त्योहारी सीजन के बीच मध्य प्रदेश प्रशासन ने महिला कल्याण से जुड़ी अपनी सबसे बड़ी आर्थिक मदद योजना के तहत सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचा दी है। उमरिया जिले के अंतर्गत आने वाले गुरुवाही गांव में 14 अक्टूबर, बुधवार को आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक डिजिटल क्लिक के जरिए पूरे प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1834 करोड़ रुपये की कुल राशि भेज दी। यह भुगतान मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 41वीं किस्त के रूप में किया गया है, जिसके तहत प्रत्येक लाभार्थी महिला को प्रतिमाह 1500 रुपये की वित्तीय मदद दी जा रही है। आयोजन स्थल पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने उपस्थित महिलाओं पर फूल बरसाकर उनका स्वागत किया और राज्य के विकास में नारी शक्ति की भूमिका की सराहना की।
महिला सशक्तिकरण और प्रशासनिक हिस्सेदारी पर जोर
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य की कुल आबादी में आधी हिस्सेदारी रखने वाली महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने रेखांकित किया कि मध्य प्रदेश के लगभग एक चौथाई जिलों की प्रशासनिक बागडोर महिला अधिकारियों के हाथों में है, जहां वे कलेक्टर के महत्वपूर्ण पद का दायित्व संभाल रही हैं। उमरिया का उदाहरण देते हुए उन्होंने उल्लेख किया कि इस जिले में कलेक्टर के साथ-साथ संभागायुक्त के पद पर भी महिला अधिकारी ही तैनात हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक संदर्भों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बांधवगढ़ की इस धरती को प्रभु श्रीराम, माता सीता और भगवान श्रीकृष्ण का विशेष आशीर्वाद मिला है, वहीं विरासनी देवी का दर्शन पाना एक सौभाग्यशाली अनुभव है।
महिला एवं बाल विकास के बजट आवंटन पर तुलना
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला कल्याण से जुड़ी पूर्ववर्ती नीतियों और मौजूदा वित्तीय आवंटन की तुलना भी सामने रखी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, "हमारी सरकार सच्चा वादा और पक्का काम के भाव से प्रदेश की जनता से किए सभी वादे पूरा करते हुए आगे बढ़ रही है।" उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस शासन के दौर में महिला एवं बाल विकास विभाग का वार्षिक वित्तीय बजट महज 350 करोड़ रुपये हुआ करता था, जबकि मौजूदा सरकार ने महिला उत्थान और सुरक्षा के लिए 47 हजार करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट का प्रावधान किया है। उनके अनुसार, कांग्रेस ने अपने 55 वर्षों के कुल शासनकाल के दौरान महिलाओं के कल्याण पर कुल मिलाकर सिर्फ साढ़े 25 हजार करोड़ रुपये खर्च किए थे, जबकि वर्तमान व्यवस्था में अकेले लाड़ली बहना योजना की शुरुआत से लेकर अब तक 62 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचाई जा चुकी है।
रसोई गैस रिफिल पर 115.10 करोड़ की सीधी सब्सिडी
मासिक 1500 रुपये की किस्त के अतिरिक्त, राज्य सरकार ने महिलाओं को सस्ता रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के वादे के तहत भी वित्तीय सहायता अंतरित की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के मंच से सिंगल क्लिक के जरिए 23 लाख से अधिक पात्र परिवारों के खातों में 115.10 करोड़ रुपये की अनुदान राशि भेजी। यह आर्थिक मदद प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जुड़े उपभोक्ताओं के साथ-साथ गैर-उज्ज्वला वर्ग में आने वाली पात्र लाड़ली बहनों को दी गई है। इसके अंतर्गत दो महीनों के गैस रिफिल के लिए प्रति सिलेंडर 450 रुपये के हिसाब से सब्सिडी का भुगतान किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 3 वर्षों के अंतराल में राज्य सरकार रसोई गैस सिलेंडर अनुदान के मद में कुल 1600 करोड़ रुपये की सहायता राशि महिलाओं को उपलब्ध करा चुकी है।
पशुपालन और डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना
ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू आमदनी बढ़ाने और कृषि आधारित आजीविका को सहारा देने के लिए मुख्यमंत्री ने गोपालन तथा पशुपालन पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने बताया कि राज्य में दुग्ध उत्पादन क्षमता का विस्तार करने के उद्देश्य से डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना शुरू की गई है। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत नया डेयरी उद्यम स्थापित करने के इच्छुक पशुपालकों और किसानों को सरकार विशेष वित्तीय अनुदान दे रही है। योजना के प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई किसान या पशुपालक 25 गायें खरीदकर डेयरी इकाई लगाता है, तो उसे सरकार की ओर से 10 लाख रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण परिवारों और किसान भाइयों-बहनों से अपील की कि वे दुग्ध उत्पादन से जुड़कर अपनी आय में इजाफा करें और राज्य की समृद्धि में हाथ बटाएं।
सिंचाई, पर्यटन और होमस्टे अनुदान का विस्तार
क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उमरिया और उसके आस-पास के सीमावर्ती इलाकों को स्लीमनाबाद टनल परियोजना से सीधा जल लाभ मिलने वाला है, जिससे किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी मिल सकेगा। इसके अलावा, पर्यटन क्षेत्र में स्थानीय निवासियों को रोजगार से जोड़ने के लिए होमस्टे योजना का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बांधवगढ़ और आसपास के सुरम्य वन क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय भाई-बहन बाहर से आने वाले सैलानियों के लिए सर्वसुविधायुक्त होमस्टे स्थापित करें। ऐसे आधुनिक अतिथि आवास तैयार करने के लिए राज्य सरकार 3 लाख रुपये तक का अनुदान उपलब्ध करा रही है, जिससे पर्यावरण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को घर पर ही स्थायी आजीविका मिलेगी।
वन्यजीव संरक्षण, हाथी हमले पर 25 लाख का मुआवजा और राहत योजनाएं
प्रदेश के पर्यावरण और जैव विविधता का उल्लेख करते हुए डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश की धरती पर चीतों की आबादी में लगातार वृद्धि हो रही है, जबकि कान्हा नेशनल पार्क के भीतर असम से लाई गई जंगली भैंसों को सफलतापूर्वक बसाया गया है। प्राकृतिक आवासों में वन्यजीवों की रक्षा करना सरकार का मूलभूत दायित्व है। उन्होंने कहा कि बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान के जंगलों में हाथियों की तादाद काफी अधिक है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका बनी रहती है। सरकार ने नीतिगत फैसला लिया है कि यदि जंगली हाथी के दुर्भाग्यपूर्ण हमले में किसी नागरिक की अकाल मृत्यु होती है, तो मृतक के निकटतम आश्रित परिवार को 25 लाख रुपये की अनुग्रह मुआवजा राशि दी जाएगी।
आम नागरिकों और जरूरतमंदों की आपातकालीन सहायता के लिए राज्य में एयर एंबुलेंस सेवा की शुरुआत की जा चुकी है, जिससे गंभीर मरीजों को बड़े चिकित्सा केंद्रों तक तुरंत पहुंचाया जा सके। इसके साथ ही, सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की जान बचाने वाले मददगार नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए 'राहवीर योजना' लागू की गई है, जिसके तहत मदद करने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। वहीं, गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए पात्र आयुष्मान कार्ड धारकों को 5 लाख रुपये तक के कैशलेस और नि:शुल्क इलाज का संरक्षण लगातार दिया जा रहा है।
स्व-सहायता समूहों की शक्ति और लखपति दीदी पहल
महिला स्वावलंबन के क्षेत्र में जमीनी प्रगति का ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्यभर में 65 लाख महिलाएं स्वयं-सहायता समूहों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं। इन समूहों के जरिए महिलाएं न सिर्फ स्वरोजगार पा रही हैं, बल्कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवारों की आर्थिक रीढ़ बन चुकी हैं। इन महिला सदस्यों में से 25 प्रतिशत महिलाएं अब 'लखपति दीदी' की श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं, जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक पहुंच चुकी है। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने रोजगारपरक विनिर्माण और सेवा उद्योगों में काम करने वाली महिलाओं के लिए अलग से 5000 रुपये की मासिक वेतन सहायता देने का विशेष प्रावधान लागू किया है, जिससे औपचारिक कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है।
उमरिया जिले के लिए 144 करोड़ के 136 विकास कार्य
गुरुवाही में आयोजित समारोह के दौरान उमरिया जिले के समग्र आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए कुल 144 करोड़ रुपये के 136 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण संपन्न हुआ। इनमें 87 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली 68 परियोजनाओं का विधिवत लोकार्पण कर जनता को समर्पित किया गया, जबकि 57 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार होने वाले 68 नए निर्माण कार्यों का भूमिपूजन कर शिलान्यास किया गया। इन समस्त विकास कार्यों के दायरे में जिले के बांधवगढ़ और मानपुर विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण सार्वजनिक आवश्यकताएं शामिल हैं।
किसानों और ग्रामीणों के लिए केंद्रीय योजनाओं का तालमेल
कार्यक्रम में मौजूद अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री तथा उमरिया जिले के प्रभारी नागर सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से उमरिया की लाड़ली बहनों, गरीब परिवारों, किसानों और नौजवानों को बिना किसी रुकावट के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के नेतृत्व और मार्गदर्शन में प्रदेश की महिलाएं आर्थिक मजबूती हासिल कर विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। मंत्री ने यह भी बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जिसके तहत खेती की लागत घटाने के लिए सोलर पंपों का वितरण और पीएम किसान सम्मान निधि की नियमित किस्तें सीधे किसानों को दी जा रही हैं।
लाड़ली बहना योजना का सफर और वित्तीय आवंटन
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में की गई थी, जब पहली बार प्रदेश की लगभग सवा करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में आर्थिक सहायता भेजी गई थी। तब से लेकर अब तक लाभार्थियों को कुल 41 मासिक किस्तों का निर्बाध भुगतान किया जा चुका है। नियमित मासिक सहायता के अतिरिक्त, रक्षाबंधन के पावन पर्व के उपलक्ष्य में लाड़ली बहनों को अब तक चार बार 250-250 रुपये की विशेष शगुन राशि अलग से वितरित की जा चुकी है। महिलाओं को निर्बाध वित्तीय संबल सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के वार्षिक बजट में इस योजना के मद में 23,882.81 करोड़ रुपये का भारी बजटीय आवंटन सुरक्षित रखा है।
उमरिया क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री की छह अहम घोषणाएं
स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांगों और जनता की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उमरिया जिले के लिए छह महत्वपूर्ण नीतिगत घोषणाएं कीं
- उमरिया जिला मुख्यालय पर स्थानीय प्रतिनिधियों के आग्रह के अनुसार एक नए सांदीपनि विद्यालय की स्थापना की जाएगी।
- मानपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए सर्वसुविधायुक्त नए भवन का निर्माण कराया जाएगा।
- मानपुर के इसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन कर इसे पूर्ण सिविल अस्पताल का आधिकारिक दर्जा दिया जाएगा।
- उमरिया जिले के सभी प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थलों पर पर्यटन की गतिविधियों को नई गति देने के लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे।
- सामाजिक कार्यों और जनकल्याण के क्षेत्र में सक्रिय मान्यता प्राप्त संस्थाओं को उनकी गतिविधियों के संचालन हेतु रियायती दर पर, यानी कुल मूल्य के एक चौथाई दाम पर सरकारी भूमि आवंटित की जाएगी।
- उमरिया जिले के अंतर्गत आने वाले अमरपुर नगर को पूर्ण प्रशासनिक तहसील के रूप में विकसित किया जाएगा।
























