पश्चिम बर्दवान में सूने मकान को चोरों ने तीसरी बार बनाया निशाना, भगवान के गहने और नकदी पारकर्नाटक संगीत के दिग्गज मुथुस्वामी दीक्षितार के सम्मान में 250 रुपये का विशेष सिक्का पेशघर पर तैयार करें मुंबई का मशहूर आइस हलवा, इस दिवाली मेहमानों को परोसें कुछ खाससर्दियों में गुलाब पर ढेरों कलियां लाने के लिए अपनाएं प्रूनिंग और घरेलू पोषण का सही तरीकादीपावली पार्टी में दिखना है सबसे जुदा तो इन पांच सितारों के फ्यूजन लुक्स से लें आइडियावक्री बुध का गोचर: अगले 10 दिनों में 5 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्कगुरुग्राम के होटल में हॉट टब के अंदर मृत मिले ब्रिटेन में कार्यरत 35 वर्षीय इंजीनियर प्रांजिल पाठकइकेया कालसुप ब्लूटूथ स्पीकर का विस्तृत परीक्षण और प्रदर्शन विश्लेषणकुंभ राशि पर 212 दिन शनि का कड़ा इम्तिहान, इन 4 अहम बातों की अनदेखी पड़ सकती है भारीभीड़भाड़ और जाम से निपटने के लिए जयपुर में छोटे वाहन पर गश्त करते दिखे ट्रैफिक पुलिसकर्मी
मध्य प्रदेश राज्यसभा उपचुनाव: दो पर्चे रद्द होने के बाद केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का निर्विरोध चुना जाना तयमध्य प्रदेश
3 नव॰ 2026, 9:26 pm (3 मिनट पहले)· 0

मध्य प्रदेश राज्यसभा उपचुनाव: दो पर्चे रद्द होने के बाद केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का निर्विरोध चुना जाना तय

मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट के उपचुनाव में दो निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन खारिज होने के बाद केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी एकमात्र वैध प्रत्याशी बचे हैं। निर्वाचन अधिकारी द्वारा कागजात सही पाए जाने के बाद 5 नवंबर को उनके निर्विरोध निर्वाचन का औपचारिक ऐलान किया जाएगा।

मध्य प्रदेश में खाली हुई राज्यसभा सीट के उपचुनाव में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का उच्च सदन पहुंचना पूरी तरह तय हो चुका है। स्क्रूटनी प्रक्रिया के दौरान दो अन्य प्रत्याशियों के नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए, जिसके बाद चुनावी मैदान में अब केवल केंद्रीय मंत्री ही वैध उम्मीदवार के रूप में शेष रह गए हैं। रिटर्निंग ऑफिसर ने संबंधित आपत्तियों की विस्तृत जांच के बाद उनके सभी दस्तावेजों को वैध करार देते हुए स्वीकार कर लिया है।

जांच के दौरान दो निर्दलीय प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त

नामांकन पत्रों की आधिकारिक जांच के दौरान दो निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे तकनीकी आधार पर निरस्त कर दिए गए। इनमें कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहानी के साथ-साथ एक अन्य निर्दलीय उम्मीदवार कान्ते सयान्ना का नाम शामिल है। इन दोनों के पर्चे खारिज होने के साथ ही मुकाबला पूरी तरह एकतरफा हो गया है। तय चुनावी कार्यक्रम के अनुसार, 5 नवंबर को नाम वापस लेने की निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के तुरंत बाद केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिक घोषणा जारी कर दी जाएगी।

ये भी पढ़ें

हलफनामे पर कांग्रेस की आपत्तियां निर्वाचन अधिकारी ने कीं खारिज

स्क्रूटनी के दौरान राजनीतिक गहमागहमी भी देखने को मिली। दोनों निर्दलीय प्रत्याशियों और कांग्रेस नेता हेमंत कटारे ने केंद्रीय मंत्री के नामांकन पत्रों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया था। विरोधियों का दावा था कि पुरी द्वारा जमा किया गया फॉर्म-26 का हलफनामा अधूरा और कानूनी रूप से अमान्य है। हालांकि, निर्वाचन अधिकारी उमेश शर्मा ने इन सभी आपत्तियों की बिंदुवार पड़ताल की। शर्मा ने अपने आधिकारिक आदेश में स्पष्ट किया कि पुरी ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के किसी भी कानूनी नियम अथवा प्रावधान का उल्लंघन नहीं किया है और उनके नामांकन पत्रों में किसी प्रकार की खामी नहीं पाई गई है।

फैसले के खिलाफ अदालत जाने की तैयारी और सीट की पृष्ठभूमि

निर्वाचन अधिकारी के फैसले के बाद कांग्रेस खेमे ने कानूनी लड़ाई की चेतावनी दी है। कांग्रेस नेता हेमंत कटारे और पार्टी विधायक आतिफ अकील ने इस प्रशासनिक निर्णय को अदालत में चुनौती देने की बात कही है। नेताओं ने संयुक्त बयान में इस कदम को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए सवाल उठाया कि इतनी महत्वपूर्ण खामियों के बावजूद केंद्रीय मंत्री का नामांकन निरस्त क्यों नहीं किया गया। यह उच्च सदन सीट केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के इस्तीफे के चलते रिक्त हुई थी, जिस पर अब यह उपचुनाव संपन्न हो रहा है।

सवाल-जवाब

मध्य प्रदेश राज्यसभा उपचुनाव में किन उम्मीदवारों के नामांकन खारिज हुए?
स्क्रूटनी के दौरान कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी और निर्दलीय प्रत्याशी कान्ते सयान्ना के नामांकन पत्र खारिज किए गए।
हरदीप सिंह पुरी के निर्वाचन की औपचारिक घोषणा कब की जाएगी?
नाम वापसी की तय समय-सीमा 5 नवंबर को समाप्त होने के बाद उनके निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिक घोषणा होगी।
कांग्रेस और अन्य उम्मीदवारों ने पुरी के नामांकन पर क्या आरोप लगाया था?
उन्होंने आरोप लगाया था कि हरदीप सिंह पुरी द्वारा दाखिल किया गया फॉर्म-26 का हलफनामा अधूरा और अमान्य है।
रिटर्निंग ऑफिसर ने इन आपत्तियों पर क्या फैसला सुनाया?
रिटर्निंग ऑफिसर उमेश शर्मा ने आपत्तियां खारिज करते हुए कहा कि पुरी ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम का कोई उल्लंघन नहीं किया है और उनके पर्चे सही हैं।
इस फैसले के बाद कांग्रेस नेताओं का अगला कदम क्या है?
कांग्रेस नेता हेमंत कटारे और विधायक आतिफ अकील ने निर्वाचन अधिकारी के आदेश के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाने की बात कही है।
मध्य प्रदेश की यह राज्यसभा सीट किस वजह से खाली हुई थी?
यह सीट केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp