भोपाल में एक नियमित गश्त के दौरान सामने आए मामले ने हथियार लाइसेंस के नियमों और राजनीतिक नेताओं की निजी सुरक्षा को लेकर नई बहस खड़ी कर दी है। कोहेफिजा थाना पुलिस ने AIMIM के मध्य प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान के निजी सुरक्षा कर्मी उदयवीर सिंह सिकरवार पर आयुध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उसके पास जो 12 बोर बंदूक थी, उसका लाइसेंस पहले ही समाप्त हो चुका था, फिर भी वह बड़ी संख्या में लोगों के बीच एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हथियार लेकर मौजूद था।
कैसे पकड़ में आया मामला
घटना 11 जून की रात की है। करबला रोड पर एक मस्जिद के सामने “चाय पर चर्चा” नाम का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान इलाके में गश्त कर रही पुलिस टीम की नजर एक हथियारधारी युवक पर पड़ी। पूछताछ में उसने अपना नाम उदयवीर सिंह सिकरवार और निवास मुरैना बताया, साथ ही खुद को AIMIM प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान का निजी सुरक्षा कर्मी होना बताया।
खास बात यह रही कि यह कार्रवाई किसी शिकायत के आधार पर नहीं, बल्कि सामान्य जांच के दौरान सामने आई। जब पुलिस ने उससे बंदूक से जुड़े दस्तावेज मांगे तो पता चला कि लाइसेंस की निर्धारित अवधि पूरी हो चुकी है। इसके बावजूद वह हथियार लेकर कार्यक्रम स्थल पर खड़ा था। पुलिस ने मौके पर ही बंदूक और कारतूस जब्त कर लिए और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
162 दिन तक नहीं हुआ लाइसेंस का नवीनीकरण
जांच में जो तथ्य सबसे अहम माना जा रहा है, वह लाइसेंस की वैधता से जुड़ा है। दस्तावेजों के मुताबिक यह लाइसेंस 31 दिसंबर 2025 तक ही वैध था। इसके बाद इसका नवीनीकरण नहीं कराया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि लाइसेंस समाप्त होने के करीब 162 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी हथियार लेकर सार्वजनिक रूप से घूम रहा था। पुलिस इसी बिंदु को गंभीरता से देख रही है, क्योंकि अधिकारियों का कहना है कि लाइसेंस की मियाद खत्म होने के बाद हथियार रखने वाले व्यक्ति को वैध लाइसेंसधारी नहीं माना जा सकता।
क्या कहता है कानून
आयुध अधिनियम के तहत किसी भी लाइसेंसधारी के लिए तय समय सीमा के भीतर अपने हथियार लाइसेंस का नवीनीकरण कराना अनिवार्य है। लाइसेंस समाप्त हो जाने के बाद हथियार अपने पास रखना या उसे लेकर किसी सार्वजनिक स्थान पर चलना कानून का उल्लंघन माना जाता है। ऐसी स्थिति में पुलिस हथियार जब्त कर सकती है और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक प्रकरण भी दर्ज किया जा सकता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि लाइसेंस का नवीनीकरण समय पर कराने की पूरी जिम्मेदारी हथियार धारक की ही होती है, किसी और की नहीं।
किसके सुरक्षा कर्मी थे आरोपी
मोहसिन अली खान फिलहाल AIMIM की मध्य प्रदेश इकाई के प्रदेश अध्यक्ष हैं। पार्टी की आधिकारिक जानकारी के अनुसार उन्हें प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी सौंपी गई है और वे भोपाल समेत प्रदेश के अलग-अलग जिलों में संगठन विस्तार का अभियान चला रहे हैं। मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि आरोपी कथित तौर पर एक राजनीतिक दल के प्रदेश अध्यक्ष की सुरक्षा में तैनात था और भीड़ के बीच हथियार के साथ पकड़ा गया।
आगे की जांच
कोहेफिजा थाना पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बंदूक और कारतूस जब्त कर लिए हैं, हालांकि उसे नोटिस देकर छोड़ दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए कोई आवेदन दिया भी गया था या नहीं। इसके अलावा हथियार के इस्तेमाल और उसके परिवहन से जुड़े दूसरे पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे।













