पालतू बैल के हमले से फटी आंतें, छुट्टी पर होने के बावजूद डॉक्टर ने बचाई मरीज की जानमध्य प्रदेश
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पालतू बैल के हमले से फटी आंतें, छुट्टी पर होने के बावजूद डॉक्टर ने बचाई मरीज की जान

मध्य प्रदेश के अनूपपुर में एक पालतू बैल के हमले से गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की जान डॉक्टर साकेत कौशिक ने इमरजेंसी सर्जरी कर बचा ली।

मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में एक दर्दनाक और हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पालतू बैल ने अपने ही मालिक पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले के दौरान बैल के सींग से व्यक्ति का पेट फट गया और आंतें बाहर आ गईं। घायल व्यक्ति को तुरंत अनूपपुर जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों की टीम ने उनकी जान बचाने का कठिन प्रयास किया।

डॉक्टर ने निभाया फर्ज

इस संकट की घड़ी में जिला चिकित्सालय के चीफ सर्जन डॉ साकेत कौशिक की भूमिका सराहनीय रही। घटना के समय डॉ कौशिक छुट्टी पर थे, लेकिन जब उन्हें मरीज की अत्यंत गंभीर स्थिति के बारे में पता चला, तो उन्होंने अपने व्यक्तिगत अवकाश की चिंता नहीं की। एक चिकित्सक के रूप में अपना फर्ज निभाते हुए वे तुरंत अस्पताल पहुंचे और बिना देरी किए इमरजेंसी ऑपरेशन शुरू किया।

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परिजनों ने व्यक्त की कृतज्ञता

घायल 45 वर्षीय बहादुर सिंह के बेटे महेंद्र सिंह ने पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शाम करीब 6 बजे उनके पिता बैल को बांधने का प्रयास कर रहे थे। उसी समय जानवर ने अचानक आक्रामक रुख अपनाते हुए हमला कर दिया। सींग के वार से पेट फटने के कारण स्थिति काफी बिगड़ गई थी। परिजनों ने डॉ साकेत कौशिक की तत्परता को देखते हुए उनकी जमकर प्रशंसा की है और उन्हें धन्यवाद दिया है।

मरीज की स्थिति में सुधार

सफल ऑपरेशन के बाद बहादुर सिंह अब खतरे से बाहर हैं। उनके पेट पर कई टांके आए हैं और वे डॉक्टरों की निगरानी में रिकवरी कर रहे हैं। महेंद्र सिंह ने बताया कि पिता की हालत में अब पहले से काफी सुधार है और अस्पताल में उनका उचित उपचार जारी है। चिकित्सा टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए है ताकि घाव जल्दी भर सकें।

सवाल-जवाब

पालतू बैल के हमले में कौन घायल हुआ?
इस घटना में 45 वर्षीय बहादुर सिंह घायल हुए हैं।
बहादुर सिंह को किसने बचाया?
उनकी जान मुख्य सर्जन डॉ साकेत कौशिक ने इमरजेंसी ऑपरेशन कर बचाई।
डॉ साकेत कौशिक उस समय अस्पताल में क्यों नहीं थे?
डॉ साकेत कौशिक उस दिन छुट्टी पर थे, लेकिन मरीज की स्थिति गंभीर देख वे तुरंत अस्पताल पहुंचे।
यह घटना कब और कैसे हुई?
यह घटना शाम करीब 6 बजे हुई जब बहादुर सिंह अपने पालतू बैल को बांधने का प्रयास कर रहे थे।

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