मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव ने बीजेपी के भीतर एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने से नाराज उनके समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं। शनिवार की शाम से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन रात तक काफी हिंसक हो गया, जिससे पूरे इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है।
नेशनल हाईवे पर भारी हंगामा
नाराज कार्यकर्ताओं ने विरोध जताने के लिए नेशनल हाईवे-44 को पूरी तरह से जाम कर दिया। बड़ी संख्या में जुटे समर्थकों ने यातायात को बाधित कर दिया और पार्टी आलाकमान से उम्मीदवार के नाम पर फिर से विचार करने की मांग की। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और भीड़ व पुलिस के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प
प्रदर्शन के दौरान हालात इतने बिगड़ गए कि कार्यकर्ताओं और सुरक्षाबलों के बीच सीधी झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव किए जाने की खबरें सामने आई हैं। इस हिंसात्मक घटना में पुलिस अधीक्षक (SP) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) समेत कुल 6 पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोलों का उपयोग किया गया।
प्रशासन की कड़ी निगरानी
हिंसा के बाद दतिया में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है और भाजपा कार्यालय के बाहर भी सुरक्षा का घेरा बढ़ा दिया गया है। स्वयं एसपी और एएसपी मौके पर मौजूद रहकर हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था को किसी भी कीमत पर बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। कार्यकर्ता अभी भी अपनी मांग पर अड़े हैं, जबकि प्रशासन लगातार शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है ताकि दतिया में फिर से अप्रिय घटना न हो।











