अमेरिकी ट्रेजरी की ओर से सिक्योरिटीज की रीपरचेज योजना के सामने आने और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी के बीच विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की चाल फिलहाल सपाट बनी हुई है। डॉलर की मजबूती के शुरुआती संकेतों के बाद अमेरिकी सत्र में उठापटक देखने को मिली, जिसका असर प्रमुख करेंसी जोड़ियों पर भी साफ तौर पर महसूस किया गया। बाजार के निवेशक इस समय वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और आगामी आर्थिक डेटा के आने का इंतजार कर रहे हैं ताकि मुद्रा बाजार को एक नई दिशा मिल सके।
अमेरिकी बॉन्ड बाजार और ट्रेजरी का दखल
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने हाल ही में एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए यह जानकारी साझा की थी कि वह दस से बीस साल की परिपक्वता अवधि वाली लगभग 6 अरब डॉलर तक की बकाया सिक्योरिटीज की खरीद करेगा। इस घोषणा के सामने आते ही शुरुआती घंटों में अमेरिकी डॉलर में तेजी दर्ज की गई, हालांकि जैसे-जैसे उत्तरी अमेरिकी सत्र आगे बढ़ा, डॉलर की यह शुरुआती बढ़त फीकी पड़ गई। इसके साथ ही, ऊंचे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ने भी डॉलर में कमजोरी के प्रभाव को संतुलित करने का काम किया, जिससे करेंसी बाजार में एक असमंजस की स्थिति बनी रही।
मध्य पूर्व में तनाव और वैश्विक आर्थिक आंकड़े
मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव का माहौल लगातार बना हुआ है, विशेषकर होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास गतिविधियां तेज हैं। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों और युद्धपोतों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ वॉशिंगटन की निगाहें ईरानी तेल वाहक जहाजों पर टिकी हुई हैं। इस भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच, अमेरिकी मोर्चे पर रोजगार से जुड़े आंकड़े भी सामने आए हैं, जहां एडीपी एंप्लॉयमेंट चेंज का चार हफ्तों का औसत दस हजार से बढ़कर बारह हजार पर पहुंच गया है। अब निवेशकों की मुख्य निगाहें आने वाले गुरुवार को जारी होने वाले प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स पर टिकी हैं, जिसमें मासिक आधार पर शून्य प्रतिशत से बढ़कर 0.4 प्रतिशत और सालाना आधार पर 4.7 प्रतिशत से बढ़कर 5.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया का रुख और महंगाई का अनुमान
ऑस्ट्रेलिया के मोर्चे पर बात करें तो रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के डिप्टी गवर्नर हॉसर ने स्पष्ट किया है कि बैंक की आगामी बैठक में इस बात पर मुख्य रूप से चर्चा होगी कि ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की जाए या नहीं। बैंक ने इस साल पहले ही ब्याज दरों में 75 आधार अंकों का इजाफा करते हुए उन्हें 4.35 प्रतिशत के स्तर पर पहुंचा दिया है। आने वाले दिनों में ऑस्ट्रेलियाई आर्थिक कैलेंडर के तहत सितंबर महीने के लिए उपभोक्ता महंगाई के अनुमान जारी किए जाएंगे। यदि यह आंकड़े अगस्त के 4.9 प्रतिशत के स्तर से ऊपर रहते हैं, तो इससे बाजार में रिजर्व बैंक के प्रति अधिक आक्रामक रुख की उम्मीदें फिर से जाग सकती हैं।
तकनीकी स्तर और करेंसी जोड़ियों की स्थिति
तकनीकी मोर्चे पर, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी के लिए शुरुआती बाधा उस ऊपर की ओर जाने वाली ट्रेंड-लाइन के टूटने के पास लगभग 0.7354 पर है, जिसके बाद आगे के अवरोध 0.8597 और 0.9394 पर देखे जा रहे हैं। नीचे की तरफ, तत्काल सपोर्ट 0.7198 के आसपास मौजूद है, जिसके बाद लगभग 0.7057 पर मूविंग एवरेज क्लस्टर और 0.7017 तथा 0.6900 पर आरोही ट्रेंड-लाइन स्तर आते हैं, जबकि इसका एक गहरा संरचनात्मक आधार पिछले नीचे की ओर टूटने वाले ट्रेंड-लाइन स्तर 0.6385 के पास है। इसके अलावा, अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का प्रदर्शन भी विभिन्न दिशाओं में दर्ज किया गया है, जिसमें यह न्यूजीलैंड डॉलर के खिलाफ सबसे मजबूत स्थिति में रहा।
अन्य प्रमुख मुद्राओं और संपत्तियों की चाल
विस्तृत मुद्रा बाजार में, यूएसडी और जापानी येन की जोड़ी अमेरिकी सत्र के दौरान दबाव से उबरते हुए 153.50 के स्तर से ऊपर कारोबार करती नजर आई। अमेरिकी ट्रेजरी के बायबैक ऐलान के बाद अमेरिकी डॉलर ने वापसी की है, जिससे इस जोड़ी को थोड़ा सहारा मिला है। इसके साथ ही, जापान से आए मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने बैंक ऑफ जापान द्वारा मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की उम्मीदों को और बल दिया है। दूसरी ओर, सोने की कीमतों में भी तेजी लौटी है और यह लगातार तीन दिनों की गिरावट के सिलसिले को तोड़ते हुए प्रति ट्रॉय औंस के हिसाब से 4,400 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर को पार करने में सफल रहा है।


















