भारतीय शेयर बाजार में बीते कारोबारी हफ्ते के दौरान भारी बिकवाली देखने को मिली, जिसके चलते शीर्ष कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में बड़ा उलटफेर हुआ है। बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों ही सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। इस गिरावट का सबसे बड़ा असर देश की प्रमुख 10 कंपनियों में से आधी कंपनियों पर पड़ा, जिनकी बाजार पूंजीकरण में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की चपत लगी। हालांकि, इस नकारात्मक माहौल के बावजूद शेष पांच प्रमुख कंपनियों ने बढ़त हासिल करते हुए निवेशकों को राहत दी है।
टीसीएस और रिलायंस समेत इन कंपनियों को हुआ भारी नुकसान
बाजार में बिकवाली के चौतरफा दबाव के कारण शीर्ष 10 में शामिल पांच दिग्गज कंपनियों के संयुक्त मार्केट कैप में 1,01,982.65 करोड़ रुपये की बड़ी गिरावट आई। नुकसान उठाने वाली कंपनियों में टाटा ग्रुप की आईटी दिग्गज टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) सबसे आगे रही। टीसीएस के मार्केट कैप में सबसे ज्यादा 34,263.28 करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई, जिससे इसका कुल मूल्यांकन घटकर 8,53,506.85 करोड़ रुपये पर आ गया। देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज भी इस बिकवाली से नहीं बच सकी और उसकी बाजार वैल्यू 31,869.13 करोड़ रुपये घटकर 17,70,056.06 करोड़ रुपये रह गई।
बैंकिंग क्षेत्र की बड़ी कंपनियों पर भी भारी दबाव देखा गया। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की वैल्यूएशन में 25,891.88 करोड़ रुपये की बड़ी चपत लगी, जिसके बाद इसका मार्केट कैप 9,85,829.96 करोड़ रुपये पर सिमट गया। इसी तरह निजी क्षेत्र के दिग्गज एचडीएफसी बैंक का बाजार मूल्यांकन 7,165.37 करोड़ रुपये गिरकर 11,20,802.10 करोड़ रुपये बचा। इसके अलावा आईसीआईसीआई बैंक के मार्केट कैप में भी 2,792.65 करोड़ रुपये की नरमी आई और यह 10,17,577.98 करोड़ रुपये पर आ गया।
एलआईसी और भारती एयरटेल की वैल्यूएशन में शानदार उछाल
कमजोर बाजार के बीच बाकी पांच कंपनियों ने अपनी स्थिति मजबूत की और उनके संयुक्त बाजार पूंजीकरण में 55,149.45 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान सरकारी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को सबसे अधिक फायदा हुआ। एलआईसी का मार्केट कैप 26,438.49 करोड़ रुपये बढ़कर 5,23,330.31 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। दूरसंचार क्षेत्र की प्रमुख कंपनी भारती एयरटेल भी मुनाफे में रही और उसकी मार्केट वैल्यूएशन में 20,592.13 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ, जिससे इसका कुल मूल्यांकन 12,43,016.11 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी बजाज फाइनेंस ने भी बढ़त बनाई और इसका मूल्यांकन 3,548.79 करोड़ रुपये बढ़कर 6,77,197.34 करोड़ रुपये हो गया। बुनियादी ढांचा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) का बाजार पूंजीकरण 2,490.66 करोड़ रुपये की तेजी के साथ 5,58,973.11 करोड़ रुपये पर दर्ज किया गया। एफएमसीजी दिग्गज हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप भी 2,079.38 करोड़ रुपये बढ़कर 4,90,888.35 करोड़ रुपये पर बंद हुआ।
सूचकांकों का प्रदर्शन और बाजार की स्थिति
सप्ताह के दौरान मुख्य घरेलू सूचकांकों में निरंतर दबाव देखा गया। बीएसई सेंसेक्स में 489.92 अंक यानी 0.62 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं दूसरी ओर एनएसई निफ्टी भी 204.65 अंक यानी 0.83 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आईटी और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली के कारण शीर्ष कंपनियों के मार्केट कैप में यह बड़ा फेरबदल देखने को मिला है।



















