टेक्सटाइल कंपनी अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड लिमिटेड का पब्लिक इश्यू सब्सक्रिप्शन के पहले ही दिन निवेशकों को खास लुभा नहीं पाया। मंगलवार, 14 जुलाई को जब इश्यू खुला, तो अब तक इसे मिली-जुली और कुल मिलाकर सुस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली। दिलचस्प बात यह रही कि सब्सक्रिप्शन भले ही धीमा रहा, लेकिन ग्रे मार्केट में इस आईपीओ को लेकर भरोसा बना हुआ है और इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पॉजिटिव जोन में टिका रहा।
ग्रे मार्केट में क्या चल रहा है
अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड आईपीओ का GMP आज 5 रुपये पर पॉजिटिव रहा। खास बात यह है कि सब्सक्रिप्शन शुरू होने से एक दिन पहले ही इसका प्रीमियम तेजी से चढ़ा था और पहले दिन भी यह मजबूती के साथ पॉजिटिव बना रहा। GMP असल में यह इशारा करता है कि लिस्टिंग से पहले अनऑफिशियल बाजार में शेयर किस भाव पर हाथ बदल रहे हैं।
मौजूदा GMP को देखते हुए अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह इश्यू 110 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हो सकता है। यह आंकड़ा 105 रुपये के अपर प्राइस बैंड और 5 रुपये के GMP को जोड़कर निकाला गया है। सुबह 10:30 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक, प्रति शेयर संभावित मुनाफा या घाटा करीब 4.76% रहने की उम्मीद है।
इश्यू का आकार और शेयरों का बंटवारा
अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड का यह पब्लिक इश्यू कुल 1.1 करोड़ इक्विटी शेयरों का है। इसमें से 0.84 करोड़ शेयर रिटेल निवेशकों के लिए, 0.01 करोड़ शेयर क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए और 0.35 करोड़ शेयर नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के लिए रखे गए हैं। इस तरह कंपनी ने अलग-अलग कैटेगरी के निवेशकों के लिए हिस्सा तय किया है।
यह एक बुक बिल्ट इश्यू है, जिसका कुल आकार 126.25 करोड़ रुपये है। यह पूरी तरह से फ्रेश इश्यू है, यानी इसमें 1.2 करोड़ नए शेयर जारी किए जा रहे हैं जिनकी कुल कीमत 126.25 करोड़ रुपये है। इसका मतलब है कि जुटाई गई पूरी रकम सीधे कंपनी के पास जाएगी।
तारीखें और लिस्टिंग
यह आईपीओ 14 जुलाई को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला और 16 जुलाई, 2026 को बंद होगा। शेयरों का अलॉटमेंट 17 जुलाई को फाइनल होने की उम्मीद है। लिस्टिंग के लिहाज से कंपनी दोनों प्रमुख एक्सचेंजों, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर सूचीबद्ध होगी।
लॉट साइज और कितना पैसा लगाना होगा
निवेश के लिहाज से एक लॉट में 142 शेयर रखे गए हैं। रिटेल निवेशकों को कम से कम एक लॉट यानी 14,910 रुपये का निवेश करना होगा। छोटे नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशक (sNII) के लिए न्यूनतम 14 लॉट का निवेश तय है, जो 2,08,740 रुपये के बराबर बैठता है। वहीं बड़े नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशक (bNII) के लिए यह सीमा 68 लॉट रखी गई है। इन आंकड़ों से साफ है कि रिटेल निवेशकों के लिए एंट्री का खर्च अपेक्षाकृत कम रखा गया है, जबकि बड़ी कैटेगरी में मोटी रकम लगानी पड़ेगी।











