अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड ने पिछले सप्ताह के निचले स्तर से उबरते हुए मजबूती का रुख दिखाया है। जीबीपी/यूएसडी (GBP/USD) जोड़ी शुक्रवार को 0.1 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1.3326 के स्तर पर बंद हुई थी और नए व्यापारिक सप्ताह की शुरुआत में एशियाई सत्र के दौरान यह 1.3300 के मध्य स्तर से ऊपर बनी हुई है। यूनाइटेड किंगडम के वित्तीय बाजार इस समय दोहरे दबावों से जूझ रहे हैं, जिनमें प्रधानमंत्री बर्नहम के शुरुआती राजकोषीय प्रस्तावों को लेकर निवेशकों का रुख और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में आई अस्थिरता शामिल है। इन दोनों कारकों ने ब्रिटिश बॉन्ड (गिलिट्स) पर सीधा असर डाला है।
बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा दरों को स्थिर रखने का अनुमान
बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) की आगामी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक को लेकर बाजार विशेषज्ञों के बीच पूर्ण सहमति देखी जा रही है। 25 जुलाई तक सात प्रमुख विश्लेषकों पर किए गए एक ब्लूमबर्ग सर्वेक्षण के अनुसार, सभी उत्तरदाताओं का मानना है कि केंद्रीय बैंक अपनी प्रमुख ब्याज दर को 3.75 प्रतिशत पर ही अपरिवर्तित रखेगा। आर्थिक शोध संस्थान यूओबी की वरिष्ठ अर्थशास्त्री ली सू एन ने भी इस बात की पुष्टि की है कि जुलाई महीने की मौद्रिक समीक्षा में दरों में किसी बदलाव की उम्मीद नहीं है।
हालांकि केंद्रीय बैंक के भीतर नीतियां सख्त करने की ओर हल्का रुझान बना हुआ है, लेकिन जब तक ऊर्जा की कीमतों में फिर से बड़ा उछाल नहीं आता, तब तक दरों में तत्काल बढ़ोतरी की संभावना काफी कम नजर आती है। ब्रिटेन में सेवाओं की मुद्रास्फीति का उच्च स्तर और ऊर्जा बाजार में जारी अनिश्चितता महंगाई को बढ़ाने वाले जोखिम बने हुए हैं। इसके अतिरिक्त, मौद्रिक नीति समिति में दूसरी असहमति की आवाज यह दर्शाती है कि समिति के सदस्यों के भीतर आर्थिक दिशा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। इसके बावजूद, घरेलू मांग में आई सुस्ती और श्रम बाजार के धीरे-धीरे ढीले पड़ने के कारण केंद्रीय बैंक फिलहाल दरों को वर्तमान स्तर पर ही बनाए रख सकता है।
अमेरिकी डॉलर में कमजोरी से यूरो को मिला समर्थन
वैश्विक मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर की व्यापक सुस्ती के बीच यूरो को भी मजबूती मिली है। ईयूआर/यूएसडी (EUR/USD) जोड़ी ने सोमवार को एशियाई सत्र के दौरान मामूली तेजी के साथ शुरुआत की और फिर से 1.1400 के आंकड़े को पार कर लिया। अमेरिकी डॉलर पर यह दबाव पांच महीने से जारी अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कूटनीतिक समाधान की नई उम्मीदों के कारण बना है। इस कूटनीतिक प्रगति की खबरों से वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की क्षमता में सुधार देखा गया है।
सोने में सुस्ती और कच्चे तेल में गिरावट
कीमती धातुओं के बाजार में सोने (XAU/USD) ने सोमवार को यूरोपीय सत्र की शुरुआत से पहले अपनी मामूली इंट्राडे बढ़त को बनाए रखा। हालांकि, इस सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की महत्वपूर्ण एफओएमसी (FOMC) नीतिगत बैठक से पहले निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं, जिसके कारण सोना $4,100 के स्तर से ऊपर टिकने के लिए संघर्ष कर रहा है। दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की सुगबुगाहट से कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भारी इंट्राडे गिरावट दर्ज की गई है, क्योंकि आपूर्ति में बाधा की आशंकाएं कम हुई हैं।
कार्डानो पर दबाव और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की स्थिति
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में कार्डानो (ADA) पर गिरावट का दबाव लगातार बना हुआ है। बीते हफ्ते मामूली नुकसान दर्ज करने के बाद सोमवार को कार्डानो $0.165 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। डेरिवेटिव्स संकेतकों में आई कमजोरी और सुस्त मोमेंटम इस बात का इशारा कर रहे हैं कि इसकी कीमतों में तेजी आने की गुंजाइश सीमित है। डेरिवेटिव्स बाजार के आंकड़े ट्रेडर्स के बीच नकारात्मक भावना को दर्शाते हैं।
वहीं ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए साल की पहली छमाही काफी उथल-पुथल भरी रही है, जहां इसने चार साल के उच्चतम स्तर को छूने के बाद गिरावट दर्ज की। अब दूसरी छमाही में प्रवेश करते हुए मिडिल ईस्ट में नए सिरे से उपजे तनाव के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का दृष्टिकोण अनिश्चितताओं से घिरा हुआ है, जिससे मुद्रास्फीति और ब्याज दरों की भावी दिशा धुंधली हो गई है।



















