माफिया मुख्तार अंसारी की फरार चल रही पत्नी आफ्शा अंसारी की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर काफी बढ़ गई हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन उनके खिलाफ लगातार शिकंजा कस रहा है। इसी कड़ी में गाजीपुर जिले की सदर कोतवाली में आफ्शा के खिलाफ एक नया आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है। यह ताजा मामला उनके हथियारों के लाइसेंस में हुए कथित फर्जीवाड़े से जुड़ा है। पुलिस पहले से ही उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है और उन पर एक लाख रुपये का भारी-भरकम इनाम भी घोषित किया जा चुका है, लेकिन वह अब तक कानून की गिरफ्त से बाहर हैं।
आईएस-191 गैंग के खिलाफ बड़ा अभियान
गाजीपुर प्रशासन और पुलिस महकमा पिछले काफी समय से मुख्तार अंसारी और उनके कुख्यात आईएस-191 गैंग की जड़ों को कमजोर करने में जुटा हुआ है। इसी व्यापक अभियान के तहत पुलिस टीम गैंग के सभी सक्रिय सदस्यों, उनके करीबी सहयोगियों और परिजनों के नाम पर जारी किए गए शस्त्र लाइसेंसों की गहराई से जांच कर रही है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस आपराधिक नेटवर्क को पूरी तरह से निहत्था करना और उनके द्वारा अवैध रूप से हासिल किए गए असलहों के परमिट रद्द करना है। इसी छानबीन के दौरान आफ्शा अंसारी से जुड़े चौंकाने वाले तथ्य जांच अधिकारियों के सामने आए।
गायब पत्रावली और बाबू की संलिप्तता
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आफ्शा अंसारी के नाम पर एक रिवॉल्वर का लाइसेंस जारी किया गया था। जब इस शस्त्र लाइसेंस से जुड़े पुराने अभिलेखों और दस्तावेजों का ऑडिट शुरू हुआ, तो उसमें बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब अधिकारियों ने पाया कि इस हथियार लाइसेंस से जुड़ी मूल पत्रावली सरकारी रिकॉर्ड रूम से पूरी तरह गायब कर दी गई है। सरकारी दस्तावेज का इस तरह गायब होना विभागीय मिलीभगत की तरफ साफ इशारा करता है। इसी वजह से सदर कोतवाली में दर्ज की गई इस नई FIR में आफ्शा अंसारी के साथ-साथ उस समय के तत्कालीन शस्त्र लिपिक को भी नामजद किया गया है। पत्रावली गायब होने के मामले की एक अलग और स्वतंत्र जांच भी शुरू कर दी गई है।
फरार आफ्शा की तलाश और आगे की कार्रवाई
आफ्शा अंसारी फिलहाल पुलिस की पहुंच से दूर हैं और अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रही हैं। उनके ऊपर पहले ही एक लाख रुपये का नकद इनाम रखा गया है, और अब इस धोखाधड़ी के नए मामले ने उनकी वापसी के रास्ते और भी मुश्किल कर दिए हैं। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि इस पूरे प्रकरण की बहुत ही सघन जांच की जा रही है। मुख्तार अंसारी के पूरे परिवार और आईएस-191 गैंग से जुड़े अन्य तमाम लोगों के हथियारों के दस्तावेजों को भी खंगाला जा रहा है। जांच टीमों को पूरी उम्मीद है कि जैसे-जैसे यह तफ्तीश आगे बढ़ेगी, इसमें फर्जीवाड़े से जुड़े कई और लोगों के नाम बेनकाब हो सकते हैं, जिन पर आने वाले दिनों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



















