मुद्रा बाजार में पाउंड और जापानी येन के जोड़े में लगातार तीसरे सत्र में मंदी का रुख बना हुआ है, हालांकि इस दौरान विनिमय दर नए निचले स्तर को छूने से बच गई है। इस गतिविधि से संकेत मिलता है कि बाजार में खरीदार सक्रिय होने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनमें इतनी ताकत नहीं है कि वे विनिमय दर को पिछले सत्र के शुरुआती स्तर से ऊपर ले जा सकें। वर्तमान में यह क्रॉस-पेयर 207.99 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 207.85 से 0.07 प्रतिशत की मामूली बढ़त को दर्शाता है, जबकि दैनिक सत्र के दौरान यह दबाव में बना रहा।
बाजार ढांचा और तकनीकी रुझान
बाजार की संरचना का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि जीबीपी/जेपीवाई का रुझान मंदी की ओर है, खासकर तब जब 8 सितंबर को यह इस वर्ष के सबसे निचले स्तर 207.10 पर पहुंच गया था। इस स्तर के टूटने से बाजार में और अधिक गिरावट के द्वार खुल सकते हैं। यदि मोमेंटम की बात करें तो रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) ओवरसोल्ड क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है। हालांकि, बिकवाली की रफ्तार इतनी तेज है कि जब तक यह संकेतक 30 के स्तर को पार नहीं कर लेता, तब तक इस जोड़े में मंदी का दबाव बना रहेगा। लाइव तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, 14-अवधि का RSI 24 पर है और एमएसीडी -1.72 पर बना हुआ है, जो मंदी के रुझान को पुष्ट करता है।
प्रमुख समर्थन और अवरोध स्तर
मौजूदा स्थिति में नीचे की ओर पहला तात्कालिक समर्थन 208.00 के आसपास है। यदि इस सीमा का उल्लंघन होता है, तो विनिमय दर सीधे इस वर्ष के न्यूनतम स्तर 207.10 की ओर बढ़ जाएगी। इस महत्वपूर्ण बाधा के पार होने के बाद अगला पड़ाव 16 दिसंबर, 2025 का निचला स्तर 206.78 होगा, जिसके बाद क्रमशः 206.50 और 206.00 के स्तरों पर नजर रखी जाएगी। दूसरी ओर, यदि बाजार में तेजी की वापसी होती है, तो इस जोड़े को 8 सितंबर के उच्च स्तर 209.08 को पुनः प्राप्त करना होगा। ऐसा होने पर एक तेजी का पैटर्न बन सकता है, जो यह संकेत देगा कि खरीदारों ने बिकवाली करने वालों पर नियंत्रण पा लिया है।
अन्य मुद्राओं और वैश्विक बाजारों की स्थिति
व्यापक मुद्रा बाजार में विभिन्न करेंसियों के बीच उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। ऑस्ट्रेलियन डॉलर और अमेरिकी डॉलर के जोड़े में शुरुआती कारोबार के दौरान हल्की कमजोरी देखी जा रही है, जबकि निवेशक भू-राजनीतिक मोर्चे पर हो रहे घटनाक्रमों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। इसके अलावा, अमेरिकी ट्रेजरी के बायबैक ऐलान के बाद अमेरिकी डॉलर में सुधार आया है, जिससे यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी को बल मिला है, हालांकि जापान के मजबूत आर्थिक आंकड़ों के कारण बैंक ऑफ जापान द्वारा मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की उम्मीदें भी मजबूत हुई हैं। इसी तरह, अमेरिकी डॉलर पर बने दबाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच सोने की कीमतों में भी तेजी दर्ज की गई है और इसने प्रति ट्रॉय औंस 4,400 डॉलर के स्तर को पार कर लिया है।



















