नवी मुंबई के ऐरोली इलाके में करीब 11 महीने पहले हुई एक बेहद क्रूर हत्या की गुत्थी आखिरकार सुलझ गई है। राबले एमआईडीसी पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 40 वर्षीय सुनीता कुशवाहा और 30 वर्षीय राहुल दशरथ प्रजापति के रूप में हुई है। दोनों पर सुनीता के पति 50 वर्षीय बलिराम सूर्यनाथ कुशवाहा की हत्या करने और उसके शव के टुकड़े कर जंगल में फेंकने का आरोप है। इतने महीनों तक बलिराम की गुमशुदगी का राज बना रहा और आखिरकार पुलिस की मेहनत से यह हत्याकांड सामने आया।
पति के विरोध ने बनाई हत्या की वजह
पुलिस के मुताबिक बलिराम को अपनी पत्नी और राहुल के बीच चल रहे कथित प्रेम संबंध पर आपत्ति थी और वह इसका खुलकर विरोध करता था। यही विरोध आगे चलकर उसकी जान का दुश्मन बन गया। पुलिस का कहना है कि बलिराम के लगातार विरोध से परेशान होकर सुनीता और राहुल ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। मामले की सुनवाई के बाद स्थानीय अदालत ने दोनों आरोपियों को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है, ताकि पूछताछ जारी रह सके और साजिश की पूरी कड़ियां जोड़ी जा सकें।
बच्चों को भेजा मौसी के घर, फिर रची खौफनाक साजिश
जांच में सामने आया कि 9 अगस्त 2025 की रात वारदात को अंजाम देने से पहले दंपति के दोनों बच्चों को जानबूझकर उनकी मौसी के घर भेज दिया गया था, ताकि वे इस वारदात के गवाह न बन सकें। इसके बाद रात में बलिराम के सोते समय उसका गला घोंटकर हत्या की गई और फिर तेज धारदार हथियार से उसका सिर धड़ से अलग कर दिया गया। यह पूरी वारदात बेहद ठंडे दिमाग से अंजाम दी गई थी, जिसमें दोनों आरोपियों ने पहले से पूरी योजना बना रखी थी।
सबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने इसके बाद शव के तीन हिस्से किए और उन्हें अलग-अलग बोरियों और चादरों में लपेट दिया। राहुल के ऑटो रिक्शा का इस्तेमाल कर शव के तीनों हिस्सों को गावली देव पहाड़ी के जंगल में तीन अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया गया, ताकि शव आसानी से न मिल सके और पहचान भी मुश्किल हो जाए। वारदात के बाद सुनीता अपने बच्चों को लेकर घंसोली चली गई और वहां राहुल के साथ रहने लगी। आसपास के लोगों को यह बताया गया कि बलिराम घर छोड़कर कहीं चला गया है, जिससे लंबे समय तक किसी को उसकी हत्या का शक तक नहीं हुआ।
भाई की गुमशुदगी शिकायत से खुला राज
यह पूरा मामला तब सामने आया जब बलिराम के भाई को उसकी लंबे समय से कोई खबर नहीं मिली और उसने अपने भाई की तलाश शुरू की। आखिरकार अप्रैल 2026 में उसने राबले एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाले, मोबाइल नंबरों में हुए बदलावों की पड़ताल की और सुनीता व राहुल के बयानों में मौजूद विरोधाभासों को आधार बनाकर पूछताछ तेज कर दी। दोनों से अलग अलग पूछताछ की गई, जिसके दौरान दोनों कथित तौर पर टूट गए और उन्होंने हत्या की पूरी साजिश उगल दी।
फिलहाल पुलिस गावली देव के जंगल में मृतक के कंकाल और शरीर के अन्य अवशेषों की तलाश में तलाशी अभियान चला रही है। मामले की आगे की जांच अभी जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि साजिश किस तरह और कब रची गई थी और इसमें किसी और की भूमिका तो नहीं रही।
पुलिस बोली, दो आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक देवीदास कठारे ने बताया कि मृतक के भाई की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है और मामले की आगे की जांच जारी है।











