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बरुईपुर रेप-मर्डर कांड: मुख्य आरोपी पुलिस एनकाउंटर में ढेर, सीन रिक्रिएट करने ले जाते समय हुआ हमलापश्चिम बंगाल
8 जुल॰ 2026, 10:38 am (45 दिन पहले)· 2

बरुईपुर रेप-मर्डर कांड: मुख्य आरोपी पुलिस एनकाउंटर में ढेर, सीन रिक्रिएट करने ले जाते समय हुआ हमला

पश्चिम बंगाल के बरुईपुर में 12 साल की बच्ची से दरिंदगी करने के मामले में पुलिस ने आरोपी प्रभाष मंडल को एनकाउंटर में मार गिराया है। यह घटना तब हुई जब उसे क्राइम सीन समझाने के लिए पुलिस टीम घटनास्थल पर ले गई थी।

पश्चिम बंगाल के बरुईपुर में 12 साल की नाबालिग के साथ हुए भयावह रेप और मर्डर केस में एक बड़ी कानूनी कार्रवाई सामने आई है। इस जघन्य मामले के मुख्य आरोपी, जिसका नाम प्रभाष मंडल था, को पुलिस ने बुधवार को एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के साथ यह मुठभेड़ तब हुई जब उसे जांच के सिलसिले में घटनास्थल पर सीन रिक्रिएट करने के लिए ले जाया जा रहा था।

एनकाउंटर की पूरी घटना

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह घटना मंगलवार देर रात को हुई। बारुईपुर पुलिस स्टेशन के केस नंबर 1350/26 के जांच अधिकारी अपनी टीम के साथ आरोपी प्रभाष मंडल को लेकर सूर्यपुर इलाके में स्थित क्राइम सीन पर पहुंचे थे। ठीक उसी समय जब पुलिस टीम वहां घटना के विवरण को दोबारा समझने की तैयारी कर रही थी, प्रभाष मंडल ने अचानक मौका पाकर एक पुलिसकर्मी से उसका सरकारी हथियार छीन लिया। इसके बाद आरोपी ने पुलिस दल पर एक राउंड फायरिंग की और वहां से फरार होने की कोशिश करने लगा। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी को गोलियां लगीं और उसे गंभीर हालत में बारुईपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल, इस पूरी घटना के बाद आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।

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मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला तब प्रकाश में आया जब 5 जुलाई को बरुईपुर इलाके के एक तालाब से 12 वर्षीय बच्ची का शव बरामद हुआ। बच्ची 4 जुलाई से घर से लापता थी। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि बच्ची के साथ रेप के बाद हत्या की गई। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इन आरोपों की वैज्ञानिक पुष्टि अभी बाकी है और इसके लिए फॉरेंसिक और विसरा रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। नाबालिग का पोस्टमार्टम 5 जुलाई की रात को पूरा किया गया था।

इलाके में तनाव और धारा 163 का लागू होना

घटना के बाद से क्षेत्र में उपजे तनाव को देखते हुए बारुईपुर पुलिस जिले ने सोमवार, 6 जुलाई को कड़े कदम उठाए। संबंधित तीन पुलिस थानों के क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अंतर्गत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। इसके चलते, इन इलाकों में अगले आदेश तक पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ जमा होने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है और सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

जांच का दायरा और आरोपियों की भूमिका

पुलिस की अब तक की जांच के अनुसार, घटना में तीन लोगों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि आरोपियों में से एक बच्ची को पहले एक झोपड़ी में ले गया था, जहाँ दो अन्य आरोपी पहले से मौजूद थे। पुलिस हिरासत में लिए गए तीनों आरोपियों से लगातार गहन पूछताछ की जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने से पहले तीनों आरोपियों ने नशीले पदार्थों का सेवन किया था। शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बच्ची के शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं, जिनकी प्रकृति और कारण का पता लगाने के लिए विशेषज्ञ काम कर रहे हैं।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के खुलासे

प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में एंटे-मॉर्टम डूबने के संकेत मिले हैं, जिसका अर्थ है कि तालाब में फेंके जाते समय बच्ची जीवित थी। जांचकर्ताओं का यह भी मानना है कि तालाब में फेंकने से पहले बच्ची को चोटें पहुंचाई गई थीं, जिससे वह बेहोश हो गई होगी। फेफड़ों और पेट में पानी मिलने की पुष्टि रिपोर्ट में हुई है। वहीं, पीड़ित माता-पिता ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बच्ची के लापता होने पर समय पर कार्रवाई नहीं की गई। इस पर डीजीपी ने आश्वासन दिया है कि पुलिस की तरफ से हुई किसी भी देरी की निष्पक्ष जांच होगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि शव मिलने के बाद भीड़ ने एक संदिग्ध व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या भी कर दी थी।

सवाल-जवाब

बरुईपुर केस का मुख्य आरोपी कौन था?
इस मामले के मुख्य आरोपी का नाम प्रभाष मंडल था, जिसकी एनकाउंटर में मौत हो गई है।
आरोपी का एनकाउंटर कैसे हुआ?
पुलिस के अनुसार, जब आरोपी को क्राइम सीन रिक्रिएट करने के लिए ले जाया गया, तो उसने पुलिसकर्मी से हथियार छीन लिया और भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की।
पुलिस ने निषेधाज्ञा (धारा 163) क्यों लागू की?
रविवार को तालाब से शव मिलने के बाद इलाके में बढ़ते तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने यह फैसला लिया।
क्या पीड़ित के साथ रेप की पुष्टि हुई है?
पुलिस ने अभी तक इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कहा है कि इसके लिए फॉरेंसिक और विसरा रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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