेतावनियों को अपग्रेड किया है। शुरुआती बुलेटिन में जहां 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित था, वहीं ताजा अनुमान के तहत 12 जिलों को ऑरेंज अलर्ट के दायरे में रखा गया है। शुरुआती चरण में तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, त्रिशूर और पालक्काड को छोड़कर बाकी जिलों के लिए यह चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन लगातार बढ़ते बादलों और मानसूनी दबाव के चलते राज्य के विशाल हिस्से पर अत्यधिक भारी वर्षा का संकट मंडरा रहा है।

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि ऑरेंज अलर्ट वाले क्षेत्रों में अगले 24 घंटों की अवधि के दौरान 115.6 मिलीमीटर से लेकर 204.4 मिलीमीटर तक मूसलाधार बारिश दर्ज हो सकती है। शेष अन्य जिलों में भी पृथक स्थानों पर निरंतर भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और नदियों में उफान की स्थिति बनी रहेगी।

जलाशयों के स्पिलवे खुले, नदियां खतरे के निशान के पार

कोझिकोड जिले में स्थिति तब अत्यधिक चिंताजनक हो गई जब मूसलाधार वर्षा के कारण कक्कयम जलाशय का जलस्तर अपनी अधिकतम सीमा के करीब पहुंच गया। जलस्तर को नियंत्रित करने और किसी संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने डैम के स्पिलवे गेट खोलकर पानी छोड़ना शुरू कर दिया, जिसके बाद पूरे जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। इसके परिणामस्वरूप कोझिकोड के परम्बिल बाज़ार क्षेत्र में जलभराव हो गया और लगभग 200 परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा। पास में बहने वाली पूणूर नदी के उफान पर आने के कारण एहतियात के तौर पर प्रभावित इलाकों की विद्युत आपूर्ति काट दी गई है।

मध्य तिरुवांकुर क्षेत्र में रातभर हुई भारी वर्षा ने जल निकायों को उफान पर ला दिया है। एर्नाकुलम जिले की प्रमुख नदियों मुवाट्टुपुझा, थोडुपुझा और कालियारु का जलस्तर चेतावनी के स्तर को पार कर चुका है, जिससे तटवर्ती इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है। इसके अतिरिक्त पथानामथिट्टा जिले में बाढ़ की स्थिति पर कड़ा पहरा रखने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आपातकालीन तैयारियों के सख्त निर्देश दिए हैं।

भूस्खलन, तटीय कटाव और संरचनात्मक तबाही

बारिश के कारण राज्य के पहाड़ी और तटीय इलाकों में भारी तबाही देखने को मिल रही है। मलप्पुरम जिले के पनाक्कड में हुए एक बड़े भूस्खलन के कारण मुख्य राजमार्ग पर मलबा आ गिरा, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में और अधिक भूस्खलन होने की आशंका जताते हुए सतर्कता बढ़ा दी है। इसी जिले के करूवारकुंडू स्थित इरिंगात्तिरी में मूसलाधार बारिश के दबाव के चलते एक निर्माणाधीन दो मंजिला कंक्रीट का मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।

कन्नूर जिले में वर्षा जनित हादसों में 1 व्यक्ति की मौत हुई है और 2 लोग लापता बताए जा रहे हैं। कन्नूर में 5 अलग-अलग स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनसे 521 नागरिक विस्थापित हुए हैं। वहीं पहाड़ी जिले इडुक्की में भी नदियों व बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने भूस्खलन के अत्यधिक खतरे को देखते हुए यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिए हैं और सभी पर्यटन स्थलों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इडुक्की के पीरमेडु स्थित पांचालीमेडू पर्यटन केंद्र में रविवार शाम बारिश के कारण एक रिसॉर्ट की सुरक्षा दीवार गिर जाने से पास में खड़ी दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं।

उत्तर केरल के कासरगोड जिले में मानसून के रौद्र रूप ने समुद्र में भयंकर कटाव पैदा कर दिया है। कवुंगोली इलाके में समुद्र की लहरें लगभग 100 मीटर अंदर तक प्रवेश कर गईं, जिससे चेरंगाई-कवुंगोली तटीय मार्ग पूरी तरह बह गया। सड़क नष्ट होने से करीब 200 परिवारों का मुख्य भूमि से सीधा संपर्क टूट गया है। तटबंध की सुरक्षा के लिए लगाए गए जियोबैग लहरों के बहाव में बह गए। कवुंगोली के अलावा उप्पला के मुसोडी, नेल्लिकुन्नू, चेरंगाई, उदुमा और पल्लीकरा क्षेत्रों में भी भयंकर तटीय कटाव जारी है। मुसोडी में एक आवासीय मकान समुद्र में समाने की कगार पर पहुंच गया है, जिसके चलते जोखिम वाले इलाकों से लोगों को बाहर निकाला जा रहा है।

स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली बहाली और व्यापारियों का आर्थिक संकट

राज्य सरकार ने बुनियादी ढांचे की बहाली और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन के लिए प्रशासनिक तंत्र को मुस्तैद किया है। विद्युत मंत्री सन्नी जोसेफ ने जानकारी दी कि मानसूनी तूफानों से बिजली के खंभे टूटने और ट्रांसफार्मर खराब होने के बावजूद 92 प्रतिशत बिजली कनेक्शनों को सफलता पूर्वक बहाल कर लिया गया है। शेष प्रभावित क्षेत्रों में लाइन की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने विपक्षी दलों द्वारा राहत कार्यों पर उठाए जा रहे सवालों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार प्रभावित इलाकों तथा शिविरों में संक्रामक बीमारियों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम कर रही है। दवाइयों की कमी के आरोपों का खंडन करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट कहा कि दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और किसी भी शिविर से औषधियों की किल्लत की कोई रिपोर्ट नहीं आई है।

दूसरी ओर, इस प्राकृतिक आपदा ने स्थानीय व्यापार जगत को भारी आर्थिक चपत लगाई है। केरल मर्चेंट्स चैंबर ऑफ कॉमर्स (KMCC) के अध्यक्ष पी. नियाज़र ने बताया कि आगामी ओणम त्यौहार को ध्यान में रखते हुए व्यापारियों ने कर्ज लेकर दुकानों में भारी स्टॉक जमा किया था। महज कुछ घंटों की बाढ़ में यह सारी जमा-पूंजी और सामग्री बह गई या खराब हो गई। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना बीमा वाले छोटे कारोबारियों को उबरने के लिए यदि सरकार तुरंत विशेष आर्थिक पैकेज नहीं देती है, तो कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान हमेशा के लिए बंद हो जाएंगे।

समाप्त

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  1. कन्नूर में लगातार बारिश का कहर: एक की मौत, दो लापता, 500 से अधिक विस्थापित

    केरल के कन्नूर में हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से एक व्यक्ति की जान चली गई है और दो लोग लापता हैं। पानी भरने और बाढ़ के बीच पांच स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे 521 लोग बेघर होकर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हुए हैं।
  2. मलप्पुरम में भारी बारिश के बीच ढह गया निर्माणाधीन दो मंजिला मकान

    मलप्पुरम जिले के करूवारकुंडू के समीप इरिंगात्तिरी में सोमवार सुबह हुई तेज बारिश के कारण एक निर्माणाधीन दो मंजिला मकान गिर गया। आधा बन चुका कंक्रीट का यह ढांचा बारिश के दबाव में पूरी तरह जमींदोज हो गया। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
  3. कासरगोड में समुद्र के कटाव से बह गई तटीय सड़क, 200 परिवारों का संपर्क टूटा

    मानसून के उग्र होने से कासरगोड के कवुंगोली में भयंकर समुद्री कटाव हुआ है, जिससे चेरंगाई-कवुंगोली तटीय मार्ग बह गया और करीब 200 परिवारों का मुख्य मार्ग से संपर्क कट गया। कवुंगोली में समुद्र का पानी लगभग 100 मीटर अंदर तक घुस आया है, जिसने सड़क को पूरी तरह नष्ट कर दिया। कटाव रुक न पाने के कारण स्थानीय निवासियों को डर है कि उफान मारती लहरें कभी भी उनके घरों को डुबो सकती हैं। कवुंगोली के अलावा उप्पला के मुसोडी, नेल्लिकुन्नू, चेरंगाई, उदुमा और पल्लीकरा में भी भयंकर कटाव हुआ है। मुसोडी में एक घर समुद्र में समाने के मुहाने पर है। तटबंध सुरक्षा के लिए बिछाए गए जियोबैग बुरी तरह टूटकर बह गए हैं। कई मकानों पर खतरा मंडरा रहा है, जबकि उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है।
  4. ओणम से ठीक पहले केरल में आई बाढ़ ने व्यापारियों की तोड़ी कमर: व्यापारी संगठन

    केरल मर्चेंट्स चैंबर ऑफ कॉमर्स (KMCC) के अध्यक्ष पी. नियाज़र ने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि राज्य के कई जिलों में आई अचानक बाढ़ से व्यापार जगत को विनाशकारी नुकसान हुआ है। सैकड़ों व्यापारिक प्रतिष्ठानों को करोड़ों रुपये की चपत लगी है। ओणम के आगामी त्यौहार को देखते हुए जिन व्यापारियों ने कर्ज पर बड़ी मात्रा में सामान खरीदकर स्टॉक जमा किया था, वे इस तबाही में सबसे ज्यादा पिसे हैं। महज कुछ ही घंटों में लोगों की पूरी जिंदगी की बचत और कारोबार में लगाई गई पूंजी बह गई। जिन छोटे दुकानदारों ने अपनी सामग्री और उपकरणों का बीमा नहीं करवाया था, वे इस समय गहरे वित्तीय संकट में डूब गए हैं। श्री नियाज़र ने चेतावनी दी कि यदि सरकार की तरफ से कोई ठोस और त्वरित आर्थिक मदद नहीं मिलती है, तो कई व्यावसायिक इकाइयां हमेशा के लिए बंद हो सकती हैं।
  5. मुख्यमंत्री ने पथानामथिट्टा में बाढ़ के हालात से निपटने के लिए दिए आपात निर्देश

    राज्य में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ जनित हादसों के बीच केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन ने पथानामथिट्टा जिले में तत्काल आपातकालीन कदम उठाने और तैयारियां पुख्ता करने के निर्देश जारी किए हैं।
  6. मानसून से नुकसान के बाद 92% बिजली सप्लाई बहाल की गई: मंत्री सन्नी जोसेफ

    केरल में मानसून की वजह से हुए नुकसान के बाद 92 प्रतिशत बिजली कनेक्शनों को सफलतापूर्वक बहाल कर दिया गया है। मंत्री सन्नी जोसेफ ने बताया कि टूटे हुए बिजली के खंभों और खराब हुए ट्रांसफार्मर की तेजी से मरम्मत का काम जारी है।
  7. मौसम विभाग ने बढ़ाई चेतावनी, 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट लागू

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  8. अलाप्पुझा में बाढ़ के बाद 1,300 लोगों को राहत शिविरों में भेजा गया

    अलाप्पुझा के जिला प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भीषण वर्षा और जलभराव के कारण विभिन्न तालुकों में स्थापित राहत केंद्रों में 377 परिवारों के कुल 1,300 लोगों को आश्रय दिया गया है। इन शिविरों में 541 पुरुष, 543 महिलाएं और 216 बच्चे शामिल हैं। चेंगनूर तालुका में सर्वाधिक लोग पहुंचे हैं, जहां 17 शिविरों में 213 परिवारों के 759 नागरिक शरण लिए हुए हैं, जिनमें 341 पुरुष, 303 महिलाएं और 115 बच्चे शामिल हैं। कार्तिकपल्ली तालुका में दो शिविरों के भीतर 94 परिवारों के 303 लोग ठहरे हैं, जबकि कुट्टनाड तालुका में छह केंद्रों में 57 परिवारों के 183 लोग मौजूद हैं। वहीं मावेलिकारा तालुका के तीन शिविरों में पांच परिवारों के 27 लोगों को रखा गया है और अंबलपुझा तालुका के एक शिविर में छह परिवारों के 23 लोग रह रहे हैं। — ट्रेंडक्या डेस्क
  9. बारिश जनित हादसों में मौतों का आंकड़ा 15 तक पहुंचा, सात लोग अभी भी लापता: मुख्यमंत्री सतीशन

    केरल में मूसलाधार बारिश के बीच राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने सोमवार को बताया कि राज्यभर में बारिश से जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है, जबकि सात लोग अब भी लापता हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राज्य में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सोमवार सुबह 9 बजे तक राज्य में कुल 316 राहत शिविर संचालित किए जा रहे थे, जिनमें बारिश और बाढ़ से विस्थापित 11,018 लोगों को शरण दी गई है।
  10. स्वास्थ्य मंत्री का विपक्ष पर आपदा पर राजनीति करने का आरोप

    केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने सरकार पर सवाल उठाकर मौजूदा बाढ़ की स्थिति से राजनीतिक लाभ हासिल करने का आरोप विपक्ष पर लगाया है। उन्होंने दावा किया कि राहत कार्य और बीमारियों की रोकथाम के उपाय प्रभावी ढंग से लागू किए जा रहे हैं। पत्रकारों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग प्रभावित क्षेत्रों और राहत केंद्रों में बीमारियों के प्रकोप तथा फैलाव को रोकने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है। राहत शिविरों में दवाइयों की कमी के दावों को खारिज करते हुए मुरलीधरन ने स्पष्ट किया कि सरकार को ऐसी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा, "दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। किसी भी शिविर से औषधियों की किल्लत की कोई रिपोर्ट नहीं आई है। जहां भी जरूरत थी वहां दवाएं पहुंचा दी गई हैं और वर्तमान में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।"
  11. एर्नाकुलम की प्रमुख नदियों में जलस्तर चेतावनी के पार

    केरल में हुई जोरदार बारिश के कारण एर्नाकुलम की नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। इसके चलते मुवाट्टुपुझा, थोडुपुझा और कालियारु नदियों के आसपास रहने वाले निवासियों के लिए अलर्ट जारी किया गया है।
  12. पांचालीमेडू में बारिश से रिसॉर्ट की दीवार गिरी, दो कारें क्षतिग्रस्त

    इडुक्की में पीरमेडु के पास स्थित पांचालीमेडू पर्यटन केंद्र में भारी बारिश की वजह से रविवार शाम एक रिसॉर्ट की सुरक्षा दीवार ढह गई, जिससे वहां खड़ी दो कारों को नुकसान पहुंचा है।
  13. आईएमडी का जिलावार बारिश का ताजा पूर्वानुमान

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  14. मलप्पुरम के पनाक्कड में भूस्खलन, राजमार्ग बंद होने से यातायात ठप

    केरल में लगातार हो रही बारिश की वजह से मलप्पुरम के पनाक्कड में भूस्खलन हुआ है, जिससे मुख्य राजमार्ग अवरुद्ध हो गया है और वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। स्थानीय प्रशासन ने इलाके में आगे भी भूस्खलन की आशंका जाहिर करते हुए चेतावनी जारी की है।
  15. केरल में बारिश की स्थिति का जायजा लेने के लिए उच्चस्तरीय बैठक शुरू

    केरल में हो रही बारिश के कारण बने हालात का आकलन करने के लिए मुख्यमंत्री वी. डी. सतीसन की ओर से बुलाई गई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक सोमवार सुबह से जारी है।
  16. इडुक्की में मूसलाधार बारिश जारी, बांधों का जलस्तर बढ़ा और पर्यटन स्थल बंद

    केरल के इडुक्की जिले में जारी भारी बारिश के कारण बांधों का जलस्तर बढ़ रहा है। भूस्खलन के खतरे को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है और पर्यटन स्थलों को अस्थाई रूप से बंद कर दिया है।
  17. केरल बाढ़: मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हुई, 7,600 से अधिक लोग राहत शिविरों में स्थानांतरित

    केरल में वर्ष 2026 की बाढ़ के कारण जान गंवाने वालों की संख्या 11 तक पहुंच गई है। लगातार चल रहे बचाव अभियानों के बीच 7,600 से ज्यादा प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में शरण दी गई है।
  18. कोझिकोड के परम्बिल बाज़ार में घुसा बाढ़ का पानी, 200 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया

    कोझिकोड के परम्बिल बाज़ार इलाके में जलभराव के बाद लगभग 200 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। भारी बारिश के चलते पूणूर नदी उफान पर आ गई है, जिसके कारण प्रभावित क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति काट दी गई है।
  19. IMD ने केरल के 10 जिलों में बारिश का अलर्ट बढ़ाकर ऑरेंज किया

    मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को भीषण बारिश की चेतावनी देते हुए केरल के लिए अलर्ट पीले से बढ़ाकर ऑरेंज कर दिया है। तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, त्रिशूर और पालक्काड जिलों को छोड़कर पूरे राज्य में ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। सोमवार सुबह IMD की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, जिन जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित है, वहां अगले 24 घंटों में 115.6 मिमी से 204.4 मिमी तक अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है, जबकि बाकी चार जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश जारी रहेगी।
  20. रातभर की बारिश से नदियां उफान पर, मध्य तिरुवांकुर में बाढ़ की आशंका बढ़ी

    केरल के मध्य तिरुवांकुर क्षेत्र में रातभर हुई मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर हैं, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है और लोगों को सुरक्षित निकालने का काम शुरू हो गया है।
  21. कक्कयम जलाशय का जलस्तर बढ़ने से कोझिकोड में अलर्ट, खोले जा रहे स्पिलवे गेट

    मूसलाधार बारिश की वजह से कक्कयम जलाशय का जलस्तर पूर्ण क्षमता के पास पहुंचने पर कोझिकोड में हाई अलर्ट जारी किया गया है। जलस्तर नियंत्रित करने के लिए स्पिलवे के दरवाजों से पानी छोड़ा जा रहा है।
  22. मध्यम से भारी बारिश जारी; मुख्यमंत्री करेंगे उच्च स्तरीय आपात बैठक

    केरल में मध्यम से भारी बारिश और अचानक बाढ़ के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक आपातकालीन बैठक आयोजित की जाएगी।

सवाल-जवाब

केरल में बारिश और बाढ़ की वजह से अब तक कितनी मौतें हुई हैं?
केरल में मूसलाधार बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 7 लोग अभी भी लापता हैं।
मौसम विभाग (IMD) ने केरल के कितने जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है?
मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केरल के 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट लागू किया है, जहां अत्यधिक भारी वर्षा का अनुमान है।
कोझिकोड में कक्कयम जलाशय के स्पिलवे गेट क्यों खोले गए?
कक्कयम जलाशय का जलस्तर क्षमता के करीब पहुंचने के बाद पानी को नियंत्रित करने के लिए स्पिलवे के दरवाजे खोले गए, जिसके कारण परम्बिल बाज़ार में जलभराव हुआ।
राज्य में कितने राहत शिविर चलाए जा रहे हैं और कितने लोग वहां ठहरे हैं?
राज्यभर में 316 राहत शिविरों का संचालन किया जा रहा है, जिनमें 11,018 विस्थापित नागरिकों को आश्रय दिया गया है।
कासरगोड जिले में तटीय कटाव से क्या नुकसान हुआ है?
कासरगोड के कवुंगोली में समुद्र 100 मीटर अंदर घुस आया, जिससे चेरंगाई-कवुंगोली मार्ग बह गया और लगभग 200 परिवारों का संपर्क मुख्य रास्ते से कट गया।
ओणम त्यौहार से ठीक पहले स्थानीय व्यापारियों को क्या नुकसान हुआ है?
व्यापारियों ने ओणम के लिए कर्ज लेकर जो सामान स्टॉक किया था, वह अचानक आई बाढ़ में बह गया या खराब हो गया, जिससे करोड़ों रुपये की आर्थिक चपत लगी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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