अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में मंगलवार को विभिन्न संपत्तियों में सुस्ती और उठापटक का मिलाजुला माहौल देखने को मिला। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन काफी हद तक एक सीमित दायरे में फंसा रहा, जबकि सोने के भाव और कार्डानो जैसी प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में नरमी दर्ज की गई। वहीं दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर केंद्रीय बैंक के ताजा ब्याज दर फैसले का मिलाजुला असर पड़ा है। वैश्विक निवेशक इस समय प्रमुख भू-राजनीतिक घटनाक्रमों, अमेरिकी मध्यावधि चुनावों और केंद्रीय बैंकों की भविष्य की मौद्रिक नीतियों को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं, जिसके चलते बड़े दिशात्मक सौदों से परहेज किया जा रहा है।
डॉलर के सामने जापानी येन का सीमित दायरा बरकरार
अमेरिकी डॉलर और जापानी येन के बीच विनिमय दर में स्थिरता का रुख हावी रहा। मंगलवार के कारोबारी सत्र के दौरान यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी पिछले सत्र की 158.00 तक की बढ़त को आंशिक रूप से गंवाते हुए मामूली रूप से नीचे आई। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अल्पकालिक स्तर पर डॉलर 157.45 और 158.20 के दायरे में कारोबार कर सकता है। इससे पहले बीते कारोबारी सत्र में यह मुद्रा जोड़ी 157.43 से 157.99 के एक अत्यंत संकीर्ण दायरे में सीमित रही थी, जिससे किसी नए दिशात्मक संकेत का अभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
मध्यम अवधि यानी एक से तीन हफ्तों के दृष्टिकोण पर नजर डालें तो बाजार में 28 अक्टूबर से ही यह धारणा बनी हुई है कि यह जोड़ी 157.00 से 158.60 के दायरे में ही बनी रहेगी। उस समय हाजिर भाव 157.85 के स्तर पर था। जापानी मुद्रा को संभावित सरकारी हस्तक्षेप के जोखिमों से एक हद तक सहारा मिल रहा है, क्योंकि अधिकारी अत्यधिक उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए तैयार रहते हैं। हालांकि बैंक ऑफ जापान द्वारा अगली दर वृद्धि के समय को लेकर बनी अनिश्चितता जापानी मुद्रा की बढ़त को सीमित कर रही है। दूसरी ओर, ईरान से जुड़े कूटनीतिक प्रयासों की उम्मीदों और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले डॉलर पर हल्का दबाव देखा गया है।
ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक की दर वृद्धि के बाद एयूडी में नरमी
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में मंगलवार को लगातार दूसरे कारोबारी दिन गिरावट का सिलसिला जारी रहा। एशियाई कारोबारी समय के दौरान एयूडी/यूएसडी गिरकर अपने दो सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया। यह गिरावट रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में की गई 25 आधार अंकों की बहुप्रतीक्षित बढ़ोतरी के तुरंत बाद दर्ज की गई।
हालांकि केंद्रीय बैंक का यह निर्णय पूरी तरह से सर्वसम्मत नहीं था। नीतिगत समिति के तीन सदस्यों ने दरों को मौजूदा 4.60 प्रतिशत के स्तर पर यथावत रखने के पक्ष में अपनी राय दी थी। इस मतविभाजन के चलते आने वाले दिनों में केंद्रीय बैंक द्वारा और अधिक सख्ती किए जाने की संभावनाओं को झटका लगा है। आगे आक्रामक बढ़ोतरी न होने की आशंका और डॉलर में मामूली मजबूती ने मिलकर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर नीचे की ओर दबाव बढ़ा दिया।
सोने के भाव 3,900 डॉलर के नीचे लुढ़के
कीमती धातुओं के बाजार में भी मंदी का असर देखने को मिला। यूरोपीय कारोबारी सत्र के शुरुआती हिस्से में सोने की कीमतें फिसलकर 3,900 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे चली गईं। पीली धातु अब अक्टूबर 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर की ओर देख रही है, जो स्तर पिछले सप्ताह बना था।
सोने पर यह दबाव मुख्य रूप से अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा मौद्रिक नीति में आगे और सख्ती जारी रखने की उम्मीदों के कारण बना हुआ है। हालिया आंकड़ों से पता चला है कि अमेरिका में विनिर्माण क्षेत्र की व्यावसायिक गतिविधियां अक्टूबर में लगातार 10वें महीने विस्तारित हुई हैं। इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट द्वारा जारी विनिर्माण पीएमआई अक्टूबर में बढ़कर 55.5 पर पहुंच गई, जो सितंबर में 54.5 के स्तर पर थी। यह आंकड़ा बाजार की आम सहमति के अनुमानों से अधिक रहा, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती और फेडरल रिजर्व द्वारा दरों को ऊंचा रखने की धारणा को बल मिला।
क्रिप्टोकरेंसी कार्डानो में बिकवाली का दबाव
डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में कार्डानो टोकन में गिरावट का रुख और गहरा गया। मंगलवार को एडीए का भाव फिसलकर 0.189 डॉलर के नीचे आ गया। इससे पिछले कारोबारी दिन इस टोकन ने अपने प्रमुख तकनीकी समर्थन क्षेत्र को तोड़ दिया था। डेरिवेटिव्स बाजार के मिलेजुले आंकड़े और सतर्क ऑन-चेन संकेतक निवेशकों के उत्साह को ठंडा कर रहे हैं। तकनीकी संकेतकों में आई कमजोरी यह दर्शा रही है कि आने वाले सत्रों में एडीए के भाव में और गिरावट का जोखिम बना रह सकता है।



















