एशियाई वित्तीय बाजारों में स्थिरता के बीच बैंक इंडोनेशिया ने अपनी बेंचमार्क नीतिगत ब्याज दर को 5.75% पर बनाए रखने का फैसला किया है। बैंक की कार्यवाहक गवर्नर डेस्ट्री ने वैश्विक अनिश्चितताओं और वित्तीय जोखिमों के बावजूद तटस्थ दृष्टिकोण बनाए रखा है। दूसरी तिमाही के मजबूत घरेलू विकास आंकड़ों और इंडोनेशियाई रुपिया (IDR) में आई हालिया स्थिरता ने केंद्रीय बैंक को ब्याज दरों में बदलाव न करने का आधार प्रदान किया है।
वैश्विक जोखिम और नीतिगत दृष्टिकोण
डीबीएस ग्रुप रिसर्च की अर्थशास्त्री राधिका राव के विश्लेषण के अनुसार, बैंक इंडोनेशिया के समक्ष वर्तमान में अधिकांश नीतिगत जोखिम बाहरी कारकों से जुड़े हुए हैं। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, क्रैक स्प्रेड और विकसित बाजारों (DM) में बढ़ती बॉन्ड यील्ड के कारण घरेलू मुद्रा और बॉन्ड बाजार अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के प्रति संवेदनशील बने हुए हैं। इसके बावजूद, घरेलू आर्थिक उत्प्रेरक सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं क्योंकि सरकार ने राजकोषीय समेकन को बनाए रखते हुए 2027 के लिए विकास-समर्थक प्राथमिकताओं को सुदृढ़ किया है।
वित्तीय उपाय और स्वैप तंत्र में बदलाव
केंद्रीय बैंक ने पूर्व में घोषित उपायों में कुछ महत्वपूर्ण संशोधन और विस्तार किए हैं। पोर्टफोलियो निवेशकों के अलावा अब प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) और घरेलू बैंकों द्वारा लिए जाने वाले विदेशी कर्ज को भी हेजिंग डिस्काउंट के दायरे में शामिल कर लिया गया है। इसके साथ ही, अंतर्निहित संपत्तियों की शेष अवधि के आधार पर स्वैप को आगे बढ़ाने के लिए एक लचीला रोलओवर तंत्र पेश किया गया है, जो पूर्व-निर्धारित शर्तों के अधीन काम करेगा। डीबीएस का अनुमान है कि सितंबर में ब्याज दरें स्थिर रहेंगी, जबकि वित्तीय स्थितियों में कमजोरी आने पर 4Q26 में एक एहतियाती दर वृद्धि की संभावना बनी हुई है।
विदेशी मुद्रा बाजार और सोने की चाल
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर में आई रिकवरी का असर अन्य प्रमुख मुद्राओं पर देखा गया। जीबीपी/यूएसडी (GBP/USD) जोड़ी गुरुवार को शुरुआती बढ़त गंवाने के बाद 1.3630 के स्तर के करीब आ गई। वहीं ईयूआर/यूएसडी (EUR/USD) जोड़ी 1.1700 के ऊपरी स्तर से फिसलकर 1.1670 के आसपास कारोबार करती दिखी। कीमती धातुओं में सोना भी दबाव में नजर आया और गुरुवार को 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़त तथा डॉलर के मजबूत होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $4,500 प्रति ट्रॉय औंस के मुख्य स्तर से नीचे खिसक गया।
क्रिप्टोकरेंसी में तेजी और अमेरिकी ट्रेजरी की लिक्विडिटी पहल
दूसरी ओर डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में मजबूती का रुख देखने को मिला। बिटकॉइन (BTC) $70,000 के पार निकल गया, जबकि एथेरियम (ETH) $2,200 के ऊपर बना रहा और रिपल (XRP) $1.15 के स्तर को पार करने में सफल रहा। इस बीच, अमेरिकी मनी मार्केट में 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 4.672% पर स्थिर हुई। यील्ड में हालिया उछाल को रोकने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बुधवार को 12:32 GMT पर एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 10 से 20 वर्ष और 20 से 30 वर्ष की अवधि वाले दीर्घकालिक ऋण पत्रों की लिक्विडिटी बायबैक सीमा को $2 अरब से बढ़ाकर कम से कम $4 अरब प्रति ऑपरेशन करने की घोषणा की। यह बायबैक कार्यक्रम 9 सितंबर से शुरू होकर 4 नवंबर तक चलेगा।



















