शेयर बाजार में केमिकल सेक्टर की कंपनियों पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए हिमाद्री स्पेशलिटी केमिकल्स लिमिटेड (HSCL) इन दिनों चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है। कंपनी ने न सिर्फ अपने कारोबार को तेजी से बड़ा किया है, बल्कि शेयरधारकों की जेब भी भारी कर दी है। महज नौ महीने के भीतर ही निवेशकों की पूंजी करीब डेढ़ गुना बढ़ चुकी है, और कंपनी अब खुद को एक ग्लोबल एडवांस्ड मटीरियल्स ब्रांड के तौर पर स्थापित करने की तैयारी में जुटी है।
तेजी से भागा शेयर का भाव
पिछले साल 24 नवंबर 2025 को हिमाद्री का शेयर 420 रुपये के स्तर पर था। इसके बाद कंपनी की ग्रोथ स्टोरी को देखते हुए निवेशकों ने जमकर खरीदारी की और भाव अब करीब 620 रुपये तक पहुंच चुका है। सालभर के हिसाब से देखें तो कंपनी ने अपने निवेशकों को लगभग 38 फीसदी का मुनाफा कमा कर दिया है, वहीं पिछले छह महीने में ही रिटर्न करीब 69 फीसदी के आसपास रहा है। यह रफ्तार बताती है कि बाजार को कंपनी की आगे की योजनाओं पर कितना भरोसा है।
30,000 करोड़ रुपये का बड़ा लक्ष्य
हिमाद्री स्पेशलिटी केमिकल्स ने आने वाले छह साल के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया है। कंपनी की योजना बैटरी मैटेरियल्स के कारोबार से इस अवधि में करीब 30,000 करोड़ रुपये जुटाने की है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रबंधन अब घरेलू बाजार से आगे बढ़कर ग्लोबल मार्केट और ज्यादा मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रहा है। कंपनी हर तिमाही नए और ज्यादा वैल्यू वाले प्रोडक्ट लॉन्च करने की रणनीति पर काम कर रही है, ताकि आने वाले सालों में ग्रोथ की रफ्तार बनी रहे।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ अनुराग चौधरी ने कहा, "अब हमारा ध्यान ज्यादा वैल्यू वाले और स्पेशलिटी प्रोडक्ट पर है, जो कंपनी की भविष्य की ग्रोथ का रास्ता बना रहे हैं." उनका कहना है कि हर साल पोर्टफोलियो में जुड़ रहे नए प्रोडक्ट्स का सीधा फायदा शेयरधारकों को भी मिल रहा है।
दुबई में बना नया ठिकाना
अपने कारोबार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलाने के इरादे से हिमाद्री ने दुबई में एक नई सब्सिडियरी 'आर्डेंट इम्पेक्स FZCO' के नाम से खड़ी की है। यह कदम इस बात का संकेत है कि स्पेशलिटी केमिकल बनाने वाली भारतीय कंपनियां अब सिर्फ घरेलू मैन्युफैक्चरिंग तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। दुबई दुनिया के सबसे व्यस्त कारोबारी गलियारों में गिना जाता है, और यहां से हिमाद्री इंडस्ट्रियल केमिकल तथा पेट्रोकेमिकल की ट्रेडिंग को और मजबूत करने की योजना बना रही है।
बैटरी मैटेरियल्स पर भारी निवेश
हिमाद्री स्पेशलिटी केमिकल्स वित्त वर्ष 2027 में लिथियम आयरन फॉस्फेट यानी LFP, कार्बन नैनो ट्यूब, सुपर स्पेशलिटी कार्बन ब्लैक और ऐसे ही कुछ और एडवांस्ड, हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स के लिए करीब 1,300 करोड़ रुपये खर्च करने वाली है। इतना ही नहीं, अगले साल के लिए भी कंपनी लगभग 1,500 करोड़ रुपये के एक और निवेश चक्र की तैयारी कर रही है, जिससे साफ है कि विस्तार की यह रफ्तार आगे भी थमने वाली नहीं है।
अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में बढ़ी हिस्सेदारी
ग्लोबल बैटरी सप्लाई चेन में मजबूत पकड़ बनाने के मकसद से हिमाद्री ने अमेरिका की इंटरनेशनल बैटरी कंपनी, इंक. यानी IBC में हाल ही में 6.6 लाख डॉलर का और निवेश किया है, जिसके बाद कंपनी की हिस्सेदारी बढ़कर 20.47 फीसदी हो गई है। इसके साथ ही हिमाद्री ने ऑस्ट्रेलिया की सिकोना बैटरी टेक्नोलॉजीज में भी अपना निवेश बढ़ाया है। कंपनी का इरादा साफ है, अगले पांच साल में इलेक्ट्रिक व्हीकल बैटरी की सप्लाई चेन में देश की अग्रणी कंपनियों में शुमार होना।
5 साल में 15 गुना हुआ पैसा
अगर लंबी अवधि के रिटर्न पर नजर डालें तो हिमाद्री स्पेशलिटी केमिकल्स को मल्टीबैगर स्टॉक कहना गलत नहीं होगा। बीते पांच साल में कंपनी के शेयर ने करीब 1,375 फीसदी का रिटर्न दिया है। सीधे शब्दों में समझें तो जिस निवेशक ने पांच साल पहले इस कंपनी में 1 लाख रुपये लगाए होंगे, उसकी पूंजी आज बढ़कर करीब 15 लाख रुपये हो चुकी होगी। एक अहम बात यह भी है कि कंपनी में आज भी प्रमोटर्स के पास 52 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी है, जो इस बात का संकेत है कि प्रमोटर्स को खुद अपने कारोबार के भविष्य पर पूरा भरोसा है।



















