महाराष्ट्र में प्रतिबंधित गुटखे के अवैध धंधे पर राज्य के इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाई का खाका तैयार हो चुका है। पहली बार ऐसा होने जा रहा है, जब गुटखा बेचने वालों पर महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने इस बाबत आदेश जारी कर साफ कर दिया है कि गुटखा कारोबार से जुड़ी पूरी श्रृंखला को निशाने पर लिया जाएगा।
MCOCA के दायरे में कौन-कौन आएगा?
इस अभियान के तहत निर्माता, बेचने वाले, आर्थिक मदद पहुंचाने वाले, सप्लायर, कमीशन एजेंट, ट्रांसपोर्टर, उनके एजेंट, गोदाम चलाने वाले, तस्कर और व्यापारी—इन सभी को MCOCA की जद में लाया जाएगा। अधिकारी का कहना है कि राज्य में गुटखे पर पूर्ण पाबंदी होने के बावजूद इसका गैरकानूनी कारोबार बेरोकटोक चल रहा है। अब तक तमाम मामले दर्ज हुए, कार्रवाई की गई और अभियोजन भी चला, फिर भी यह नेटवर्क सक्रिय बना हुआ है, जिसके चलते आम लोगों की सेहत पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
इस तारीख से शुरू होगा अभियान
FDA ने हिदायत दी है कि 12 जून से पूरे महाराष्ट्र में गुटखा कारोबार के खिलाफ सख्त मुहिम चलाई जाए। यह कार्रवाई सिर्फ छोटे दुकानदारों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे संगठित तंत्र पर शिकंजा कसा जाएगा। इसके लिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (Food Safety Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के साथ-साथ MCOCA का इस्तेमाल किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने को कहा गया है। आयुक्त ने अपने आदेश में संविधान के अनुच्छेद 47 का जिक्र किया है, जिसमें जनस्वास्थ्य को बेहतर बनाना राज्य का प्रमुख दायित्व बताया गया है।
अब तक हुई कार्रवाई का ब्योरा
आंकड़ों पर नजर डालें तो बीते दस साल में महाराष्ट्र में गुटखा कारोबार से जुड़ी 703 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। इनमें से 260 मुकदमे निर्माताओं, 248 सप्लायरों और 190 ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं। अब इन मामलों में संगठित अपराध के पहलू को खंगालते हुए MCOCA के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। इस कदम को राज्य में अवैध गुटखा कारोबार पर अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।













