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भोपाल में मेडिकल स्टोरों पर प्रशासन का कड़ा रुख
राजधानी भोपाल में नियमों को दरकिनार कर दवाइयां बेचने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। हालिया जांच के दौरान 32 मेडिकल स्टोरों में भारी अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। इन दुकानों में से 3 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस पूरी तरह से निरस्त कर दिए गए हैं, जबकि 8 अन्य मेडिकल स्टोरों के लाइसेंसों को निलंबित करने की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा 21 संचालकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
यह कार्रवाई विशेष रूप से उन दुकानों के खिलाफ है जो बिना फार्मासिस्ट की मौजूदगी के दवाइयां बेच रहे थे। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने साफ निर्देश दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और नियमित रूप से दुकानों की चेकिंग जारी रहेगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनीष शर्मा ने स्पष्ट किया है कि शेड्यूल H और H1 श्रेणी की दवाओं की बिक्री के लिए किसी पंजीकृत डॉक्टर का वैध प्रिस्क्रिप्शन होना अनिवार्य है।
कूनो नेशनल पार्क से फिर बाहर आए चीते
श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क से निकलकर चीतों के रिहायशी इलाकों में आने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में दो चीते बाड़े से बाहर निकलकर पास ही के ढूंढे खेड़ा गांव में पहुंच गए। वहां उन्होंने ग्रामीणों के मवेशियों पर हमला कर दिया और बाड़े में बंधी गाय के बछड़ों का शिकार किया। इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। शिकार करते हुए चीतों का एक वीडियो भी स्थानीय लोगों ने बनाया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ढूंढे खेड़ा कूनो नेशनल पार्क के बेहद करीब है, जिसके चलते वहां जंगली जानवरों की आवाजाही अक्सर देखी जाती है, जिससे ग्रामीणों की सुरक्षा पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं।











