शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा और मंगलवार व्रत का विशेष संयोग, देखें दैनिक पंचांग और शुभ समयचिप और बैटरी निर्माण की खामियां तुरंत पकड़ेगा निओबिया का नया एआई सिस्टमसाइंस कॉर्पोरेशन ने पहली बार स्टारगार्ड्ट बीमारी के मरीज की आंख में लगाया रोशनी लौटाने वाला चिपपुरुषों की सबसे पसंदीदा इंटिमेट पोजीशन बनी मिशनरी, सर्वे और सर्च आंकड़ों में हुआ खुलासादलाल स्ट्रीट की उठापटक के बीच इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में उछला निवेश, सितंबर में आया 38,306 करोड़ रुपये का इनफ्लोमध्य प्रदेश की महिलाओं को नवरात्रि का तोहफा, लाड़ली बहना योजना की 41वीं किस्त में भेजे गए 1834 करोड़व्हेलफॉल रिव्यू (2026): स्पर्म व्हेल के पेट में सर्वाइवल और हॉरर की अनोखी दास्तानकनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से मिले नरेंद्र मोदी, व्यापार और ऊर्जा सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमतिसेंसेक्स और निफ्टी में सुस्त शुरुआत के बीच संभला आईटी सेक्टर, टीसीएस और इंफोसिस चमकेलैंगिक बराबरी पर गहराया संकट, सर्वे में 36 प्रतिशत युवाओं ने पारंपरिक ढर्रे की वकालत की
अमेरिकी महंगाई के नए आंकड़ों ने बढ़ाई ब्याज दर बढ़ने की आशंका, कैनेडियन डॉलर लुढ़काबाज़ार
14 अक्तू॰ 2026, 8:52 pm (2 घंटे पहले)· 0

अमेरिकी महंगाई के नए आंकड़ों ने बढ़ाई ब्याज दर बढ़ने की आशंका, कैनेडियन डॉलर लुढ़का

अमेरिका में उम्मीद से अधिक गर्म मुद्रास्फीति आंकड़ों के चलते फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में दरें बढ़ाने की संभावना बढ़ गई है, जिससे अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कैनेडियन डॉलर में 0.50 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।

मुद्रा बाजार में एक बार फिर अमेरिकी डॉलर का दबदबा देखने को मिल रहा है, जिसका सीधा असर अन्य प्रमुख करेंसियों पर पड़ा है। अमेरिका के ताजा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई में अपेक्षा से अधिक तेजी दर्ज किए जाने के बाद यूएसडी/सीएडी में 0.50% की बढ़त दर्ज की गई। मुद्रास्फीति के इन गर्म आंकड़ों ने निवेशकों के बीच यह धारणा मजबूत कर दी है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व आने वाले समय में सख्त मौद्रिक नीति जारी रख सकता है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई तेजी और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती उम्मीदों ने ग्रीनबैक यानी डॉलर को तगड़ा समर्थन दिया है, जबकि दूसरी ओर बैंक ऑफ कनाडा और फेड के नीतिगत दृष्टिकोण में बढ़ता फासला कैनेडियन करेंसी 'लूनी' के लिए भारी दबाव पैदा कर रहा है।

सितंबर मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने तोड़े अनुमान

सितंबर महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़े अर्थशास्त्रियों के पूर्वानुमानों से कहीं अधिक मजबूत साबित हुए हैं। सितंबर में मासिक सीपीआई में 0.6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रही लेकिन अगस्त के 0.4% के उछाल से काफी अधिक है। वार्षिक आधार पर देखें तो हेडलाइन मुद्रास्फीति 3.4% से छलांग लगाकर 3.7% पर पहुंच गई, जिसने विश्लेषकों के 3.6% के पूर्वानुमान को भी पीछे छोड़ दिया।

ये भी पढ़ें

खाद्य और ऊर्जा जैसी अस्थिर श्रेणियों को अलग रखकर आंके जाने वाले कोर सीपीआई में भी लगातार दबाव देखा जा रहा है। सितंबर में कोर सीपीआई मासिक आधार पर 0.3% बढ़ा, जो अनुमानित 0.2% से ज्यादा है और अगस्त के आंकड़े के बराबर बना हुआ है। वार्षिक कोर दर भी 2.4% से बढ़कर 2.6% हो गई, जिसने 2.5% के पूर्वानुमान को पार कर लिया। इन लगातार मजबूत बने हुए आंकड़ों से यह स्पष्ट हो गया है कि महंगाई को नियंत्रित करने की लड़ाई अभी पूरी नहीं हुई है।

फेडरल रिजर्व की चिंताओं में तेल कीमतों का इजाफा

महंगाई की इस नई रिपोर्ट ने फेडरल रिजर्व को यह भरोसा दिलाने में नाकाम रहने का संकेत दिया है कि मुद्रास्फीति उसके 2% के लक्ष्य की ओर स्थिर गति से वापस लौट रही है। विशेष रूप से पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई के जोखिम को लगातार ऊपर की ओर बनाए हुए हैं। ऊर्जा लागत में उछाल सीधे तौर पर विनिर्माण, परिवहन और उपभोक्ता खर्च को प्रभावित कर रहा है।

सीएमई फेडवॉच टूल के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, ट्रेडर्स अब फेड की 27-28 अक्टूबर की आगामी बैठक में ब्याज दर बढ़ाए जाने की संभावना लगभग 50% मान रहे हैं, जो इस रिपोर्ट के आने से पहले मात्र 22% थी। इसके अतिरिक्त, दिसंबर की बैठक में दर वृद्धि की संभावना बढ़कर 95% तक पहुंच गई है। बाजार सहभागियों की नजरें अब गुरुवार को जारी होने वाले अमेरिकी उत्पादक मूल्य सूचकांक यानी पीपीआई और खुदरा बिक्री के आंकड़ों पर टिकी हैं, जो नीति निर्माताओं की अगली चाल का और स्पष्ट संकेत देंगे।

नीति निर्माताओं की हालिया टिप्पणियों से भी यह साफ झलकता है कि वे महंगाई की स्थिति को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं। बोस्टन फेड अध्यक्ष सुसान कॉलिंस ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि ऊर्जा की ऊंची कीमतों के कारण उन्हें मुद्रास्फीति के 2% से ऊपर बने रहने की उम्मीद है। कॉलिंस ने यह भी रेखांकित किया कि नए साल में मौद्रिक नीति का भविष्य पूरी तरह से आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगा।

कैनेडियन डॉलर और प्रमुख मुद्राओं की स्थिति

पिछले 30 दिनों में प्रमुख वैश्विक करेंसियों के मुकाबले कैनेडियन डॉलर के प्रदर्शन पर नजर डालें तो यह स्पष्ट होता है कि अमेरिकी डॉलर के सामने सीएडी सबसे कमजोर स्थिति में रहा है। जहां फेडरल रिजर्व की ओर से नीतिगत दरों में आगे और बढ़ोतरी की प्रबल आशंका जताई जा रही है, वहीं बैंक ऑफ कनाडा की मौद्रिक दिशा को लेकर निवेशकों के बीच अलग राय बन रही है, जिससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच ब्याज दर अंतर का फायदा अमेरिकी डॉलर को मिल रहा है।

वैश्विक मुद्रा बाजार के अन्य हिस्सों में भी मिश्रित हलचल देखने को मिली। बुधवार के एशियाई सत्र में एयूडी/यूएसडी 0.7000 के स्तर के करीब स्थिर बना रहा। चीन में सितंबर के मिले-जुले मुद्रास्फीति आंकड़ों और व्यापार आंकड़ों के बाद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कुछ समर्थन मिला। चीन में सीपीआई उम्मीद से कम बढ़ा, जबकि पीपीआई में तेजी आई और व्यापार अधिशेष में अप्रत्याशित वृद्धि देखी गई। हालांकि, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद व्यापक स्तर पर कमजोर डॉलर के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा मिला क्योंकि सभी की निगाहें अमेरिकी सीपीआई पर थीं।

इसी तरह यूएसडी/जेपीवाई एशियाई सत्र में 158.50 के स्तर के पास एक सीमित दायरे में घूमता रहा। जापानी येन को सरकार द्वारा संभावित हस्तक्षेप के जोखिम से समर्थन मिला, जिसने कमजोर डॉलर के बीच भी बढ़त को सीमित रखा। हालांकि, सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर को भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं से लगातार मजबूती मिल रही है।

सोने और क्रिप्टोकरेंसी पर भी पड़ा असर

अमेरिकी मुद्रास्फीति के मजबूत आंकड़ों और फेड द्वारा मौद्रिक सख्ती जारी रखने के बढ़ते दांव का सीधा नुकसान सोने की कीमतों को उठाना पड़ा। बुधवार को कीमती धातु में साप्ताहिक मंदी का रुख गहरा गया और यह प्रति ट्रॉय औंस 4,100 डॉलर के स्तर से नीचे फिसल गई। मजबूत होता अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी बुलियन की कीमतों पर लगातार दबाव डाल रही है।

दूसरी ओर, डिजिटल एसेट बाजार में एक्सआरपी 1.36 डॉलर के ऊपर कारोबार करता नजर आया, जहां खरीदार 1.40 डॉलर के अहम आपूर्ति क्षेत्र की ओर रुख करने के लिए गति जुटा रहे हैं। इसके साथ ही रिपल और मेरिट्ज सिक्योरिटीज ने दक्षिण कोरिया के पूंजी बाजारों के लिए संस्थागत कस्टडी और टोकनाइजेशन सेवाओं की संभावनाओं को तलाशने के लिए साझेदारी की घोषणा की है, जिससे इस टोकन को जमीनी स्तर पर समर्थन मिल रहा है।

सवाल-जवाब

अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़ों के बाद यूएसडी/सीएडी में क्या बदलाव हुआ?
अमेरिका में उम्मीद से अधिक गर्म मुद्रास्फीति रिपोर्ट आने के बाद यूएसडी/सीएडी 0.50% चढ़ गया और कैनेडियन डॉलर कमजोर हुआ।
सितंबर महीने में अमेरिकी सीपीआई के क्या आंकड़े रहे?
सितंबर में मासिक सीपीआई 0.6% बढ़ा और वार्षिक हेडलाइन मुद्रास्फीति बढ़कर 3.7% हो गई, जो अनुमानित 3.6% से अधिक है।
अमेरिकी कोर सीपीआई में कितनी वृद्धि दर्ज की गई?
खाद्य और ऊर्जा को छोड़कर कोर सीपीआई मासिक आधार पर 0.3% और वार्षिक आधार पर 2.6% बढ़ा, जो 2.5% के पूर्वानुमान से ऊपर रहा।
अक्टूबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की कितनी संभावना है?
सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार ट्रेडर्स अब 27-28 अक्टूबर की बैठक में दर वृद्धि की संभावना लगभग 50% मान रहे हैं, जो पहले 22% थी।
दिसंबर की फेड बैठक में दर वृद्धि की संभावना कितनी आंकी गई है?
ताजा मुद्रास्फीति आंकड़ों के बाद दिसंबर में फेड द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना बढ़कर 95% तक पहुंच गई है।
बोस्टन फेड की अध्यक्ष सुसान कॉलिंस ने मुद्रास्फीति पर क्या कहा?
सुसान कॉलिंस ने कहा कि उच्च ऊर्जा कीमतों के कारण उन्हें मुद्रास्फीति के 2% से ऊपर रहने की उम्मीद है और भविष्य की नीति आंकड़ों पर निर्भर करेगी।
इस रिपोर्ट के बाद सोने की कीमतों पर क्या असर पड़ा?
मजबूत डॉलर और बढ़ती यील्ड के चलते सोना बुधवार को गिरकर 4,100 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के नीचे फिसल गया।
एक्सआरपी टोकन और रिपल को लेकर क्या खबर आई है?
एक्सआरपी 1.36 डॉलर के ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि रिपल ने दक्षिण कोरिया में टोकनाइजेशन और कस्टडी सेवाओं के लिए मेरिट्ज सिक्योरिटीज से साझेदारी की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp