गोल्डमैन सैक्स का अनुमान, एक साल में 26,500 तक जा सकता है निफ्टी, लौटेंगे विदेशी निवेशकबाज़ार
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गोल्डमैन सैक्स का अनुमान, एक साल में 26,500 तक जा सकता है निफ्टी, लौटेंगे विदेशी निवेशक

अमेरिकी ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दौर लगभग खत्म हो चुका है और अगले एक साल में निफ्टी 10 प्रतिशत चढ़कर 26,500 अंक तक पहुंच सकता है।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भी भारतीय शेयर बाजार के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिका की जानी-मानी ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) अब धीरे-धीरे भारत की ओर लौटेंगे। सोमवार को जारी अपने आकलन में फर्म ने कहा कि एनएसई का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी अगले एक साल में करीब 10 प्रतिशत की छलांग लगाकर 26,500 अंक के स्तर तक पहुंच सकता है।

बिकवाली का दबाव अब कम पड़ता दिख रहा

गोल्डमैन सैक्स के अनुसार विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली का दौर संभवत: थम चुका है। फर्म का कहना है कि घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूत तस्वीर और भारतीय शेयरों में विदेशी निवेशकों की घटी हुई हिस्सेदारी, इन दोनों वजहों से बाजार का मूड धीरे-धीरे बेहतर हो सकता है। जब निवेशकों की मौजूदा हिस्सेदारी कम है, तो उनके पास दोबारा खरीदारी बढ़ाने की भरपूर गुंजाइश बची रहती है।

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तीन महीने में रिकॉर्ड 30 अरब डॉलर बाहर गए

आकलन में बताया गया कि साल 2026 की पहली छमाही में भारतीय बाजार का इस्तेमाल विदेशी निवेशकों ने पैसा जुटाने वाले ठिकाने की तरह किया। इसी वजह से महज तीन महीने से कुछ ज्यादा समय में रिकॉर्ड 30 अरब डॉलर की पूंजी देश से बाहर निकल गई। यह आंकड़ा बीते दौर में विदेशी निवेशकों के भरोसे में आई गिरावट को साफ दिखाता है।

जून के मध्य से बदला रुख

हालांकि तस्वीर अब बदलती नजर आ रही है। जून के मध्य से विदेशी निवेशक शुद्ध खरीदार बन गए हैं और उन्होंने भारतीय बाजार में करीब दो अरब डॉलर लगाए हैं। यह खरीदारी सबसे ज्यादा वित्तीय क्षेत्र यानी बैंकिंग और फाइनेंस से जुड़ी कंपनियों में देखने को मिली है। चूंकि भारतीय शेयरों में विदेशी फंड्स की हिस्सेदारी अभी कम है, इसलिए आगे उनके पास अपना निवेश बढ़ाने की काफी जगह मौजूद है।

सोमवार को गिरावट के साथ खुला था बाजार

पश्चिम एशिया में एक बार फिर तेजी से बढ़ते तनाव के असर से सोमवार को घरेलू शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ खुला था। कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 606 अंक और निफ्टी 168 अंक टूटकर खुले। लेकिन इसके बाद आईटी शेयरों में आई जबरदस्त तेजी ने बाजार को संभाल लिया और शानदार रिकवरी दिलाई, जिससे दिन के अंत में बाजार मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ।

रिकवरी के बाद हरे निशान में बंद

सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 47.01 अंक यानी 0.06 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 77,616.40 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स 4.10 अंक यानी 0.02 प्रतिशत की बढ़त लेकर 24,211.00 अंक पर बंद हुआ। इस तरह भारी गिरावट के साथ खुला बाजार दिनभर की उठापटक के बाद संभलकर बंद होने में कामयाब रहा।

सवाल-जवाब

गोल्डमैन सैक्स ने निफ्टी के लिए क्या लक्ष्य दिया है?
फर्म का मानना है कि निफ्टी अगले एक साल में करीब 10 प्रतिशत चढ़कर 26,500 अंक तक पहुंच सकता है।
साल 2026 की पहली छमाही में कितनी पूंजी बाहर गई?
तीन महीने से कुछ ज्यादा समय में रिकॉर्ड 30 अरब डॉलर की पूंजी देश से बाहर निकली।
क्या विदेशी निवेशक अब भारत में खरीदारी कर रहे हैं?
हां, जून के मध्य से विदेशी निवेशक शुद्ध खरीदार बन गए हैं और उन्होंने करीब दो अरब डॉलर का निवेश किया है।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी किस क्षेत्र में सबसे ज्यादा हुई?
यह खरीदारी मुख्य रूप से वित्तीय क्षेत्र यानी बैंकिंग और फाइनेंस से जुड़ी कंपनियों में देखने को मिली है।
सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी कहां बंद हुए?
सेंसेक्स 47.01 अंक की बढ़त के साथ 77,616.40 पर और निफ्टी 50 इंडेक्स 4.10 अंक की बढ़त के साथ 24,211.00 पर बंद हुआ।
सोमवार को बाजार गिरावट के साथ क्यों खुला था?
पश्चिम एशिया में तेजी से बढ़ते तनाव के कारण बाजार बड़ी गिरावट के साथ खुला, जहां सेंसेक्स 606 और निफ्टी 168 अंक टूटे थे।

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