मध्य प्रदेश में मानसून इस समय पूरी तरह से सक्रिय है, जिसके कारण प्रदेश के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। आसमान में घने बादलों का डेरा है और बारिश का दौर जारी है। कहीं रिमझिम फुहारें वातावरण को खुशनुमा बना रही हैं, तो कहीं बादलों की तेज गर्जना और बिजली की कड़क लोगों को सतर्क रहने पर मजबूर कर रही है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिसे देखते हुए प्रशासन और आम नागरिकों को सावधान रहने की सलाह दी गई है।
ऑरेंज अलर्ट के दायरे में ये जिले
मौसम विभाग के भोपाल केंद्र द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 10 जुलाई की सुबह से 11 जुलाई की सुबह तक राज्य में मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा हुआ रहेगा। विभाग ने ग्वालियर, दतिया, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। इन विशेष जिलों में 115.6 मिलीमीटर से लेकर 204.4 मिलीमीटर तक अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना है। वर्षा के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज और झोंकेदार हवाएं भी चल सकती हैं।
अन्य जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट
ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के अलावा, मध्य प्रदेश के एक बड़े हिस्से के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसमें भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर, मैहर और पांढुर्णा जिले शामिल हैं। इन इलाकों में 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक भारी बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। राज्य के शेष जिलों, जिनमें जबलपुर, उज्जैन, सागर और रीवा शामिल हैं, में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान है।
मौसम विभाग की सुरक्षा संबंधी सलाह
प्रतिकूल मौसम को देखते हुए विभाग ने आम जनता के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं:
- घर से बाहर निकलने से पहले नवीनतम मौसम अपडेट की जांच अवश्य करें।
- यदि यात्रा के दौरान तेज आंधी या बिजली कड़कने की स्थिति उत्पन्न होती है, तो किसी पक्के मकान या सुरक्षित शेल्टर में शरण लें।
- किसानों को सलाह दी गई है कि खेत में काम करते समय बिजली कड़कने पर पेड़ों के नीचे न खड़े हों।
- ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होना बिजली गिरने की स्थिति में अत्यधिक जोखिम भरा होता है।
- खुले में मोबाइल का उपयोग करने से बचें और घर के भीतर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग करना सुरक्षित रहता है।
- जलभराव वाले रास्तों, पुल या पुलिया से वाहन निकालने का प्रयास बिल्कुल न करें।
कुल मिलाकर, 10 जुलाई को पूरे मध्य प्रदेश पर मानसून का गहरा असर रहेगा। ग्वालियर, दतिया, छतरपुर और टीकमगढ़ के ऑरेंज अलर्ट के अतिरिक्त शिवपुरी, भिंड, मुरैना, सतना और पन्ना जिलों में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है। नागरिकों को सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी पर ध्यान देने का सुझाव दिया गया है।











