मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक ऑटोमोबाइल शोरूम से महंगी गाड़ी गायब होने के सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है। शोरूम के ही एक कर्मचारी ने अपने कार्यस्थल से लगभग 23 लाख रुपये कीमत की नई कार उड़ा दी थी। कंपनी में काम करने वाला यह सेल्समैन अपने काम के खराब प्रदर्शन की वजह से वेतन में हो रही 30-30 प्रतिशत की कटौती से काफी नाराज चल रहा था। इसके साथ ही उसकी पत्नी को महंगी और लग्जरी गाड़ियों में घूमने का शौक था। इन दोनों वजहों के चलते उसने योजनाबद्ध तरीके से शोरूम से 23 लाख रुपये की फॉक्सवैगन वर्टस जीटी कार चुरा ली। उसने एक असली ग्राहक के नाम पर इस वाहन की फर्जी बुकिंग दर्ज कराई और 28 सितंबर की रात मौका पाकर गाड़ी को शोरूम से बाहर निकाल कर गायब कर दिया। जब कंपनी के कर्मचारियों ने नियमित स्टॉक का मिलान किया, तब इस चोरी का पता चला और खोजबीन के दौरान कार में सक्रिय जीपीएस तकनीक ने पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश कर दिया।
जीपीएस ट्रैकिंग से आशिमा मॉल के पास मिली लग्जरी कार
शोरूम प्रबंधन ने जब अपने पूरे वाहन स्टॉक की गिनती और मिलान किया तो वहां से एक प्रीमियम कार नदारद पाई गई। तत्काल कार्रवाई करते हुए कंपनी ने पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने वाहन की तकनीकी ट्रैकिंग शुरू की और कार में इनबिल्ट जीपीएस सिस्टम से मिले सिग्नलों का पीछा किया। यह लोकेशन सीधे भोपाल के आशिमा मॉल की तरफ इशारा कर रही थी। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो वहां वही 23 लाख रुपये की फॉक्सवैगन वर्टस जीटी चलती हुई दिखाई दी। आश्चर्य की बात यह रही कि उस गाड़ी को शोरूम के सेल्समैन की पत्नी चला रही थी। गाड़ी रोके जाते ही पूरा सच सबके सामने आ गया। अशोका गार्डन पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी से संबंधित भारतीय दंड विधान की धारा 420 के तहत केस दर्ज किया और आरोपी कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से हिरासत में ले लिया।
ग्राहक के नाम पर की थी बुकिंग, 28 सितंबर की रात को दिया वारदात को अंजाम
पुलिस जांच में सामने आया कि पकड़ा गया आरोपी पिछले लगभग एक वर्ष से जेके रोड पर स्थित फॉक्सवैगन कार शोरूम में बतौर सेल्समैन काम कर रहा था। आरोपी का नाम गजेंद्र उर्फ ऋषि आनंद है, जो मूल रूप से होशंगाबाद जिले का निवासी है और वर्तमान में भोपाल के अशोका गार्डन क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा था। शोरूम में लगातार काम करने के कारण उसे वहां की सुरक्षा व्यवस्था, गाड़ियों के आने-जाने के नियम और चाबियों के रख-रखाव की पूरी आंतरिक जानकारी थी।
इसी अंदरूनी जानकारी का फायदा उठाकर उसने एक शातिर योजना बनाई। उसने शोरूम के सिस्टम में एक ग्राहक के नाम पर लग्जरी कार की बुकिंग दर्ज कर दी ताकि किसी को तुरंत संदेह न हो। इसके बाद 28 सितंबर की रात जब शोरूम बंद होने का समय था, वह चुपचाप कार लेकर वहां से फरार हो गया। शुरुआत के कई दिनों तक शोरूम प्रबंधन को वाहन गायब होने की भनक तक नहीं लगी क्योंकि कागजों पर सब कुछ सामान्य दिख रहा था। लेकिन जब महीने के अंत में भौतिक स्टॉक का मिलान किया गया, तब यह गंभीर हेराफेरी पकड़ में आई।
पत्नी के महंगे शौक और वेतन में 30 प्रतिशत कटौती बनी चोरी की वजह
पूछताछ में यह बात सामने आई कि आरोपी की पत्नी को महंगी और आधुनिक कारों की सवारी का बहुत शौक था। वहीं दूसरी तरफ, सेल्समैन का कार्य प्रदर्शन संतोषजनक नहीं था, जिसके कारण शोरूम प्रबंधन ने उसके मासिक वेतन में 30-30 प्रतिशत की कटौती कर दी थी। कम होती आमदनी और पत्नी की बड़ी ख्वाहिशों के बीच संतुलन न बना पाने पर उसने अपराध का रास्ता चुना।
पुलिस ने चोरी गई पूरी गाड़ी सुरक्षित बरामद कर ली है और आरोपी गजेंद्र उर्फ ऋषि आनंद से सघन पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारी अब इस पहलू की भी पड़ताल कर रहे हैं कि क्या इस षड्यंत्र में शोरूम के किसी अन्य कर्मचारी की मिलीभगत थी। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच रही है कि जब आरोपी की पत्नी आशिमा मॉल के पास उस चोरी की गाड़ी को चला रही थी, तब क्या उसे कार के चोरी होने की जानकारी पहले से थी या नहीं।



















