महाराष्ट्र के नागपुर रेलवे स्टेशन पर आज सुबह एक युवक ने जमकर हंगामा खड़ा कर दिया। वह सबसे पहले वहां खड़ी एक मालगाड़ी पर चढ़ गया और ओएचई तार को हाथ से पकड़ने की कोशिश करने लगा। गनीमत रही कि उस वक्त बिजली की सप्लाई रोक दी गई थी, इसलिए तार में करंट नहीं था और युवक बाल-बाल बच गया।
दूसरी मालगाड़ी पर करंट ने युवक को बुरी तरह झुलसाया
पहले तार में करंट न मिलने पर युवक शांत नहीं बैठा। उसने फौरन छलांग लगाई और बगल में खड़ी एक और मालगाड़ी पर चढ़ गया। वहां उसने फिर से बिजली के तार को कस कर पकड़ लिया। इस बार तार में पूरा करंट दौड़ रहा था, जिससे युवक बुरी तरह झुलस गया। हादसे के फौरन बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
कुछ महीने पहले ठाणे में भी हो चुका है ऐसा हादसा
यह पहला मौका नहीं है जब किसी ने रेलवे के बिजली उपकरणों से छेड़छाड़ की हो। मार्च 2026 में महाराष्ट्र के ठाणे में भी करीब 35 साल का एक शख्स ओवरहेड इक्विपमेंट यानी ओएचई के खंभे पर चढ़ गया था। रेलवे अधिकारियों ने उसे नीचे उतरने के लिए बार-बार मनाया, लेकिन वह नहीं माना और खंभे पर डटा रहा। कुछ देर बाद वह फिसलकर सीधे पटरी पर जा गिरा, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई थी। इस तरह की घटनाएं ट्रेन सेवाओं को सीधे प्रभावित करती हैं और इसका खामियाजा आम यात्रियों को भुगतना पड़ता है।
बारिश ने भी बिगाड़ी महाराष्ट्र में ट्रेनों की रफ्तार
एक तरफ मालगाड़ी पर चढ़े युवक की वजह से नागपुर स्टेशन पर अफरा-तफरी मची रही, तो दूसरी तरफ महाराष्ट्र में हो रही लगातार बारिश ने भी रेल यातायात की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मानसून के इस मौसम में राज्य के कई इलाकों में पानी भर जाता है, जिसकी वजह से ट्रेनें या तो देरी से चल रही हैं या फिर उन्हें रद्द करना पड़ रहा है। नतीजा यह है कि ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को दोहरी परेशानी झेलनी पड़ रही है, एक तरफ बारिश की मार तो दूसरी तरफ इस तरह की हरकतों से होने वाली देरी।
अधिकारियों से सख्ती और यात्रियों से संयम की अपील
रेलवे से जुड़े जानकारों का कहना है कि ट्रेन के ऊपर चढ़कर हंगामा करने वालों के खिलाफ अधिकारियों को अब सख्त कदम उठाने की जरूरत है। ऐसी घटनाओं का असर सिर्फ हंगामा करने वाले शख्स तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसकी वजह से हजारों यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी झेलनी पड़ती है। साथ ही लोगों का यह भी कहना है कि अगर किसी को कोई शिकायत या मांग है तो उसे ट्रेन पर चढ़कर अपनी बात मनवाने के बजाय संबंधित विभाग के अधिकारियों से सीधे बातचीत करनी चाहिए। इससे न सिर्फ उसकी जान का खतरा टलेगा बल्कि बाकी यात्रियों को भी परेशानी नहीं होगी।











