वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में शुक्रवार के एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियन डॉलर ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपनी बढ़त को मजबूत किया है। मुद्रा जोड़ी AUD/USD बढ़कर 0.7135 के स्तर को छूने में कामयाब रही और ताजा लाइव आंकड़ों के अनुसार यह 0.7143 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद स्तर 0.7125 से लगभग 0.26 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। अमेरिकी सरकार के बढ़ते राजकोषीय घाटे और ऋण संकट को लेकर निवेशकों की चिंताएं बनी हुई हैं, जिससे यूएस डॉलर पर लगातार दबाव देखा जा रहा है। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के घरेलू श्रम बाजार से आए कमजोर आंकड़ों ने ऑस्ट्रेलियन डॉलर की आगे की तेजी को सीमित करने का काम किया है।
अमेरिकी कर्ज का संकट और यूएस ट्रेजरी का बॉन्ड बायबैक फैसला
अमेरिकी वित्तीय बाजार में बढ़ते राष्ट्रीय ऋण को लेकर अनिश्चितता का माहौल है। अमेरिका का कुल राष्ट्रीय ऋण 40 ट्रिलियन डॉलर के ऐतिहासिक आंकड़े के करीब पहुंच रहा है, जिसे विश्लेषक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा मान रहे हैं। इसके साथ ही 1.4 ट्रिलियन डॉलर के प्राइवेट क्रेडिट मार्केट में भी जोखिम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इन परिस्थितियों के बीच यूएस ट्रेजरी विभाग ने अपने निर्धारित कैलेंडर से हटकर बड़ा कदम उठाया है।
यूएस ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट किया है कि विभाग दीर्घकालिक प्रतिभूतियों के बायबैक परिचालन को 4 बिलियन डॉलर से आगे भी बढ़ा सकता है। ट्रेजरी ने 10 से 20 वर्ष और 20 से 30 वर्ष की परिपक्वता अवधि वाले बॉन्ड के बायबैक का आकार दोगुना करने का निर्णय लिया है। प्रति ऑपरेशन बायबैक की अधिकतम सीमा को 2 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 बिलियन डॉलर कर दिया गया है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से लागू होकर 4 नवंबर तक जारी रहेगी। स्कॉट बेसेंट ने जोर देकर कहा कि बॉन्ड प्रतिफल (यिल्ड) वर्तमान में बुनियादी आर्थिक स्थिति को नहीं दर्शाते हैं और ब्याज दरों का बायबैक के फैसले से कोई संबंध नहीं है। हालांकि, बाजार प्रतिभागियों का मानना है कि यह कदम केवल एक अस्थायी उपाय है, जिससे अमेरिकी संस्थागत साख और राजकोषीय सेहत पर सवाल उठ रहे हैं। शुक्रवार को जारी होने वाले एसएंडपी ग्लोबल के प्रारंभिक अमेरिकी क्रय प्रबंधक सूचकांक (PMI) आंकड़ों पर भी निवेशकों की कड़ी नजर टिकी हुई है।
ऑस्ट्रेलिया के श्रम बाजार में गिरावट और RBA पर नीतिगत दबाव
दूसरी तरफ, ऑस्ट्रेलिया से आए कमजोर आर्थिक आंकड़ों ने ऑस्ट्रेलियन डॉलर की बढ़त पर अंकुश लगाया है। ऑस्ट्रेलियन ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स (ABS) द्वारा जारी जुलाई के श्रम बल सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, देश में रोजगार में अप्रत्याशित रूप से 15,800 नौकरियों की कमी आई है। बाजार विश्लेषक जहां 15,000 नई नौकरियों के सृजन की उम्मीद लगाए बैठे थे, वहीं इस गिरावट ने सभी को चौंका दिया। इसके परिणामस्वरूप ऑस्ट्रेलिया में बेरोजगारी दर बढ़कर 4.5 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो पिछले महीने 4.4 प्रतिशत थी।
श्रम बाजार में आई इस सुस्ती पर प्रतिक्रिया देते हुए रे वाइट की मुख्य अर्थशास्त्री नेरिडा कॉनिसबी ने कहा कि बेरोजगारी दर में वृद्धि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में बढ़ोतरी को रोकने के पक्ष को मजबूत करती है, खासकर तब जब अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों में भी सुस्ती के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। बीएनवाई के विश्लेषकों ने भी ऑस्ट्रेलियाई रोजगार परिदृश्य के ठंडा पड़ने पर ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने बताया कि नौकरियों में गिरावट के साथ काम के घंटों और श्रम बल भागीदारी में आई कमी यह दर्शाती है कि अर्थव्यवस्था अपनी गति खो रही है। यह स्थिति ऐसे समय में बन रही है जब ऑस्ट्रेलिया का कुल संघीय ऋण 1 ट्रिलियन ऑस्ट्रेलियन डॉलर से ऊपर निकल चुका है और वर्ष 2030 तक ब्याज लागत में लगातार वृद्धि होने का अनुमान है।
ऑस्ट्रेलियन डॉलर की चाल तय करने वाले प्रमुख मैक्रो कारक
ऑस्ट्रेलियन डॉलर एक संसाधन-आधारित मुद्रा है, जिसकी विनिमय दर कई वैश्विक और घरेलू कारकों पर निर्भर करती है
- लौह अयस्क की कीमतें: ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद लौह अयस्क है, जिससे वर्ष 2021 के आंकड़ों के अनुसार सालाना 118 बिलियन डॉलर की कमाई होती है। चीन इसका मुख्य खरीदार है। लौह अयस्क की कीमतों में तेजी आने पर ऑस्ट्रेलियन डॉलर की मांग बढ़ती है।
- चीन की आर्थिक सेहत: चीन ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। जब चीनी अर्थव्यवस्था में मजबूती आती है, तो ऑस्ट्रेलिया से कच्चे माल की मांग बढ़ती है, जिससे व्यापार संतुलन ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में होता है और ऑस्ट्रेलियन डॉलर को मजबूती मिलती है।
- RBA की ब्याज दर नीति: रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया 2 से 3 प्रतिशत की लक्षित मुद्रास्फीति दर बनाए रखने के लिए ब्याज दरों का निर्धारण करता है। दुनिया के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों की तुलना में उच्च ब्याज दरें ऑस्ट्रेलियन डॉलर का समर्थन करती हैं।
- बाजार का जोखिम रुझान: जब वैश्विक निवेशक जोखिम लेने के मूड में होते हैं (रिस्क-ऑन), तब ऑस्ट्रेलियन डॉलर जैसी कमोडिटी मुद्राओं में खरीदारी बढ़ती है। इसके विपरीत, संकट के समय सुरक्षित संपत्तियों (रिस्क-ऑफ) की ओर रुझान बढ़ने से AUD पर दबाव आता है।
तकनीकी विश्लेषण और AUD/USD के प्रमुख स्तर
तकनीकी चार्ट पर, AUD/USD की जोड़ी लंबी अवधि के अपट्रेंड में बनी हुई है। लाइव तकनीकी संकेतकों के अनुसार, 50-दिवसीय घातीय चलती औसत (EMA50) 0.7036 पर है और 200-दिवसीय घातीय चलती औसत (EMA200) 0.6902 पर है, जो एक मजबूत गोल्डन क्रॉस स्थिति को दर्शाती है। 20-दिवसीय घातीय चलती औसत (EMA20) 0.7060 पर बनी हुई है।
वर्तमान में RSI(14) 67 के स्तर पर है, जो तेजी के रुझान को दिखाता है। मुख्य रेजिस्टेंस और सपोर्ट स्तर इस प्रकार हैं
- प्रतिरोध स्तर (Resistance): पहला तात्कालिक प्रतिरोध 0.7150 के पास ऊपरी बोलिंगर बैंड और R1 रेजिस्टेंस 0.7155 पर स्थित है। इसके ऊपर अगला रेजिस्टेंस R2 0.7166 पर देखा जा रहा है। 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर 0.7277 है।
- समर्थन स्तर (Support): नीचे की तरफ पहला मजबूत सहारा पिवट स्तर 0.7133 और S1 सपोर्ट 0.7122 पर है। इसके बाद 100-दिवसीय साधारण चलती औसत (SMA100) 0.7070 और मिडिल बोलिंगर बैंड 0.7049 (समर्थन S2 0.7100) पर स्थित है। यदि गहरा सुधार आता है, तो निचला बोलिंगर बैंड 0.6953 और 20-दिवसीय सपोर्ट 0.6924 के आसपास सुरक्षा प्रदान करेगा। 52-सप्ताह का निचला स्तर 0.6422 है।
वैश्विक विदेशी मुद्रा और कमोडिटी बाजारों की स्थिति
अन्य प्रमुख मुद्राओं और संपत्तियों में भी हलचल देखी जा रही है। ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) 1.3630 से 1.3620 के दायरे में कारोबार कर रहा है। यूरो (EUR/USD) 1.1700 के स्तर से नीचे खिसक गया है, क्योंकि अमेरिकी डॉलर में देर से हल्का सुधार देखा गया।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना (XAU/USD) 4,500 डॉलर प्रति औंस के ऐतिहासिक स्तर से ऊपर मजबूती से टिका हुआ है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की कम होती संभावनाओं ने सोने की कीमतों को समर्थन दिया है, जिससे सोना लगातार तीसरे हफ्ते बढ़त दर्ज करने की राह पर है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से बॉन्ड यील्ड में तेजी आई है, जिसने यूएस डॉलर की गिरावट को कुछ हद तक सीमित किया है।



















