महाराष्ट्र के ठाणे जिले के डोंबिवली स्थित शास्त्री नगर अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात मेडिकल स्टाफ के साथ हिंसक व्यवहार के मामले में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को पुलिस ने हिरासत में लिया है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद रमेश म्हात्रे की सेहत अचानक खराब हो गई, जिसके बाद उसे तुरंत ठाणे सिविल अस्पताल ले जाया गया। डोंबिवली के एसीपी सुहास हेमाडे ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए आरोपी को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। पुलिस का कहना है कि रमेश म्हात्रे की विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट आने और डॉक्टरों से औपचारिक अनुमति मिलने के बाद ही इस मामले की आगामी कानूनी प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।
डॉक्टरों का विरोध और हड़ताल का ऐलान
पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, विष्णुनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज मुकदमे के आधार पर रमेश म्हात्रे को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 132 और 121(1) के तहत गिरफ्तार किया गया है। अब तक इस विवादित मामले में कुल चार लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। इस बीच, घटना से आहत होकर अस्पताल के डॉक्टरों ने अपना कामकाज बंद कर दिया है और हड़ताल जारी रखी है। डॉक्टरों का तर्क है कि चिकित्सा परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था की पूरी तरह उपेक्षा की जा रही है। विभिन्न मेडिकल संघों ने महाराष्ट्र सरकार से इस मामले में तत्काल दखल देने की अपील की है और मांग की है कि घटना में शामिल हर एक आरोपी को कड़ी सजा दी जाए।
गर्भवती महिला के उपचार को लेकर उपजा विवाद
पुलिस उपायुक्त अतुल जेंडे के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए विष्णुनगर पुलिस स्टेशन में तुरंत एफआईआर दर्ज कर ली गई थी। उन्होंने जानकारी दी कि एफआईआर दर्ज होने की रात ही तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन तीनों को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। अब चौथे आरोपी रमेश म्हात्रे की गिरफ्तारी के बाद कानून के दायरे में रहकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। एसीपी सुहास हेमाडे ने स्पष्ट किया कि विवाद की शुरुआत एक गर्भवती महिला के इलाज के दौरान हुई, जब मरीज के साथ आए परिजन अस्पताल के कर्मचारियों से किसी बात को लेकर भिड़ गए।
गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि विवाद के दौरान आरोपियों ने ड्यूटी पर मौजूद एक पुरुष डॉक्टर, एक महिला डॉक्टर और एक नर्स के साथ न केवल मारपीट की, बल्कि उन्हें अभद्र भाषा में गालियां भी दीं। पीड़ित डॉक्टर द्वारा दर्ज कराई गई लिखित शिकायत में इन धमकियों का भी उल्लेख किया गया है। एसीपी हेमाडे ने भरोसा दिलाया है कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का अक्षरशः पालन किया जाएगा और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस पूरी घटना की गहनता से जांच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।











