मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले से नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिझौली गांव में पुलिस ने एक किराए के मकान में चल रही MD ड्रग्स बनाने की गुपचुप फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। इस छापेमारी में पुलिस ने चार आरोपियों को मौके से धर दबोचा और भारी मात्रा में नशीला पदार्थ भी बरामद किया। पुलिस को देर रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि इस गांव में एक मकान किराए पर लेकर पिछले पांच से छह महीने से ड्रग्स बनाने का धंधा चल रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम बिना शोर मचाए घर तक पहुंची और जब अंदर दाखिल हुई तो नजारा देखकर दंग रह गई।
घर में मिला केमिस्ट्री लैब जैसा सेटअप
इस पूरे मामले को मऊगंज एसपी सुरेंद्र जैन ने बेहद गंभीरता से लिया और खुद मौके पर पहुंच गए। उनके साथ मऊगंज के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरयाम, एसडीओपी सचि पाठक और शाहपुर थाना प्रभारी ऋषि द्विवेदी भी मौजूद रहे। इन अधिकारियों ने खुद मकान के अंदर जाकर पूरे मामले की पड़ताल की, बजाय इसके कि सिर्फ एक टीम भेजकर खानापूर्ति की जाए। जब अधिकारी कमरे के भीतर पहुंचे तो हैरान रह गए, क्योंकि वहां का दृश्य किसी सामान्य घर का नहीं बल्कि एक केमिस्ट्री लैब जैसा दिखाई दे रहा था। कमरे में जगह-जगह MD ड्रग्स तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले तरह-तरह के केमिकल रखे मिले। इसके अलावा कांच के बीकर और जार भी बिखरे पड़े थे, जो साफ बता रहे थे कि यहां सिर्फ ड्रग्स रखी नहीं जाती थी बल्कि सक्रिय रूप से तैयार भी की जा रही थी।
360 ग्राम MD ड्रग्स बरामद, खुद एसपी ने किया वजन
तलाशी के दौरान पुलिस को कमरे में रखे एक तखत पर एक पैकेट मिला, जिसमें करीब 360 ग्राम MD ड्रग्स रखी हुई थी। इस बरामद ड्रग्स को मऊगंज एसपी सुरेंद्र जैन ने खुद वहीं रखी एक मशीन पर तौला। शुरुआती जांच में सामने आया कि यह सिर्फ स्थानीय स्तर का कारोबार नहीं था, बल्कि इसका नेटवर्क मऊगंज से निकलकर रीवा और मुंबई तक फैला हुआ था। आरोपी यहां तैयार MD ड्रग्स को स्थानीय बाजार के साथ-साथ बड़े शहरों की मार्केट तक भी सप्लाई करते थे, यानी यह किराए का मकान एक बड़ी सप्लाई चेन का शुरुआती बिंदु बन चुका था। पुलिस के मुताबिक बीते चार से पांच महीनों में मऊगंज के लोकल मार्केट में कोरेक्स के साथ-साथ MD ड्रग्स की मौजूदगी को लेकर भी लगातार चर्चा चल रही थी, जिसकी अब इस छापेमारी से पुष्टि हो गई है।
चार आरोपी गिरफ्तार, सभी रीवा जिले के निवासी
पुलिस ने इस मामले में चंदन सिंह (उम्र 26 वर्ष), अशोक गुप्ता (उम्र 40 वर्ष), पीकचंद्र यादव (उम्र 21 साल) और ऋषभ सेन (उम्र 18 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। चारों आरोपी रीवा जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र जैन ने बताया कि फिलहाल इस मामले में जांच जारी है और पुलिस अब चार गिरफ्तारियों को अंतिम नतीजा मानने के बजाय इस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी तैयार MD ड्रग्स को आगे कहां-कहां सप्लाई करते थे और इसे बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला केमिकल वे कहां से खरीदते थे, क्योंकि फिलहाल खरीदार और केमिकल सप्लायर दोनों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश में भी जुटी हुई है, ताकि मऊगंज, रीवा और मुंबई को जोड़ने वाली इस पूरी सप्लाई चेन को तोड़ा जा सके।











